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फर्जी मार्कशीट प्रकरण में गिरफ्तारी शुरू
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 28 Jan 2016 02:17 AM IST
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डा. बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी के चर्चित फर्जी मार्कशीट प्रकरण में आरोपियों की गिरफ्तारी शुरू होने से जबरदस्त हड़कंप मच गया है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने यूनिवर्सिटी के खंदारी कैंपस में तैनात क्लर्क रणवीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उसे लखनऊ में कोर्ट में पेश किया गया। वहां से जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए एसआईटी के अधिकारी तीन दिन तक आगरा में डेरा डाले रहे।
रणवीर सिंह मूलरूप से फीरोजाबाद के रहने वाले हैं। वर्तमान में न्यू आगरा के कृष्णापुरम, मऊ रोड पर रह रहे हैं। मुकदमा अपराध संख्या तीन /2014 में उन्हें आरोपी पाया गया था। रणवीर सिंह 2005 से 2015 तक बीएड सेक्शन में तैनात रहे हैं। इस दौरान जाली मार्कशीट बेची गईं। इनका रिकार्ड गोपनीय चार्ट में दर्ज किया गया।
यह केस धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में दर्ज किया गया था। इसकी विवेचना पहले आगरा पुलिस ने की, लेकिन बाद में केस एसआईटी को ट्रांसफर कर दिया गया। एसआईटी ने उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए लखनऊ बुलाया था। वहीं से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें नोटिस तामील कराने के लिए जांच एजेंसी की एक टीम इससे पहले आगरा आई थी। उधर, इस कार्रवाई का पता चलते ही यूनिवर्सिटी में हड़कंप मच गया है।
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रणवीर सिंह मूलरूप से फीरोजाबाद के रहने वाले हैं। वर्तमान में न्यू आगरा के कृष्णापुरम, मऊ रोड पर रह रहे हैं। मुकदमा अपराध संख्या तीन /2014 में उन्हें आरोपी पाया गया था। रणवीर सिंह 2005 से 2015 तक बीएड सेक्शन में तैनात रहे हैं। इस दौरान जाली मार्कशीट बेची गईं। इनका रिकार्ड गोपनीय चार्ट में दर्ज किया गया।
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यह केस धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में दर्ज किया गया था। इसकी विवेचना पहले आगरा पुलिस ने की, लेकिन बाद में केस एसआईटी को ट्रांसफर कर दिया गया। एसआईटी ने उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए लखनऊ बुलाया था। वहीं से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें नोटिस तामील कराने के लिए जांच एजेंसी की एक टीम इससे पहले आगरा आई थी। उधर, इस कार्रवाई का पता चलते ही यूनिवर्सिटी में हड़कंप मच गया है।
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