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विविः परीक्षा केंद्र निर्धारण के लिए अपना साफ्टवेयर तैयार कराएगा
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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन सेमेस्टर परीक्षाओं के केंद्र बनाने के लिए अपना सॉफ्टवेयर तैयार कराएगा। किसी एजेंसी का सॉफ्टवेयर नहीं इस्तेमाल किया जाएगा। कॉलेजों की जियो टैगिंग का काम भी इसी हफ्ते शुरू किया जाना है।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बीए, बीएससी और बीकॉम प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रमों की परीक्षा कराने के लिए प्रस्तावित कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। मार्च के दूसरे सप्ताह से परीक्षाएं शुरू होनी हैं। इससे पहले सॉफ्टवेयर तैयार कराकर उसी पर कॉलेजों से जियो टैगिंग करानी है। जियो टैगिंग कराने के बाद टीमें बनाकर कॉलेजों में उपलब्ध संसाधनों व सुविधाओं का भौतिक सत्यापन भी कराया जाएगा। सभी कॉलेजों का डाटा उपलब्ध होने के बाद ही परीक्षा केंद्र निर्धारित किए जा सकेंगे। करीब 850 कॉलेजों में बीए, बीएससी और बीकॉम पाठ्यक्रम संचालित हैं।
विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने बताया कि एक माह के अंदर परीक्षा केंद्र निर्धारित किए जाने की योजना है। उसी के अनुरूप काम किया जा रहा है। कानपुर विश्वविद्यालय की प्रक्रिया समझ ली गई है। उसी आधार पर यहां भी परीक्षा केंद्र निर्धारित किए जाने हैं। परीक्षा केंद्र बनाने के लिए कानपुर विश्वविद्यालय का भी सॉफ्टवेयर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका परीक्षण भी हो चुका है। विश्वविद्यालय यदि किसी एजेंसी के माध्यम से भी सॉफ्टवेयर तैयार कराता है तो वह विश्वविद्यालय का अपना सॉफ्टवेयर होगा। उसे एजेंसी नहीं ले जा सकेगी। आने वाले बाकी सत्रों में भी उसी सॉफ्टवेयर से परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे।
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विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बीए, बीएससी और बीकॉम प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रमों की परीक्षा कराने के लिए प्रस्तावित कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। मार्च के दूसरे सप्ताह से परीक्षाएं शुरू होनी हैं। इससे पहले सॉफ्टवेयर तैयार कराकर उसी पर कॉलेजों से जियो टैगिंग करानी है। जियो टैगिंग कराने के बाद टीमें बनाकर कॉलेजों में उपलब्ध संसाधनों व सुविधाओं का भौतिक सत्यापन भी कराया जाएगा। सभी कॉलेजों का डाटा उपलब्ध होने के बाद ही परीक्षा केंद्र निर्धारित किए जा सकेंगे। करीब 850 कॉलेजों में बीए, बीएससी और बीकॉम पाठ्यक्रम संचालित हैं।
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विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने बताया कि एक माह के अंदर परीक्षा केंद्र निर्धारित किए जाने की योजना है। उसी के अनुरूप काम किया जा रहा है। कानपुर विश्वविद्यालय की प्रक्रिया समझ ली गई है। उसी आधार पर यहां भी परीक्षा केंद्र निर्धारित किए जाने हैं। परीक्षा केंद्र बनाने के लिए कानपुर विश्वविद्यालय का भी सॉफ्टवेयर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका परीक्षण भी हो चुका है। विश्वविद्यालय यदि किसी एजेंसी के माध्यम से भी सॉफ्टवेयर तैयार कराता है तो वह विश्वविद्यालय का अपना सॉफ्टवेयर होगा। उसे एजेंसी नहीं ले जा सकेगी। आने वाले बाकी सत्रों में भी उसी सॉफ्टवेयर से परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे।
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