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UP Police Bharti: बस थोड़ी सी लंबाई रह गई कम...363 युवाओं का टूटा वर्दी पहनने का सपना, अब कोई उपाय भी नहीं
Wed, 05 Feb 2025 09:36 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 05 Feb 2025 09:36 AM IST
सार
यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) पीईटी में 363 युवा लंबाई की वजह से वापस कर दिए गए। इसके साथ ही 300 अभ्यर्थियों ने त्रुटियां दूर कराने के लिए प्रमाणपत्रों का सत्यापन नहीं कराया।
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यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
खाकी वर्दी पहनकर कुछ कर गुजरने का जज्बा लिए पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा पास करने वाले 363 अभ्यर्थियों का सपना कम लंबाई के कारण टूट गया। वहीं करीब 300 अभ्यर्थियों ने त्रुटियां दूर कराने के लिए प्रमाणपत्रों का सत्यापन नहीं कराया। इस कारण वह भी वर्दी से वंचित रह गए।
पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा वर्ष 2024 में 23, 24, 25 एवं 30 व 31 अगस्त को शहर के 27 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। जिसमें 1,17,600 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी। साल्वर गिरोहों पर पुलिस की सख्ती समेत डिजिटल तकनीक का प्रयोग करने से 78,834 अभ्यर्थियों ने ही परीक्षा दी थी। परिणाम घोषित होने के बाद लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण 6,200 से अधिक अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों के सत्यापन एवं उनकी माप-तोल की प्रक्रिया 26 दिसंबर 2024 से तीन फरवरी तक पुलिस लाइन में की गईं।
इसमें लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्रों के सत्यापन के समय त्रुटि दूर कराकर लाना था। प्रमाणपत्रों के सत्यापन में दो अभ्यर्थियों को गिरफ्तार भी किया गया। दोनों ने अपनी जन्मतिथि में फेरबदल किया था। कमिश्नरेट में प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए 6,567 अभ्यर्थियों को आवंटित किया गया था। जिसमें 6,200 से अधिक अभ्यर्थी ही प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराने पहुंचे। जिसमें 363 अभ्यर्थी लंबाई एवं तीन सीना कम होने के चलते वर्दी पहनने का सपना टूट गया। वहीं, 300 से अधिक अभ्यर्थी प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराने नहीं आए। जिसका कारण पुलिस की सख्ती मानी जा रही है।
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परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों में त्रुटियां होने पर बोर्ड ने उन्हें संदिग्ध मानते हुए प्रोफाॅर्मा भरवाया था। हालांकि उन्हें परीक्षा देने से नहीं रोका था। प्रोफाॅर्मा भरवाने का उद्देश्य अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्रों की त्रुटि को सत्यापन के समय सही कराकर लाना था। प्रोफाॅर्मा भरने वाले ही अधिकांश अभ्यर्थी सत्यापन प्रक्रिया से दूरी बनाई। उन्हें अपने पकड़े जाने का डर सता रहा था। डीसीपी मुख्यालय सैयद अली अब्बास ने बताया कि प्रमाणपत्रों के सत्यापन में 300 से अधिक अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। संवाद
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पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा वर्ष 2024 में 23, 24, 25 एवं 30 व 31 अगस्त को शहर के 27 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। जिसमें 1,17,600 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी। साल्वर गिरोहों पर पुलिस की सख्ती समेत डिजिटल तकनीक का प्रयोग करने से 78,834 अभ्यर्थियों ने ही परीक्षा दी थी। परिणाम घोषित होने के बाद लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण 6,200 से अधिक अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों के सत्यापन एवं उनकी माप-तोल की प्रक्रिया 26 दिसंबर 2024 से तीन फरवरी तक पुलिस लाइन में की गईं।
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इसमें लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्रों के सत्यापन के समय त्रुटि दूर कराकर लाना था। प्रमाणपत्रों के सत्यापन में दो अभ्यर्थियों को गिरफ्तार भी किया गया। दोनों ने अपनी जन्मतिथि में फेरबदल किया था। कमिश्नरेट में प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए 6,567 अभ्यर्थियों को आवंटित किया गया था। जिसमें 6,200 से अधिक अभ्यर्थी ही प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराने पहुंचे। जिसमें 363 अभ्यर्थी लंबाई एवं तीन सीना कम होने के चलते वर्दी पहनने का सपना टूट गया। वहीं, 300 से अधिक अभ्यर्थी प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराने नहीं आए। जिसका कारण पुलिस की सख्ती मानी जा रही है।
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परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों में त्रुटियां होने पर बोर्ड ने उन्हें संदिग्ध मानते हुए प्रोफाॅर्मा भरवाया था। हालांकि उन्हें परीक्षा देने से नहीं रोका था। प्रोफाॅर्मा भरवाने का उद्देश्य अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्रों की त्रुटि को सत्यापन के समय सही कराकर लाना था। प्रोफाॅर्मा भरने वाले ही अधिकांश अभ्यर्थी सत्यापन प्रक्रिया से दूरी बनाई। उन्हें अपने पकड़े जाने का डर सता रहा था। डीसीपी मुख्यालय सैयद अली अब्बास ने बताया कि प्रमाणपत्रों के सत्यापन में 300 से अधिक अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। संवाद