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आंवलखेड़ा में दो अवैध अस्पताल सील, झोलाछाप भागा
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बरहन। स्वास्थ्य विभाग ने आंवलखेड़ा में दो अवैध अस्पताल सील कर दिए हैं। इनमेें से एक आयुर्वेद चिकित्सक का था। दूसरा हॉस्पिटल झोलाछाप का था। मौके पर 13 मरीज मिले, जिनमें छह भर्ती थे। इनको सीएचसी में भर्ती कराया है। टेंट की मेजों पर मरीजों के इलाज का वीडियो वायरल करने के बाद टीम ने छापा मारा था।
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि वीडियो वायरल होने के बाद एसीएमओ के नेतृत्व में टीम ने आंवलखेड़ा के दिव्यांशी मल्टी हॉस्पिटल पर छापा मारा। यहां डॉ. राहुल सिंह मिले, इनसे चिकित्सकीय डिग्री मांगी तो यह बीएएमएस थे। अस्पताल का पंजीकरण और पैरामेडिकल स्टॉफ और अन्य डॉक्टरों के पैनल की सूची मांगी तो वह दिखा नहीं पाए। अस्पताल में आठ मरीज मिले, पांच भर्ती थे, इनका एलोपैथी से इलाज कर रहे थे। अस्पताल सील करते हुए इनको नोटिस दिया है। टीम को आसपास के लोगों से पता चला कि चार-पांच साल से अस्पताल चला रहे हैं।
सीएमओ ने बताया कि आंवलखेड़ा में ही राधे मेडिकेयर सेंटर पर छापा मारा। यह झोलाछाप दुकान में अस्पताल चला रहा था। यहां एक मरीज भर्ती मिला, इसे ड्रिप लग रही थी। चार मरीज बाहर खड़े हुए थे। मरीज से पूछताछ में पता चला कि टीम को देखकर झोलाछाप भाग गया है। बोर्ड पर डॉ. सागर आगरा वाले लिखा था। 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं और सभी प्रकार की बीमारियों के इलाज करने का दावा भी बोर्ड पर लिखा था।
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निर्माणाधीन इमारत में टेंट की मेजों पर इलाज का वीडियो वायरल होने के बाद टीम मौके पर पहुंची। यहां कोई नहीं मिला। कमरों में बायोमेडिकल वेस्ट मिला था। आसपास के लोगों से पूछताछ में टीम को कोई सटीक जानकारी नहीं मिली।
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सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि वीडियो वायरल होने के बाद एसीएमओ के नेतृत्व में टीम ने आंवलखेड़ा के दिव्यांशी मल्टी हॉस्पिटल पर छापा मारा। यहां डॉ. राहुल सिंह मिले, इनसे चिकित्सकीय डिग्री मांगी तो यह बीएएमएस थे। अस्पताल का पंजीकरण और पैरामेडिकल स्टॉफ और अन्य डॉक्टरों के पैनल की सूची मांगी तो वह दिखा नहीं पाए। अस्पताल में आठ मरीज मिले, पांच भर्ती थे, इनका एलोपैथी से इलाज कर रहे थे। अस्पताल सील करते हुए इनको नोटिस दिया है। टीम को आसपास के लोगों से पता चला कि चार-पांच साल से अस्पताल चला रहे हैं।
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सीएमओ ने बताया कि आंवलखेड़ा में ही राधे मेडिकेयर सेंटर पर छापा मारा। यह झोलाछाप दुकान में अस्पताल चला रहा था। यहां एक मरीज भर्ती मिला, इसे ड्रिप लग रही थी। चार मरीज बाहर खड़े हुए थे। मरीज से पूछताछ में पता चला कि टीम को देखकर झोलाछाप भाग गया है। बोर्ड पर डॉ. सागर आगरा वाले लिखा था। 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं और सभी प्रकार की बीमारियों के इलाज करने का दावा भी बोर्ड पर लिखा था।
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निर्माणाधीन इमारत में टेंट की मेजों पर इलाज का वीडियो वायरल होने के बाद टीम मौके पर पहुंची। यहां कोई नहीं मिला। कमरों में बायोमेडिकल वेस्ट मिला था। आसपास के लोगों से पूछताछ में टीम को कोई सटीक जानकारी नहीं मिली।