यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने आगरा की अदालत में किया समर्पण, जमानत मंजूर
- फतेहपुर सीकरी में दर्ज मुकदमे के मामले में गैर जमानती वारंट जारी होने पर आए, पूर्व विधायक और पूर्व एमएलसी भी हुए पेश
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उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने बुधवार को आगरा के स्पेशल जज (एमएलए-एमपी) उमाकांत जिंदल की अदालत में समर्पण कर दिया। उनके साथ ही पूर्व विधानमंडल नेता और पूर्व विधायक प्रदीप माथुर, पूर्व एमएलसी विवेक बंसल भी कोर्ट में हाजिर हुए। तीनों कांग्रेसी नेताओं को कोर्ट ने ढाई घंटे बाद जमानत दे दी।
दोपहर 12 बजे तीनों कांग्रेसी नेता कोर्ट में हाजिर हुए। उनकी ओर से अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा और रामदत्त दिवाकर ने जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करते हुए कहा कि तीनों नेताओं ने कोई अपराध नहीं किया है। पुलिस ने राजनैतिक द्वेष के कारण झूठा फंसाया है। तीनों ने न तो धारा 188 और न ही महामारी अधिनियम का उल्लंघन किया।
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तीनों कांग्रेसी नेता अंतरिम जमानत पर थे। जिसकी अवधि खत्म होने पर अजय कुमार लल्लू अदालत में हाजिर नहीं हुए थे। जबकि पूर्व विधायक प्रदीप माथुर और पूर्व एमएलसी विवेक बंसल भी इसी मामले में सात जनवरी को हाजिर हो गए थे। इस पर अदालत ने इनकी अंतरिम जमानत की अवधि 13 जनवरी तक बढ़ा दी थी।
वास्तविकता है कि लॉकडाउन में प्रवासी मजदूर फंसे हुए थे। कांग्रेस के आह्वान पर राजस्थान सरकार ने उन लोगों को ले जाने के लिए यूपी की सीमा पर भेजा था। मगर, उन्हें आगरा प्रशासन ने निकलने की अनुमति नहीं दी। प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते अनुमति मांगी थी। बाद में तीनों नेताओं को झूठा फंसा दिया गया।
प्रदेश अध्यक्ष की ओर से इस आशय का शपथ पत्र भी अधिवक्ताओं ने प्रस्तुत किया। पांच जनवरी को स्वास्थ्य खराब होने की वजह से हाजिर नहीं हो सके थे। प्रदेश अध्यक्ष ने मेडिकल के साथ प्रार्थना पत्र भी कोर्ट में प्रस्तुत किया। इसमें कहा कि उन्होंने कोर्ट के आदेश का उल्लंघन नहीं किया है। सरकारी वकील ने जमानत का विरोध किया।
कोर्ट ने दिया यह आदेश
कोर्ट ने बहस सुनने के बाद जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया। इसके बाद आदेश में उल्लेख किया कि आरोपी नेताओं की ओर से किसी भी कोरोना योद्धा और स्वास्थ्य कर्मी के साथ कोई दुर्व्यवहार किए जाने का एफआईआर में नहीं दर्शाया गया है। मामला पांच वर्ष तक के कारावास से दंडनीय है।
कोर्ट ने आदेश किया कि तीनों नेताओं को 25-25 हजार के दो-दो जमानती और इतनी ही राशि के निजी मुचलकों को जमा करने और अंडर टेकिंग देने पर जमानत दी जाती है। नियत तिथि पर स्वयं अथवा अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में हाजिर रहेंगे। इस पर तीनों को रिहा कर दिया गया।
थाना फतेहपुर सीकरी में यह मुकदमा दर्ज हुआ था। तीनों नेताओं को अंतरिम जमानत मिली थी। पांच जनवरी को अंतरिम जमानत अवधि समाप्त होने पर पूर्व एमएलसी विवेक बंसल और पूर्व विधायक प्रदीप माथुर कोर्ट में हाजिर हुए थे, जबकि प्रदेश अध्यक्ष के कोर्ट में हाजिर नहीं होने पर गैर जमानती वारंट जारी हो गए थे।
न्यायालय से जमानत मिलने के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि सरकार के खिलाफ कांग्रेस पार्टी की लड़ाई जारी रहेगी। न दबे हैं, दबेंगे, न झुके हैं और न झुकेंगे। लल्लू ने बताया कि वह लॉकडाउन के दौरान मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए एक हजार बसों को लेकर राजस्थान बॉर्डर पर पहुंचे थे।
प्रदेश सरकार ने हमारी गिरफ्तारी करवाई। एक माह तक जेल में रहे, लेकिन न्याय पालिका पर हमें भरोसा है। इसी मामले में न्यायालय के समक्ष पेश हुए थे। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती का काम चल रहा है। कांग्रेस देश और प्रदेश से भाजपा की सरकारों को उखाड़ फेंकने के लिए सड़कों पर उतरकर संघर्ष करेगी।
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