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विविः संस्थानों में विषय विशेषज्ञ का इंतजार
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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के आवासीय इकाई के संस्थानों में विषय विशेषज्ञों का इंतजार बढ़ता जा रहा है। ये अतिथि शिक्षकों की जगह रखे जाने हैं। विषय विशेषज्ञों को रखे जाने की अभी तक प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो सकी है। राजभवन को भेजे गए प्रस्ताव का कोई जवाब नहीं आया है।
शासनादेश के अनुसार आवासीय इकाइयों के विभागों में 16 अगस्त से ही कक्षाएं लगनी शुरू हो गई हैं। विषय विशेषज्ञों की तैनाती न होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। संस्थानों के निदेशक व विभागाध्यक्ष गत सत्र में तैनात कुछ अतिथि शिक्षकों का सहयोग जरूर ले रहे हैं। इनको फिर रखा जाएगा या नहीं, यह निश्चित नहीं है। गत सत्र में की गई अतिथि शिक्षकों की तैनाती की जांच चल रही है। ऐसे में प्रभारी कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने चालू सत्र में विषय विशेषज्ञ रखे जाने का प्रस्ताव गत माह ही राजभवन को भेजा था। वहां से सहमति आने का इंतजार किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति का कहना है कि राजभवन की सहमति प्राप्त होने के बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी। सहमति आने का इंतजार किया जा रहा है।
विश्वविद्यालय में नियमित और संविदा शिक्षकों की कमी है। तमाम संस्थान अतिथि शिक्षकों के भरोसे चलते हैं। गत सत्र में ही 102 अतिथि शिक्षक रखे गए हैं। चालू सत्र में इनकी भरपाई नहीं हो सकी है।
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शासनादेश के अनुसार आवासीय इकाइयों के विभागों में 16 अगस्त से ही कक्षाएं लगनी शुरू हो गई हैं। विषय विशेषज्ञों की तैनाती न होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। संस्थानों के निदेशक व विभागाध्यक्ष गत सत्र में तैनात कुछ अतिथि शिक्षकों का सहयोग जरूर ले रहे हैं। इनको फिर रखा जाएगा या नहीं, यह निश्चित नहीं है। गत सत्र में की गई अतिथि शिक्षकों की तैनाती की जांच चल रही है। ऐसे में प्रभारी कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने चालू सत्र में विषय विशेषज्ञ रखे जाने का प्रस्ताव गत माह ही राजभवन को भेजा था। वहां से सहमति आने का इंतजार किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति का कहना है कि राजभवन की सहमति प्राप्त होने के बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी। सहमति आने का इंतजार किया जा रहा है।
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विश्वविद्यालय में नियमित और संविदा शिक्षकों की कमी है। तमाम संस्थान अतिथि शिक्षकों के भरोसे चलते हैं। गत सत्र में ही 102 अतिथि शिक्षक रखे गए हैं। चालू सत्र में इनकी भरपाई नहीं हो सकी है।
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