{"_id":"6a7ad3db94cdaf785c0d98b6","slug":"up-which-industries-can-come-up-in-ttz-survey-begins-units-to-be-verified-on-10-key-parameters-2026-08-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: टीटीजेड में कौन-कौन से लगेंगे उद्योग? इकाइयों का सर्वे हुआ शुरू, इन 10 बिंदुओं पर हो रहा सत्यापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: टीटीजेड में कौन-कौन से लगेंगे उद्योग? इकाइयों का सर्वे हुआ शुरू, इन 10 बिंदुओं पर हो रहा सत्यापन
Tue, 11 Aug 2026 01:18 PM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 11 Aug 2026 01:18 PM IST
सार
ताजमहल संरक्षण क्षेत्र टीटीजेड में नए उद्योगों की स्थापना और पुराने उद्योगों के विस्तार के लिए इकाइयों का सर्वे शुरू हो गया है। संयुक्त टीम भू-उपयोग, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, वायु प्रदूषण और ट्रीटमेंट प्लांट समेत 10 बिंदुओं पर इकाइयों का सत्यापन कर रही है।
विज्ञापन
टीटीजेड चेयरमैन नगेंद्र प्रताप की अध्यक्षता में अहम बैठक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ताजमहल के संरक्षण के लिए बने ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में नए उद्योगों की स्थापना और पुराने उद्योगों के विस्तार के लिए सोमवार से सर्वे शुरू हो गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, उद्योग केंद्र और प्रशासन की संयुक्त टीम यह कार्य कर रही है।
टीम ने कुबेरपुर और फाउंड्री नगर में इकाइयों का सत्यापन किया है। इसमें भू-उपयोग, प्रोजेक्ट रिपोर्ट और वायु प्रदूषण स्कोर सहित 10 बिंदुओं की जांच की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने टीटीजेड में नए उद्योगों की स्थापना और पुराने उद्योगों के विस्तार पर दो साल से रोक लगा रखी थी। 23 जुलाई को शीर्ष अदालत ने 410 एमएसएमई इकाइयों की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश टीटीजेड प्राधिकरण को दिए।
इकाइयों की अनुमति के लिए टीटीजेड प्राधिकरण अध्यक्ष और मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप की सहमति अनिवार्य है। इसके साथ ही केंद्रीय अधिकार प्राप्त कमेटी (सीईसी) और नेशनल एन्वायरॉनमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (नीरी) के सदस्यों की सहमति भी जरूरी होगी। मंडलायुक्त ने इससे पहले भौतिक सत्यापन और सर्वे के लिए एक समिति बनाई थी। इस समिति में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित एसडीएम शामिल हैं।
विज्ञापन
पहले चरण का सर्वे
जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक शैलेंद्र सिंह ने बताया कि पहले चरण में 208 एमएसएमई इकाइयों का सर्वे किया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट टीटीजेड प्राधिकरण को भेजी जाएगी। इन 208 इकाइयों में से 54 इकाइयां पहले से स्थापित हैं। ये इकाइयां अपने उत्पादन का विस्तार करना चाहती हैं। उत्पादन विस्तार के लिए इन इकाइयों को अपना विद्युत भार बढ़ाना आवश्यक है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की रोक के कारण वे ऐसा नहीं कर पा रही थीं। अब सर्वे के बाद उन्हें उम्मीद है कि यह समस्या हल हो जाएगी। यह कदम क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा।
विज्ञापन
टीम ने कुबेरपुर और फाउंड्री नगर में इकाइयों का सत्यापन किया है। इसमें भू-उपयोग, प्रोजेक्ट रिपोर्ट और वायु प्रदूषण स्कोर सहित 10 बिंदुओं की जांच की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने टीटीजेड में नए उद्योगों की स्थापना और पुराने उद्योगों के विस्तार पर दो साल से रोक लगा रखी थी। 23 जुलाई को शीर्ष अदालत ने 410 एमएसएमई इकाइयों की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश टीटीजेड प्राधिकरण को दिए।
विज्ञापन
इकाइयों की अनुमति के लिए टीटीजेड प्राधिकरण अध्यक्ष और मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप की सहमति अनिवार्य है। इसके साथ ही केंद्रीय अधिकार प्राप्त कमेटी (सीईसी) और नेशनल एन्वायरॉनमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (नीरी) के सदस्यों की सहमति भी जरूरी होगी। मंडलायुक्त ने इससे पहले भौतिक सत्यापन और सर्वे के लिए एक समिति बनाई थी। इस समिति में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित एसडीएम शामिल हैं।
विज्ञापन
पहले चरण का सर्वे
जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक शैलेंद्र सिंह ने बताया कि पहले चरण में 208 एमएसएमई इकाइयों का सर्वे किया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट टीटीजेड प्राधिकरण को भेजी जाएगी। इन 208 इकाइयों में से 54 इकाइयां पहले से स्थापित हैं। ये इकाइयां अपने उत्पादन का विस्तार करना चाहती हैं। उत्पादन विस्तार के लिए इन इकाइयों को अपना विद्युत भार बढ़ाना आवश्यक है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की रोक के कारण वे ऐसा नहीं कर पा रही थीं। अब सर्वे के बाद उन्हें उम्मीद है कि यह समस्या हल हो जाएगी। यह कदम क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा।