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मुन्ने को बीमार कर रहा ये लाड़: दूध में दो चम्मच चीनी, पाउडर का प्यार... दे रहा मधुमेह-कोलेस्ट्राॅल
Sun, 14 Jul 2024 09:18 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
धर्मेंद्र त्यागी, आगरा
धर्मेंद्र त्यागी, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 14 Jul 2024 09:18 AM IST
सार
बच्चों के लिए खाने पीने की चीजों में लाड़ उनको बीमार कर रहा है। फास्ट फूड, चॉकलेट खाने से भी बच्चों में तीन गुना कैलोरी बढ़ती हैं, जिसकी वजह से किशोरावस्था में उनमें रोग मिल रहे हैं।
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चम्मच
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बच्चा दूध नहीं पीता था, दो चम्मच हेल्थ पाउडर-चीनी मिलाई और झट से गिलास खाली हो गया। अधिकतर माताओं को यही तसल्ली है कि कैसे भी हो बच्चे दूध तो पी रहे हैं। पर, हकीकत में ये लत बच्चों में बड़े होने पर 5 बीमारियों की पोषक है। एसएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के अध्ययन में यह सामने आया है कि ऐसी लत वाले 18 फीसदी युवाओं में टाइप-2 मधुमेह, कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, हृदय रोग और उच्च रक्तचाप हो रहा है।
मेडिसिन विभाग के डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि 30 साल तक के 464 मरीजों के अध्ययन में सबसे कम उम्र के मरीज की उम्र 14 साल रही। परिजन से पता चला कि बचपन से चीनी-हेल्थ पाउडर मिलाकर दो बार दूध पिलाते थे। खेलकूद, पैदल चलना और अन्य शारीरिक गतिविधियां सामान्य से भी कम रहींं। वजन भी सामान्य तौर पर डेढ़ गुना था।
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मेडिसिन विभाग के डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि 30 साल तक के 464 मरीजों के अध्ययन में सबसे कम उम्र के मरीज की उम्र 14 साल रही। परिजन से पता चला कि बचपन से चीनी-हेल्थ पाउडर मिलाकर दो बार दूध पिलाते थे। खेलकूद, पैदल चलना और अन्य शारीरिक गतिविधियां सामान्य से भी कम रहींं। वजन भी सामान्य तौर पर डेढ़ गुना था।
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कुल 18 फीसदी मरीजों में लगभग यही स्थिति मिली। फास्ट फूड, मिठाई, चॉकलेट भी लेने से दिन में 40-50 ग्राम चीनी और 15-20 ग्राम तक शरीर में नमक पहुंचा। इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस होने पर ग्लूकोज कोशिकाओं में न जाकर रक्त में जमने लगा। इससे टाइप-2 डायबिटीज बन गई। कोलेस्ट्रॉल भी बढ़ा मिला।
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खेलकूद नहीं करने से जमा हो रही ज्यादा कैलोरी
मेडिसिन विभाग के डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि फास्ट फूड, शीतलपेय, व्यावसायिक खाद्य सामग्री और बचपन में मीठा अधिक खाने से बच्चों के शरीर में जरूरत से तीन गुना कैलोरी पहुंच रही है। खेलकूद, साइकिल न चलाने, पैदल न चलने से अतिरिक्त कैलोरी नष्ट नहीं हो रही। मोटापा से 20-25 की उम्र में कोलेस्ट्रॉल, उच्च रक्तचाप और 30 की उम्र में हृदय संबंधी परेशानी हो रही है। किडनी-लिवर संबंधी दिक्कतें भी पनप रही हैं। अध्ययन में पाया कि जो बीमारियां 35-40 की उम्र के बाद मिलती थीं, अब वे 10 साल पहले दस्तक दे रही हैं।
मेडिसिन विभाग के डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि फास्ट फूड, शीतलपेय, व्यावसायिक खाद्य सामग्री और बचपन में मीठा अधिक खाने से बच्चों के शरीर में जरूरत से तीन गुना कैलोरी पहुंच रही है। खेलकूद, साइकिल न चलाने, पैदल न चलने से अतिरिक्त कैलोरी नष्ट नहीं हो रही। मोटापा से 20-25 की उम्र में कोलेस्ट्रॉल, उच्च रक्तचाप और 30 की उम्र में हृदय संबंधी परेशानी हो रही है। किडनी-लिवर संबंधी दिक्कतें भी पनप रही हैं। अध्ययन में पाया कि जो बीमारियां 35-40 की उम्र के बाद मिलती थीं, अब वे 10 साल पहले दस्तक दे रही हैं।
हेल्थ पाउडर में आधी चीनी
उत्तर प्रदेश इंडियन पीडियाट्रिक्स एकेडमी के उपाध्यक्ष डॉ. अरुण जैन ने बताया कि 85 फीसदी माताएं बच्चों को सुबह दूध में चीनी, हेल्थ पाउडर और बिस्किट देती हैं। हेल्थ पाउडर में तो 50 फीसदी चीनी है। इस तरह से बच्चे जरूरत से कई गुना शर्करा और नमक खा रहे हैं। इसके दुष्प्रभाव से बच्चे कुपोषित या मोटे हो रहे हैं। हकीकत में बच्चों के विकास में हेल्थ पाउडर-चीनी की जरूरत नहीं है। अनाज, दाल, फल, हरी तरकारी, दूध-पनीर समेत अन्य आहार से ही प्राकृतिक रूप से जरूरी शर्करा-पोषक तत्वों की पूर्ति हो जाती है।
उत्तर प्रदेश इंडियन पीडियाट्रिक्स एकेडमी के उपाध्यक्ष डॉ. अरुण जैन ने बताया कि 85 फीसदी माताएं बच्चों को सुबह दूध में चीनी, हेल्थ पाउडर और बिस्किट देती हैं। हेल्थ पाउडर में तो 50 फीसदी चीनी है। इस तरह से बच्चे जरूरत से कई गुना शर्करा और नमक खा रहे हैं। इसके दुष्प्रभाव से बच्चे कुपोषित या मोटे हो रहे हैं। हकीकत में बच्चों के विकास में हेल्थ पाउडर-चीनी की जरूरत नहीं है। अनाज, दाल, फल, हरी तरकारी, दूध-पनीर समेत अन्य आहार से ही प्राकृतिक रूप से जरूरी शर्करा-पोषक तत्वों की पूर्ति हो जाती है।
डॉक्टरों की ये सलाह :
- शुरू से ही बिना चीनी के दूध दें, स्वाद लगने पर लत छुड़ाना आसान नहीं।
- नाश्ते में बिस्किट, चाय न दें। चॉकलेट-फास्ट फूड की अति न करें।
- बच्चों को रोजाना साइकिल चलाने, खेलकूद करने, पैदल चलने पर जोर दें।
- नाश्ते में पोहे, उपमा, दाल का चीला समेत अन्य पौष्टिक भोजन दें।
- बच्चों को हेल्थ पाउडर देने से बचें। फल, सलाद और प्राकृतिक पोषक तत्व दें।
- शुरू से ही बिना चीनी के दूध दें, स्वाद लगने पर लत छुड़ाना आसान नहीं।
- नाश्ते में बिस्किट, चाय न दें। चॉकलेट-फास्ट फूड की अति न करें।
- बच्चों को रोजाना साइकिल चलाने, खेलकूद करने, पैदल चलने पर जोर दें।
- नाश्ते में पोहे, उपमा, दाल का चीला समेत अन्य पौष्टिक भोजन दें।
- बच्चों को हेल्थ पाउडर देने से बचें। फल, सलाद और प्राकृतिक पोषक तत्व दें।