{"_id":"5ef74cba8c52a9116e67168c","slug":"up-board-result-2020-10","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP Board Result 2020: अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति की मदद से मजदूर के बेटे ने जिले में पाया चौथा स्थान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP Board Result 2020: अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति की मदद से मजदूर के बेटे ने जिले में पाया चौथा स्थान
Sun, 28 Jun 2020 12:16 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 28 Jun 2020 12:16 AM IST
सार
हाईस्कूल के छात्र आलोक कुमार ने 91.66 फीसदी अंकों के साथ जनपद में चौथा स्थान प्राप्त किया है। वो शिक्षक बनना चाहते हैं।
विज्ञापन
जिले में हाईस्कूल के छात्र आलोक कुमार ने पाया चौथा स्थान
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा जिले के गांव नगला बेल निवासी मनरेगा मजदूर राम सेवक बर्गेश के बेटे आलोक कुमार ने यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में जिले की टॉप टेन सूची में चौथा स्थान प्राप्त किया है। उनके 91.66 प्रतिशत अंक हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि अगर उन्हें अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति न मिली होती तो यह सफलता मुश्किल थी। छात्रवृत्ति की रकम से उन्होंने मोबाइल फोन खरीदा और यू-ट्यूब की मदद से गणित और विज्ञान की पढ़ाई की।
विज्ञापन
UP Board Result 2020: हाईस्कूल में आगरा की अंशिका बघेल को प्रदेश में मिला पांचवा स्थान
विज्ञापन
आलोक श्री भगवान राम उम्मेद सिंह इंटर कॉलेज के छात्र हैं। मां सविता कुमार गृहिणी हैं। पिता चाहते हैं कि बेटा पढ़-लिखकर आगे बढ़े। आलोक को अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा पास करने पर छात्रवृत्ति मिली थी।
'ऑनलाइन पढ़ाई के लिए किया मोबाइल का इस्तेमाल '
उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन का इस्तेमाल सोशल मीडिया के लिए नहीं, ऑनलाइन पढ़ाई के लिए किया। उन्हें हिंदी में 100 में से 93, अंग्रेजी में 90, गणित में 94, विज्ञान में 96, सोशल स्टडी में 83 और कला में 94 अंक मिले।
बेटे की सफलता पर माता-पिता बोले, उन्हें इतनी खुशी है कि शब्दों में बयां नहीं कर सकते। छात्रवृत्ति मिलते ही उन्हें भरोसा हो गया था कि बेटा बोर्ड की परीक्षा में भी कामयाब होगा, क्योंकि वह मेहनत में कोई कमी नहीं छोड़ता है।
शिक्षक बनने का है सपना
छात्र आलोक ने बताया कि उसका सपना शिक्षक बनने का है। जिस देश में अच्छे शिक्षक हों, वह अवश्य प्रगति करता है, क्योंकि शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं।
अन्य खबरें:
बेटे की सफलता पर माता-पिता बोले, उन्हें इतनी खुशी है कि शब्दों में बयां नहीं कर सकते। छात्रवृत्ति मिलते ही उन्हें भरोसा हो गया था कि बेटा बोर्ड की परीक्षा में भी कामयाब होगा, क्योंकि वह मेहनत में कोई कमी नहीं छोड़ता है।
शिक्षक बनने का है सपना
छात्र आलोक ने बताया कि उसका सपना शिक्षक बनने का है। जिस देश में अच्छे शिक्षक हों, वह अवश्य प्रगति करता है, क्योंकि शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं।
अन्य खबरें: