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विविः शिक्षकों की छुट्टियां शुरू, रोस्टर नहीं लगाया
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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों व संस्थानों में 10 जून से शिक्षकों की छुट्टियां शुरू हो गईं। 10 जुलाई तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित है। छुट्टियों के दौरान स्नातक द्वितीय सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के लिए शिक्षकों का रोस्टर नहीं लगाया गया है। ऑनलाइन पढ़ाई की भी व्यवस्था नहीं बनाई गई है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्नातक प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं 29 अप्रैल 2022 को समाप्त हुई। 30 अप्रैल से ही मुख्य परीक्षाएं शुरू करा दी गईं। स्नातक द्वितीय सेमेस्टर की कक्षाएं व्यवस्थित रूप से सभी कॉलेजों में नहीं लग पाईं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मौखिक रूप से तो यह कहा कि कॉलेज अपनी व्यवस्था के अनुरूप शिक्षकों से छात्र-छात्राओं को पढ़वा सकते हैं, रोस्टर से कॉलेज बुला सकते हैं। पर, कोई लिखित दिशा-निर्देश नहीं दिए गए। कॉलेजों के प्राचार्यों ने महज परीक्षा में ड्यूटी देने वाले शिक्षकों को छोड़कर बाकी को ग्रीष्मकालीन अवकाश की मंजूरी दे दी है। विश्वविद्यालय प्रति कुलपति प्रो. अजय तनेजा का कहना है कि प्रभारी कुलपति ने प्राचार्यों के साथ हुई बैठक में मौखिक रूप से पढ़ाई के लिए अपने स्तर से व्यवस्था बनाने के लिए कहा था।
सेंट जोंस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि जिन शिक्षकाें की परीक्षा में ड्यूटी लगी है, उनको छोड़कर बाकी शिक्षकों की छुट्टी है। 10 जुलाई तक ग्रीष्मकालीन अवकाश है। इस अवधि में पढ़ाई के लिए शिक्षकों को नहीं बुलाया जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालय की ओर से कोई लिखित आदेश नहीं दिया गया है। वोकेशनल पाठ्यक्रमों की कक्षाएं शनिवार तक लगेंगी, उसे भी बंद कर दिया जाएगा, छात्र-छात्राएं भी छुट्टियों की मांग कर रहे हैं।
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आगरा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनुराग शुक्ल का कहना है कि कॉलेज में 174 शिक्षक हैं। मुख्य परीक्षा में करीब 20 फीसदी शिक्षकों की ड्यूटी है, बाकी शिक्षक ग्रीष्मकालीन अवकाश पर चले गए, 10 जुलाई के बाद शिक्षक लौटेंगे। इस अवधि में शिक्षकों से छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन या ऑफलाइन पढ़वाने के लिए विश्वविद्यालय की ओर से कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किया गया था, इसलिए पढ़ाने की व्यवस्था नहीं बनाई गई है।
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्नातक प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं 29 अप्रैल 2022 को समाप्त हुई। 30 अप्रैल से ही मुख्य परीक्षाएं शुरू करा दी गईं। स्नातक द्वितीय सेमेस्टर की कक्षाएं व्यवस्थित रूप से सभी कॉलेजों में नहीं लग पाईं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मौखिक रूप से तो यह कहा कि कॉलेज अपनी व्यवस्था के अनुरूप शिक्षकों से छात्र-छात्राओं को पढ़वा सकते हैं, रोस्टर से कॉलेज बुला सकते हैं। पर, कोई लिखित दिशा-निर्देश नहीं दिए गए। कॉलेजों के प्राचार्यों ने महज परीक्षा में ड्यूटी देने वाले शिक्षकों को छोड़कर बाकी को ग्रीष्मकालीन अवकाश की मंजूरी दे दी है। विश्वविद्यालय प्रति कुलपति प्रो. अजय तनेजा का कहना है कि प्रभारी कुलपति ने प्राचार्यों के साथ हुई बैठक में मौखिक रूप से पढ़ाई के लिए अपने स्तर से व्यवस्था बनाने के लिए कहा था।
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सेंट जोंस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि जिन शिक्षकाें की परीक्षा में ड्यूटी लगी है, उनको छोड़कर बाकी शिक्षकों की छुट्टी है। 10 जुलाई तक ग्रीष्मकालीन अवकाश है। इस अवधि में पढ़ाई के लिए शिक्षकों को नहीं बुलाया जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालय की ओर से कोई लिखित आदेश नहीं दिया गया है। वोकेशनल पाठ्यक्रमों की कक्षाएं शनिवार तक लगेंगी, उसे भी बंद कर दिया जाएगा, छात्र-छात्राएं भी छुट्टियों की मांग कर रहे हैं।
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आगरा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनुराग शुक्ल का कहना है कि कॉलेज में 174 शिक्षक हैं। मुख्य परीक्षा में करीब 20 फीसदी शिक्षकों की ड्यूटी है, बाकी शिक्षक ग्रीष्मकालीन अवकाश पर चले गए, 10 जुलाई के बाद शिक्षक लौटेंगे। इस अवधि में शिक्षकों से छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन या ऑफलाइन पढ़वाने के लिए विश्वविद्यालय की ओर से कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किया गया था, इसलिए पढ़ाने की व्यवस्था नहीं बनाई गई है।