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कासगंज: नौकरी दिलाने के नाम पर 500 बेरोजगारों से 35 लाख रुपये की ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार

Sun, 08 May 2022 06:56 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 08 May 2022 06:56 PM IST
सार

आरोपियों ने एनजीओ में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों युवाओं से सिक्योरिटी के नाम पर रकम ली है। इसके बाद युवाओं को फर्जी नियुक्ति पत्र और आईडी कार्ड थमा दिए। जब वेतन नहीं दिया तो लोगों ने शिकायत की।  
 

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two accused arrested for fruad of Rs 35 lakh in the name of jobs in kasganj
धोखाधड़ी के मामले का खुलासा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कासगंज जिले में नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी कर ठगी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी एनजीओ में काम दिलाने का झांसा देकर सिक्योरिटा के नाम पर रुपये वसूलते थे। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों ने 500 बेरोजगार युवाओं से धोखाधड़ी कर करीब 35 लाख रुपये हड़पे हैं। पुलिस ने रविवार को इस पूरे प्रकरण का खुलासा किया। 

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तीन दिन पूर्व सिढ़पुरा पुलिस को गांव कलानी निवासी जितेंद्र सोलंकी ने तहरीर दी। तहरीर में कहा था कि एक वर्ष पूर्व कुलदीप शर्मा निवासी ग्राम सिकहरा उनके पास आया और पुत्री महक सोलंकी के नाम से एनजीओ खुलवाने के लिए बात की। 3500 रुपये सिक्योरिटी देने के लिए कहा। उसके बाद 3500 रुपये प्रतिमाह वेतन बताया। 

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गिरोह में शामिल हैं 50 लोग 

आरोपी कुलदीप ने एक फर्जी नियुक्ति पत्र, आईकार्ड व कुर्सी मेज दे दी। महक ने एनजीओ के लिए काम करना शुरू कर दिया, लेकिन जब वेतन नहीं आया तो जानकारी करने पर मालूम हुआ कि गुलनाज प्रशिक्षण संस्थान अकरम सिद्दीकी व सलमान सिद्दीकी सिढ़पुरा का है। जिनके साथ नितेश भारद्वाज निवासी ग्राम जौहरी, प्रशांत उपाध्याय निवासी गंजडुंडवारा, रवि कुमार निवासी खोजपुर और गजेंद्र सिंह निवासी मोहनपुर समेत 50 अन्य अज्ञात लोग इस धोखाधड़ी में शामिल रहे। 

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एसपी रोहन प्रमोद बोत्रे का कहना है कि धोखाधड़ी के दो आरोपी सलमान सिद्दीकी और नितेश भारद्वाज को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेजा है। अन्य की तलाश जारी है। पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि जिले में और जिले के बाहर 500 महिलाओं के साथ धोखाधड़ी हुई है। जिनसे धन लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इस तरह से करीब 35 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला पुलिस के संज्ञान में आया। 

2017 में पंजीकृत कराया था एनजीओ

एसपी रोहन प्रमोद बोत्रे ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सलमान सिद्दीकी ने पूछताछ में बताया है कि गुलनाज प्रशिक्षण केंद्र वर्ष 2017 में पंजीकृत कराया गया था। प्रशिक्षण केंद्र में दो जिला प्रभारी नियुक्त किए गए। 45 सुपरवाइजर एवं गांव स्तर पर 450 सेंटर बनाए गए। जिला प्रभारियों को 50-50 हजार रुपये। 

सुपरवाइजरों से 40-40 हजार रुपये और सेंटर पर नियुक्त टीचरों से 3500 रुपये एडवांस सिक्योरिटी के रूप में लिए। जिसके एवज में क्रमश: जिला प्रभारी को 20 हजार, सुपरवाइजर को 15 हजार व सेंटर टीचर को 3500 रुपये वेतन देने का वादा किया, लेकिन किसी को वेतन नहीं दिया और वसूला धन हड़प लिया।

सीओ पटियाली के नेतृत्व में टीम गठित

धोखाधड़ी का बड़ा मामला होने के कारण एसपी ने टीम का गठन किया है। इस टीम में पटियाली पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच को भी जांच पड़ताल और साक्ष्य संकलन के लिए लगाया गया है। 

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