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पुलिस की एकतरफा कार्रवाई पर थाने में भारी हंगामा
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sat, 04 Apr 2015 01:33 AM IST
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सत्ता के दबाव में पुलिस किस कदर आंखें मूंद सकती है, इसका उदाहरण कमला नगर में उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष डा. अनिल यादव का उनके घर के सामने पुतला फूंकने के दौरान हुए हमले में दिखा। प्रदर्शन करने वाले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं को लोकसेवा आयोग अध्यक्ष के समर्थक लाठियों से पीटते रहे और पुलिस तमाशबीन बनी रही। दबाव में पुलिस ने एबीवीपी के दो कार्यकर्ताओं को ही गिरफ्तार कर लिया। संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज करने पर भाजपा नेताओं ने साढ़े चार घंटे तक न्यू आगरा थाने के बाहर प्रदर्शन किया। पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बवाल की आशंका से कई थाने की फोर्स को बुला ली गई। पुलिस अधिकारी एबीवीपी कार्यकर्ताओं की तरफ से मुकदमा दर्ज करने को तैयार नहीं हुए। इस पर भाजपा नेताओं ने गिरफ्तारी देने का एलान किया। शाम साढ़े सात बजे भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं को पुलिस गिरफ्तार करके कलेक्ट्रेट ले गई, जहां से उन्हें रिहा कर दिया गया।
एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हुए हमले और उन पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में दोपहर तीन बजे दर्जनों कार्यकर्ता थाना न्यू आगरा पहुंच गए। नवीन गौतम और प्रशांत सिंह की रिहाई की मांग करने लगे। पुलिस ने यहां पर पहुंचे कार्यकर्ता सौरभ और आशीष शास्त्री को भी हिरासत में लेकर हवालात में डाल दिया। इस पर पदाधिकारी भड़क गए। जानकारी पर भाजपा विधायक जगन प्रसाद गर्ग सहित अन्य भाजपा नेता थाने पहुंचे। यहां डा. अनिल यादव के समर्थकों नेे विधायक के साथ अभद्रता कर दी। उनसे खींचतान करने लगे। पुलिस मूकदर्शक बनी रही। इस पर भाजपाइयों ने थाने के गेट पर धरना शुरू कर दिया। पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए।
भाजपा पूर्व महानगर अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस सत्ता के दबाव में एकतरफा कार्रवाई कर रही है। विधायक जगन प्रसाद गर्ग का कहना है कि छात्रों ने प्रदर्शन किया था। उन पर हमला बोला गया। पुलिस ने विधायक से वार्ता का प्रयास किया, लेकिन वह रिहाई से पहले तक किसी बात को मानने से इंकार कर दिया। एसपी सिटी को एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने भी हमले की तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर को जांच में शामिल करने की बात कही। इस पर भाजपा नेताओं ने अपनी गिरफ्तारी देने का एलान कर दिया। कई थानों की पुलिस फोर्स पहुंची। पुलिस लाइन से वाहन भी मंगा लिया। पुलिस भाजपाइयों को गिरफ्तार कर दो वाहनों से कलेक्ट्रेट ले आई। बाद में सांसद चौधरी बाबूलाल ने भी कलेक्ट्रेट पहुंचकर गिरफ्तारी दी।
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गिरफ्तार देने वालों में सांसद के साथ विधायक जगन प्रसाद गर्ग, रामप्रताप सिंह चौहान, अशोक राना, नागेंद्र प्रसाद दुबे गामा, शिवशंकर शर्मा, प्रमोद गुप्ता, कुंदनिका शर्मा, रामकुमार शर्मा, अनिल चौधरी, विजय शिवहरे, दीपक खरे, शरद चौहान, अशफाक सैफी, अजय जैसवाल सहित भाजपा नेता और कार्यकर्ता शामिल हैं।
एक घंटे में मुकदमा और गिरफ्तारी
भाजपा नेताओं का कहना है कि पुलिस इतने दबाव में थी कि एक घंटे के अंदर ही एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया। उनकी गिरफ्तारी भी कर ली। भाजपा नेताओं के थाने से हटने के बाद गिरफ्तार नेताओं को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया।
एबीवीपी की तहरीर पर जांच
पुलिस ने जहां लोकसेवा आयोग अध्यक्ष के भाई अरविंद यादव की तहरीर पर कुछ ही देर में मुकदमा दर्ज कर लिया, वहीं दूसरी तरफ एबीवीपी के कार्यकर्ताओं की तहरीर पर जांच की बात कह कर टाल दिया। पुलिस का तर्क था कि एक घटना में दो मुकदमे दर्ज नहीं किए जाते हैं। संगठन की ओर से लिखा गया था कि सभी कार्यकर्ता शांति पूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। इसके बावजूद उन पर हमला बोला गया। वहां मौजूद पुलिस ने भी इस घटना को देखा।
पहले से ही रची गई थी हमले की साजिश
प्रदर्शनकारियों पर हमले की साजिश पहले से ही रची गई थी। आरोप है कि आयोग अध्यक्ष के घरवाले गुंडे बुलाए थे। एबीवीपी कार्यकर्ताआें को पीटने के बाद अधिवक्ताओं की ओर से उन पर मुकदमा दर्ज कराने की योजना थी।
पथराव से राहगीरों में भगदड़
हमलावरों ने पथराव किया तो सड़क पर भगदड़ मच गई। एकाएक हुए हमले से लोग घराें में दुबक गए। राहगीर भी अपनी जान बचाने के लिए दौड़ पड़े। युवतियां ने किसी तरह अपने आप को बचाया।
भगवान टाकीज पर लगा जाम
थाने पर हंगामे के चलते भगवान टाकीज पर जाम लग गया। सैकड़ों वाहन फंस गए। कुछ ही देर में नगला पदी रोड और सर्विस रोड पर भी वाहनों की लंबी लाइन लग गई।
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एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हुए हमले और उन पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में दोपहर तीन बजे दर्जनों कार्यकर्ता थाना न्यू आगरा पहुंच गए। नवीन गौतम और प्रशांत सिंह की रिहाई की मांग करने लगे। पुलिस ने यहां पर पहुंचे कार्यकर्ता सौरभ और आशीष शास्त्री को भी हिरासत में लेकर हवालात में डाल दिया। इस पर पदाधिकारी भड़क गए। जानकारी पर भाजपा विधायक जगन प्रसाद गर्ग सहित अन्य भाजपा नेता थाने पहुंचे। यहां डा. अनिल यादव के समर्थकों नेे विधायक के साथ अभद्रता कर दी। उनसे खींचतान करने लगे। पुलिस मूकदर्शक बनी रही। इस पर भाजपाइयों ने थाने के गेट पर धरना शुरू कर दिया। पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए।
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भाजपा पूर्व महानगर अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस सत्ता के दबाव में एकतरफा कार्रवाई कर रही है। विधायक जगन प्रसाद गर्ग का कहना है कि छात्रों ने प्रदर्शन किया था। उन पर हमला बोला गया। पुलिस ने विधायक से वार्ता का प्रयास किया, लेकिन वह रिहाई से पहले तक किसी बात को मानने से इंकार कर दिया। एसपी सिटी को एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने भी हमले की तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर को जांच में शामिल करने की बात कही। इस पर भाजपा नेताओं ने अपनी गिरफ्तारी देने का एलान कर दिया। कई थानों की पुलिस फोर्स पहुंची। पुलिस लाइन से वाहन भी मंगा लिया। पुलिस भाजपाइयों को गिरफ्तार कर दो वाहनों से कलेक्ट्रेट ले आई। बाद में सांसद चौधरी बाबूलाल ने भी कलेक्ट्रेट पहुंचकर गिरफ्तारी दी।
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गिरफ्तार देने वालों में सांसद के साथ विधायक जगन प्रसाद गर्ग, रामप्रताप सिंह चौहान, अशोक राना, नागेंद्र प्रसाद दुबे गामा, शिवशंकर शर्मा, प्रमोद गुप्ता, कुंदनिका शर्मा, रामकुमार शर्मा, अनिल चौधरी, विजय शिवहरे, दीपक खरे, शरद चौहान, अशफाक सैफी, अजय जैसवाल सहित भाजपा नेता और कार्यकर्ता शामिल हैं।
एक घंटे में मुकदमा और गिरफ्तारी
भाजपा नेताओं का कहना है कि पुलिस इतने दबाव में थी कि एक घंटे के अंदर ही एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया। उनकी गिरफ्तारी भी कर ली। भाजपा नेताओं के थाने से हटने के बाद गिरफ्तार नेताओं को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया।
एबीवीपी की तहरीर पर जांच
पुलिस ने जहां लोकसेवा आयोग अध्यक्ष के भाई अरविंद यादव की तहरीर पर कुछ ही देर में मुकदमा दर्ज कर लिया, वहीं दूसरी तरफ एबीवीपी के कार्यकर्ताओं की तहरीर पर जांच की बात कह कर टाल दिया। पुलिस का तर्क था कि एक घटना में दो मुकदमे दर्ज नहीं किए जाते हैं। संगठन की ओर से लिखा गया था कि सभी कार्यकर्ता शांति पूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। इसके बावजूद उन पर हमला बोला गया। वहां मौजूद पुलिस ने भी इस घटना को देखा।
पहले से ही रची गई थी हमले की साजिश
प्रदर्शनकारियों पर हमले की साजिश पहले से ही रची गई थी। आरोप है कि आयोग अध्यक्ष के घरवाले गुंडे बुलाए थे। एबीवीपी कार्यकर्ताआें को पीटने के बाद अधिवक्ताओं की ओर से उन पर मुकदमा दर्ज कराने की योजना थी।
पथराव से राहगीरों में भगदड़
हमलावरों ने पथराव किया तो सड़क पर भगदड़ मच गई। एकाएक हुए हमले से लोग घराें में दुबक गए। राहगीर भी अपनी जान बचाने के लिए दौड़ पड़े। युवतियां ने किसी तरह अपने आप को बचाया।
भगवान टाकीज पर लगा जाम
थाने पर हंगामे के चलते भगवान टाकीज पर जाम लग गया। सैकड़ों वाहन फंस गए। कुछ ही देर में नगला पदी रोड और सर्विस रोड पर भी वाहनों की लंबी लाइन लग गई।