AmarUjala75: केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल बोले-पत्र ही नहीं मित्र भी है अमर उजाला
अमर उजाला के 75वें स्थापना दिवस पर केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा कि अमर उजाला पत्र ही नहीं मित्र भी है। नई पीढ़ी को अखबार जरूर पढ़ना चाहिए।
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा कार्यालय में मंगलवार को अमर उजाला का 75वां स्थापना दिवस मनाया गया। देशभर से लोगों ने अमर उजाला की 75 वर्षों की यात्रा पर अपने विचार साझा। इसी कड़ी में केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल अमर उजाला को समाचार पत्र ही नहीं मित्र भी मानते हैं। उनका मानना है कि जितना समय आजकल लोग मोबाइल पर व्यतीत करते हैं, उतना नियमित अखबार पढ़ने में करें तो सामायिक विषयों की अच्छी जानकारी हो जाएगी। नई पीढ़ी को अखबार पढ़ना चाहिए।
अमर उजाला ने गुणवत्ता और विश्वनीयता को कायम रखा
अपने लंबे राजनीतिक करियर के दौरान मैंने एक अखबार के रूप में अमर उजाला की खबरों में हमेशा ही निष्पक्षता व पारदर्शिता देखी। यह अमर उजाला के संस्थापकों स्वर्गीय डोरीलाल जी और मुरारीलाल माहेश्वरी जी की तपस्या का ही असर है कि 75 वर्ष के लंबे कार्यकाल में अमर उजाला ने खबरों की गुणवत्ता और विश्वनीयता को कायम रखा है।
गाड़ी में रखता हूं पत्रिका या अखबार
इस दरम्यान तमाम अखबार शुरू हुए और बंद हो गए, क्योंकि उनका उद्देश्य सामाजिक सरोकारों वाली पत्रकारिता नहीं थी। मैं 24 घंटे की व्यस्तता के दौरान भी अखबार और किताब पढ़ने के लिए समय निकाल ही लेता हूं। फोन की जगह अपनी गाड़ी में पत्रिका या अखबार रखता हूं। नई पीढ़ी को करंट टॉपिक के लिए नियमित अखबार पढ़ना चाहिए।
अमर उजाला सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने में हमेशा रहता आगे
कहा कि इसमें न केवल सम सामायिक विषयों की जानकारी होती है बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों की जानकारी के साथ ही जन से जुड़े मामलों के लिए जागरूकता की खबरें भी होती हैं। जैसे गिरता भूगर्भ जल स्तर हो या फिर ओजोन की परत का क्षरण। अमर उजाला सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने में भी हमेशा आगे रहता है। बात रन फॉर यूनिटी की हो, स्वास्थ्य, शिक्षा, सफाई सहित अन्य कार्यक्रम अखबार खुद करता है।