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UP Election 2022: एटा की मारहरा सीट पर कल्याण और मुलायम की प्रतिष्ठा की परीक्षा, पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट
Sat, 19 Feb 2022 03:15 PM IST
मुकेश कुमार
राजीव वर्मा, अमर उजाला एटा
राजीव वर्मा, अमर उजाला एटा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 19 Feb 2022 03:15 PM IST
सार
एटा की मारहरा विधानसभा सीट से मुलायम सिंह यादव चुनाव लड़ चुके हैं। कल्याण सिंह का भी इस सीट से काफी लगाव रहा है। पिछले चुनाव में यह सीट भाजपा के खाते में गई थी।
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मारहरा सीट के प्रत्याशी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
यूं तो चुनाव हर बार की तरह कुछ प्रत्याशियों के बीच होना है, लेकिन मारहरा विधानसभा पर प्रत्याशियों से इतर असल परीक्षा पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत कल्याण सिंह और सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की प्रतिष्ठा की भी है। लोधी और यादव बहुल इस (तब निधौली कलां) सीट से जहां मुलायम सिंह 1993 में चुनाव लड़ चुके हैं। अब यहां से सपा के अमित गौरव यादव चुनावी रण में हैं।
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वहीं कल्याण सिंह का भी इस सीट से काफी लगाव रहा है। उन्होंने कई चुनावी रैलियां इस क्षेत्र में की हैं। उनके राजनीतिक शिष्य वीरेंद्र सिंह लोधी भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं, जो भाजपा से मौजूदा विधायक भी हैं। इनके अलावा बसपा से योगेश कुमार, कांग्रेस से तारा राजपूत और आम आदमी पार्टी से अर्जुन यादव भी प्रत्याशी हैं। कुल मिलाकर 13 प्रत्याशी यहां से किस्मत आजमा रहे हैं।
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भाजपा-सपा प्रत्याशियों का चौथी बार मुकाबला
भाजपा और सपा के प्रत्याशियों का इस चुनाव में चौथी बार मुकाबला हो रहा है। 2010 के उपचुनाव और इसके बाद 2012 के आम चुनाव में सपा के अमित गौरव ने बाजी मारी थी। जबकि 2017 में भाजपा के वीरेंद्र सिंह लोधी के खाते में जीत आई थी। इस बार भी दोनों के बीच रोचक और संघर्षपूर्ण मुकाबला है।
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परंपरागत मतदाताओं के सहारे जीत की आस
भाजपा को अपने परंपरागत मतदाताओं के सहारे जीत की आस है। यहां लोधी समाज का वोट सबसे ज्यादा 65 हजार है। भाजपा के प्रत्याशी भी इसी वर्ग से संबंध रखते हैं। जबकि पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, उनके पुत्र एटा सांसद राजवीर सिंह भी इसी जाति वर्ग से हैं। जिसके चलते भाजपा इसे अपनी मजबूत सीट मानती है।क्षत्रिय, ब्राह्मण और वैश्यों में से भी वोट मिलते हैं तो भाजपा की स्थिति और बेहतर हो सकती है। जबकि 55 हजार यादव, 19 हजार मुस्लिम सहित एससी और अन्य वर्गों के वोट पाने में सपा कामयाब हो जाती है तो पलड़ा इधर भी झुक सकता है। हालांकि एससी के कोर वोटरों के साथ बसपा उम्मीदवार भी अन्य मतदाताओं में सेंध लगाने का पूरा प्रयास कर रहे हैं।
मतदाताओं की बात
मिरहची कस्बा के किसान ब्रह्मानंद राजपूत कहते हैं कि सम्मान निधि से कुछ मदद मिली है। उम्मीद है सरकार बनी तो और कुछ अच्छा काम करेगी। वहीं गांव फालर के किसान सुजान सिंह का कहना है कि इस सरकार में सबसे ज्यादा समस्या और नुकसान गोवंश की वजह से उठाना पड़ा। सरकार ने कुछ नहीं किया।मारहरा कस्बा के राजेंद्र सिंह बघेल का कहना है कि काम तो हुए, लेकिन जरूरत के मुताबिक नहीं किए गए। कस्बे के ही आशीष वार्ष्णेय ने कहा कि पिछली सरकारों के मुकाबले कानून व्यवस्था बेहतर हुई है। हम सरकार से संतुष्ट हैं।
यह हैं प्रत्याशी
- भाजपा- वीरेंद्र सिंह लोधी विधायक
- सपा - अमित गौरव यादव
- बसपा - योगेश कुमार
- कांग्रेस - तारा राजपूत
- आप - अर्जुन यादव
- लोधी 65 हजार
- यादव 55 हजार
- एससी 55 हजार
- क्षत्रिय 21 हजार
- ब्राह्मण 20 हजार
- मुस्लिम 13 हजार
- वैश्य 11 हजार
- प्रत्याशी मत
- वीरेंद्र सिंह लोधी (भाजपा) 92507
- अमित गौरव यादव (सपा) 59075
- शलभ माहेश्वरी (बसपा) 31827
- मारहरा को तहसील बनाया जाए
- मिरहची को नगर पंचायत का दर्जा
- रोजगार के लिए कोई बड़ी परियोजना या कारखाना
- अतरंजी खेड़ा का पर्यटन स्थल के रूप में व्यवस्थित ढंग से विकास