Agra: शेर को शाबाशी तो मिली...इमदाद नहीं, अग्निवीर बनने का है सपना, पढ़ें- झुग्गी में रहने वाले छात्र की कहानी
झुग्गी बस्ती में रहने वाले छात्र शेर अली खान ने इस वर्ष हाईस्कूल की परीक्षा प्रथम श्रेणी से पास की है। अब वह किताबें और दाखिले के लिए मेहनत कर रहा है।
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आगरा के पंचकुइयां स्थित शिक्षा भवन के पास झुग्गी बस्ती का लाल शेर अली खान हाईस्कूल की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास करके भले की भारत सरकार के ट्विटर हैंडल पर छाया हो, मगर उसे शाबाशी से ज्यादा आगे पढ़ाई के लिए इमदाद की जरूरत है। उसका कहना है कि अभी ग्यारहवीं के लिए किताबें खरीदनी हैं। इसके लिए वह मेहनत कर रहा है।
झुग्गी बस्ती में अपने आठ भाई-बहनों के साथ रहने वाले 17 वर्षीय शेर अली दूसरे बच्चों के साथ ही एमजी रोड पर कारों के शीशे साफ करता था, लेकिन आठ साल पहले सामाजिक कार्यकर्ता नरेश पारस ने इन बच्चों को पढ़ाना शुरू किया था। इन्हीं बच्चों में शामिल शेर अली ने हाईस्कूल की परीक्षा को प्रथम श्रेणी में पास किया तो झुग्गियों के बच्चों में उत्साह छाया हुआ है।
अग्निवार बनने की है अच्छा
भारत सरकार ने ट्विटर हैंडल पर शेर के हौसले को सराहा और शाबाशी दी, मगर इससे उसके जीवन में कोई बदलाव नहीं आया। शेर अली ने अग्निवीर बनने की इच्छा जाहिर की थी। शनिवार को वह अपने पिता रंगीलाल के साथ नींबू मिर्च (नजरौटा) दुकानों में लगाने गया था।
शेर अली ने बताया कि अब उसे ग्यारहवीं की पढ़ाई करनी है। इसके लिए किताबें और स्टेशनरी की जरूरत है। मोमबत्ती व मोबाइल की रोशनी में पढ़ाई करनी पड़ती है। इसके लिए वह दिन रात मेहनत कर रहा है, ताकि परिवार को चलाने के साथ ही पढ़ाई का खर्च भी उठा सकूं। शेर अली का कहना है कि लोगों की मदद मिले तो कुछ बात बने।
बस्ती के बच्चे बोले, हमारा भी फोटो छपेगा, हम पढ़ेंगे
झुग्गी बस्ती निवासी कामिनी, निर्जला, सोहेल, संजीत, आजाद शेर अली की उपलब्धि से खासे उत्साहित हैं। उनका कहना है कि वह भी आगे पढ़ना चाहते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता नरेश पारस इन बच्चों का दाखिला आठवीं व नौंवी कक्षाओं में स्कूलों में कराने में लगे हैं। उनका कहना है कि 10 बच्चे आगे पढ़ने के लिए तैयार हुए हैं। इनका दाखिला करा रहे हैं।