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संकट में 14 लाल, सरकार पर टिकीं सबकी निगाहें

Sat, 26 Feb 2022 12:12 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 26 Feb 2022 12:12 AM IST
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कासगंज यूक्रेन देश में फंसा छात्र शोभित माहेश्वरी - फोटो : KASGANJ
संकट में 14 लाल, सरकार पर टिकीं सबकी निगाहें
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- एटा-कासगंज जिले रहने वाले हैं ये सभी यूक्रेन में ले रहे हैं मेडिकल और इंजीनियरिंग की शिक्षा
- युद्ध के कारण फ्लाइट रद होने से फंसे हैं यूक्रेन के विभिन्न शहरों में
संवाद न्यूज एजेंसी
कासगंज/एटा। रूस के द्वारा यूक्रेन पर हमला किए जाने से एटा-कासगंज के 14 विद्यार्थी यूक्रेन के विविध शहरों में फंसे हुए हैं। ये सभी वहां मेडिकल और इंजीनियरिंग की शिक्षा ले रहे हैं। बिगड़े के चलते सभी फ्लाइट(उड़ान) रद हैं। ऐसे में सभी वहीं फंसे हैं। कोई पानी तो कोई बिजली और कोई भोजन के संकट से जूझ रहा है। अब सबकी निगाहें केंद्र सरकार पर टिकीं हैं। परिवार के लोग डीएम के माध्यम से केंद्र सरकार से अपने बच्चों की सुरक्षित वापसी की गुहार लगा रहे हैं। वहीं पल-पल बच्चों का हालचाल भी रहे हैं।
टर्नेपिल सिटी में फंसी है शिवानी
कासगंज। शहर की आवास विकास कॉलोनी निवासी वीरेंद्र कुमार सिंह की पुत्री शिवानी सिंह यूक्रेन के टर्नेपिल सिटी में एमबीबीएस तृतीय वर्ष का अध्ययन कर रही है। अभी टर्नेपिल सिटी में कोई अटैक नहीं हुआ है, लेकिन वहां दहशत का माहौल बना हुआ है। बेटी की भारत वापसी के लिए पिता गुहार लगा रहे हैं। पिता वीरेंद्र सिंह का कहना है कि बेटी को पोलैंड के रास्ते भारत लाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन टर्नेपिल सिटी में खौफ का आलम है। खान-पान की वस्तुओं का संकट होने लगा है। शिवानी की मां गीता सिंह भी पल पल उसका हाल जान रहीं हैं।
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स्टोर में मिली केवल मैगी : गर्विता
कासगंज। यूक्रेन के विनीसिया में प्रियदर्शन माहेश्वरी की पुत्री गर्विता माहेश्वरी एमबीबीएस तृतीय वर्ष की छात्रा है। वह हॉस्टल में रह रही है। गर्विता ने परिजन को बताया कि कल की बमबारी और बिगड़े हालातों के बाद मॉल व स्टोर से खान पान का सामान लोगों ने खरीद लिया। सामान की आपूर्ति प्रभावित हो गई है। जब वह स्टोर में खरीदारी के लिए गई तो से मैगी ही मिल पाई। खाने पीने के सामान का अभाव हो गया है। वह अभी भी हॉस्टल में रह रही है। वहीं घरवालों ने भारत सरकार व प्रशासन से मांग की है कि बच्चों को वापस भारत बुलाया जाए।
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4-6 चम्मच चावल खाकर चलाया काम
कासगंज। विनीसिया में एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्र शोभित माहेश्वरी हॉस्टल से 350 किलोमीटर दूर खार कीव में फंसा है। बृहस्पतिवार को वापसी की फ्लाइट पकड़नी थी, हमला होने के बाद फ्लाइटें रोक दी गईं। शोभित वापस हॉस्टल भी नहीं पहुंच पाया है। जैसे तैसे और छात्रों की मदद से रात गुजारी। शुक्रवार को दिन में छात्रों के पास मौजूद चावल बनाकर खाए। 4-6 चम्मच चावल उसके हिस्से में आए। पिता राजकुमार ने यह पूरा वाकया सुनाया। कहा, बच्चों के पास पर्याप्त पैसे नहीं है। लोग केवल कैश मांग रहे हैं। रात को एक जगह रुकने के लिए 50-50 डॉलर के हिसाब से रकम मांगी गई। हालत बिगड़ने से पल पल शोभित की चिंता सता रही है।
डरा हुआ है शिवकुमार, मदद की गुहार
कासगंज। पटियाली तहसील क्षेत्र के गांव खिजरपुर का शिवकुमार यूक्रेेन के जापोरीज्ज्या में एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष का छात्र है। पिता कृष्णपाल सिंह का कहना है कि यूक्रेन में जापोरीज्ज्या में हालात बेहद खराब हैं। युद्ध की वजह से शिवकुमार काफी डरा हुआ है और भयभीत है। उससे टेलीफोन पर संपर्क हो रहा है, लेकिन सभी असहाय हैं। किसी तरह की कोई मदद नहीं हो पा रही। बच्चों के सामने खाने पीने का संकट है। वहां चारों तरफ अफरा तफरी का माहौल है। किसी तरह की मदद नहीं मिल पा रही। केंद्र सरकार बच्चों को जल्द से भारत बुलाए और तत्काल मदद भेजे।
पानी का भी होने लगा संकट
कासगंज। यूक्रेन के खार कीव में गंगागढ़ का छात्र गिर्राज यादव एयरक्राफ्ट टेक्नीशियन की शिक्षा ले रहा है। यूक्रेन में रूस खार कीव शहर पर लगातार मिसाइल व बम से हमले कर रहा है। खार कीव में स्थिति बेहद खराब है। बार बार विस्फोटों की आवाज से दहशत का माहौल है। गिर्राज यादव ने परिजनों को बताया कि वहां बिजली, पानी का संकट होने लगा है। खाने पीने की चीजें भी नहीं मिल पा रहीं। हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। खार कीव में कभी भी कुछ भी हो सकता है। क्योंकि खार कीव पर रूस का निशाना ज्यादा है।

चारों तरफ है दहशत का आलम : दामिनी
कासगंज। आवास विकास कॉलोनी निवासी छोटे लाल की पुत्री दामिनी शाक्य यूक्रेन के डिनिप्रो शहर में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा है। युद्ध के बाद से लगातार दामिनी से उसके पिता छोटे लाल व मां संपर्क में हैं, लेकिन यह संपर्क बीच में टूट जाता है। माहौल काफी खराब है। दहशत की स्थिति बनी हुई है। पिता छोटेलाल ने बताया कि डेनिप्रो शहर में सेना का एयरबेस भी है। जहां बमबारी की पूरी आशंका है। इसे लेकर सभी बच्चे डरे हुए हैं। अभी तक बच्चे हॉस्टल में सुरक्षित हैं, लेकिन युद्ध के हालात में कभी भी कुछ हो सकता है।

कासगंज यूक्रेन देश में फंसी छात्रा शिवानी सिंह

कासगंज यूक्रेन देश में फंसी छात्रा शिवानी सिंह- फोटो : KASGANJ

कासगंज यूक्रेन देश में फंसा छात्र गिर्राज यादव

कासगंज यूक्रेन देश में फंसा छात्र गिर्राज यादव- फोटो : KASGANJ

कासगंज यूक्रेन देश में फंसी छात्रा गर्विता माहेश्वरी

कासगंज यूक्रेन देश में फंसी छात्रा गर्विता माहेश्वरी- फोटो : KASGANJ

कासगंज यूक्रेन देश में फंसी छात्रा दामिनी ।

कासगंज यूक्रेन देश में फंसी छात्रा दामिनी ।- फोटो : KASGANJ

कासगंज यूक्रेन देश में फंसा  का छात्र शिवकुमार ।

कासगंज यूक्रेन देश में फंसा का छात्र शिवकुमार ।- फोटो : KASGANJ

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