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अब मैनपुरी में भी पर्यटन उद्योग को लगेंगे पंख
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24एमएनपी-30-शहर स्थित महाराजा तेजसिंह का किला
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। जिले में दम तोड़ रही पर्यटन नीति को अब फिर एक बार पंख लगने की उम्मीद जगी है। शासन ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक पर्यटन केंद्र विकसित करने के आदेश दिए हैं। इसके लिए जिलाधिकारी को जल्द स्थलों का चिह्नांकन कर उन्हें विकसित कराने के आदेश दिए गए हैं।
जिले में चार विधानसभाएं हैं। इसमें मैनपुरी सदर, भोगांव, किशनी और करहल शामिल हैं। आयुक्त ग्राम्य विकास के रवींद्र नायक की ओर से जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में इन चारों विधानसभाओं में एक-एक पर्यटन स्थल विकसित करने के लिए कहा गया है। ये केंद्र ऐसे होंगे, जहां लोग आकर्षित हों। इसके लिए क्षेत्र का प्रसिद्ध और चर्चित स्थान ही चिह्नित किया जाना है। आदेश आने के बाद प्रशासन जहां स्थलों के चिह्नित करने में जुट गया है तो वहीं लोगों को भी उम्मीद जगी है। हालांकि जिले में कई केंद्र ऐसे हैं, जिन्हें पर्यटन के रूप में विकसित किया जा सकता है। जल्द ही प्रशासन द्वारा स्थलों का चयन करने के बाद उन्हें विकसित करने के लिए योजना तैयार की जाएगी।
प्रथम चरण में इन पर हो रहा विचार
शासन से आदेश आने के बाद प्रथम दृष्टया कुछ स्थानों पर विचार हो रहा है। इसमें किशनी के समान पक्षी विहार को प्राथमिकता देने के साथ ही औंछा में च्यवन ऋषि आश्रम, घिरोर में मार्कंडेय आश्रम, बेवर में विदुर आश्रम आदि पर विचार किया जा रहा है। हालांकि अब तक इन पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। पूरी जांच पड़ताल के बाद ही इन पर निर्णय लिया जाएगा।
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लोगों को मिलेगा रोजगार
जिले में पर्यटन केंद्र विकसित होने से रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। दरअसल जिस क्षेत्र में इन केंद्रों को विकसित किया जाएगा, वहां आसपास रहने वाले लोगों को रोजगार मिलने से फायदा होगा। जब लोग बाहर से आएंगे तो यहां अन्य रोजगार भी सृजित होंगे।
शासन से आदेश आने के बाद जिलाधिकारी के निर्देशन में स्थलों के चिह्नित करने काकार्य किया जा रहा है। जल्द ही चिह्नांकन के बाद शासन की मंशा के अनुसार पर्यटन स्थलों को विकसित किया जाएगा।
नगेंद्र शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी।
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जिले में चार विधानसभाएं हैं। इसमें मैनपुरी सदर, भोगांव, किशनी और करहल शामिल हैं। आयुक्त ग्राम्य विकास के रवींद्र नायक की ओर से जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में इन चारों विधानसभाओं में एक-एक पर्यटन स्थल विकसित करने के लिए कहा गया है। ये केंद्र ऐसे होंगे, जहां लोग आकर्षित हों। इसके लिए क्षेत्र का प्रसिद्ध और चर्चित स्थान ही चिह्नित किया जाना है। आदेश आने के बाद प्रशासन जहां स्थलों के चिह्नित करने में जुट गया है तो वहीं लोगों को भी उम्मीद जगी है। हालांकि जिले में कई केंद्र ऐसे हैं, जिन्हें पर्यटन के रूप में विकसित किया जा सकता है। जल्द ही प्रशासन द्वारा स्थलों का चयन करने के बाद उन्हें विकसित करने के लिए योजना तैयार की जाएगी।
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प्रथम चरण में इन पर हो रहा विचार
शासन से आदेश आने के बाद प्रथम दृष्टया कुछ स्थानों पर विचार हो रहा है। इसमें किशनी के समान पक्षी विहार को प्राथमिकता देने के साथ ही औंछा में च्यवन ऋषि आश्रम, घिरोर में मार्कंडेय आश्रम, बेवर में विदुर आश्रम आदि पर विचार किया जा रहा है। हालांकि अब तक इन पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। पूरी जांच पड़ताल के बाद ही इन पर निर्णय लिया जाएगा।
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लोगों को मिलेगा रोजगार
जिले में पर्यटन केंद्र विकसित होने से रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। दरअसल जिस क्षेत्र में इन केंद्रों को विकसित किया जाएगा, वहां आसपास रहने वाले लोगों को रोजगार मिलने से फायदा होगा। जब लोग बाहर से आएंगे तो यहां अन्य रोजगार भी सृजित होंगे।
शासन से आदेश आने के बाद जिलाधिकारी के निर्देशन में स्थलों के चिह्नित करने काकार्य किया जा रहा है। जल्द ही चिह्नांकन के बाद शासन की मंशा के अनुसार पर्यटन स्थलों को विकसित किया जाएगा।
नगेंद्र शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी।