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खराब टीटीएसपी ठीक हो तो लोगों को मिले पानी
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खराब टीटीएसपी ठीक हो तो लोगों को मिले पानी
गर्मी में पानी के लिए भटक रहे लोग, 653 टैंक टाइप स्टैंड पोस्ट में अधिकांश खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। जिले के सभी नौ ब्लॉकों मेें 2007 में 653 टीटीएसपी (टैंक टाइप स्टैंड पोस्ट) 35 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किए गए थे। जिससे लोगों को खासकर गर्मी में पानी की दिक्कत न हों। इसमें से कुछ स्थापित होने के बाद तो कइयों ने धीरे-धीरे काम करना बंद कर दिया। नतीजतन जिन गांवों में पानी का स्तर गर्मी में नीचे चला गया है और हैंडपंपों ने काम करना बंद कर दिया है, वहां के लोग पानी के लिए भटक रहे हैं। सूत्रों और ग्राम पंचायत से जुड़े जनप्रतिनिधियों की मानें तो जिले में स्थापित 653 टीटीएसपी में आधे से अधिक विभिन्न वजहों से काम नहीं कर रही हैं। जल निगम हो या फिर ग्राम पंचायत किसी भी स्तर से सुधार करने की ओर ध्यान ही नहीं दिया। पंचायती राज विभाग को सूची का इंतजार है तो जल निगम 2017 से बजट न मिलने का रोना रो रहा है। जो भी हो गांवों के लोग तो पानी के लिए परेशान हैं।
जिले में कुल टीटीएसपी -653
एक टीटीएसपी की लागत- छह से सात लाख रुपये
टीटीएसपी के टैंक की क्षमता - 3000 लीटर
केस नं. एक...
नारखी ब्लाक का राजपुर कोटला की आबादी करीब ढाई हजार है। डोरसा मोहम्मदपुर एवं राजपुर में टीटीएसपी की स्थापना की गई। लाखों की लागत से इस टंकी की स्थापना होने के बाद सुधार की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया गया। जलनिगम टीटीएसपी की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की होने का जवाब देकर चुप्पी साध ली है। ग्रामीण जनता पीने के पानी की तलाश में भटक रही है।
केस नं. दो...
हाथवंत ब्लाक के अन्तर्गत आने वाले गांव कोंडर के ग्रामीणों को टीटीएसपी के स्थापित होने पर खुशी हुई थी। वर्तमान में यह ग्रामीणों के लिए शोपीस बनी हुइ है। कारण कि खराब होने के बाद सुधारने की किसी ने सुध नहीं ली। तीन हजार आबादी वाले इस गांव के लोग पानी की तलाश में भटकते हैं। ग्रामीणों की मानें तो हैंडपंप खराब हैं। न इन्हें सुधारा जा रहा है न टीटीएसपी को।
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केस नं. तीन..
हाथवंत ग्राम पंचायत के पोहपगढ़ में पानी खारा होने के कारण हैंडपंप काम नहीं करते। डेढ़ हजार आबादी वाले गांव में टीटीएसपी की स्थापना की गई। दो सबमर्सिबल पंप लगाए गए। इसके बाद भी टंकी चालू नहीं रह सकी। वर्तमान में टंकी बंद है। टोटियां गायब हो गईं है। ग्रामीण प्राइवेट सबमर्सिबल पंप के संचालकों से पानी खरीदने को खरीदने को विवश हैं। शिकायत तो कई बार की गई लेकिन सुधार की ओर ध्यान नहीं दिया गया।
ब्लॉकवार स्थापित टीटीएसपी
ब्लॉक कुल टीटीएसपी
फिरोजाबाद -81
टूंडला -150
जसराना -33
एका -42
नारखी -141
मदनपुर -66
अरांव -13
हाथवंत -59
शिकोहाबाद -68
----------------------------------
कुल -653
----------------------------------
शिकायत के बाद भी नहीं हो रही सुनवाई
- गांव में चार टीटीएसपी स्थापित की गई थी। चार में से तीन खराब हैं। इनको ठीक कराने के लिए जिलाधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधियों तक से शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पानी की तलाश में भटकने के लिए हम लोग मजबूर हैं।
- मोरध्वज, कनवार नारखी
टीटीएसपी की स्थापना तो कराई गई, लेकिन वर्तमान पानी नहीं आ रहा है। जनता पानी की तलाश में भटकने को मजबूर है। जिला प्रशासन के अफसरों को चाहिए कि हर घर जल योजना से जोड़कर गांव को शुद्ध जल की आपूर्ति दी जाए।
- रामनरेश धनगर, चिलासनी नारखी।
बोले प्रधान.....फोटो....
टोंटी तो कहीं मोटर खराब
जिला प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष रामनिवास यादव बोले, ग्रामीण अंचल में स्थापित की गई 653 टीटीएसपी में आधे से अधिक वर्तमान में खराब हैं। जलनिगम द्वारा पंचायतीराज विभाग को कोई सूची मुहैया नहीं कराई गई। जिससे सुधार कराया जा सके। ग्रामीण जनता पानी के लिए तरस रही है। किसी की टोंटी गायब है तो किसी की मोटर खराब हो गई है।
....बोले अफसर..........
टीटीएसपी की सूची जलनिगम ने नहीं कराई मुहैया : डीपीआरओ
जिला पंचायत राज अधिकारी नीरज कुमार सिन्हा ने कहा कि जल निगम द्वारा जिन टीटीएसपी का हस्तांतरण ग्राम पंचायतों को किया है। उनकी सूची विभाग ने जलनिगम को पत्र भेजकर मांगी है। इसके बाद भी जलनिगम द्वारा कोई सूची मुहैया नहीं कराई गई। जिससे स्पष्ट हो सके कि किन टीटीएसपी की देखभाल ग्राम पंचायतों को करनी है और किसकी जल निगम को। जिससे खराब टीटीएसपी में सुधार कराया जा सके।
जलनिगम को 2017 के बाद सुधार के लिए नहीं मिला बजट
अधिशाषी अभियंता जलनिगम ओमवीर दीक्षित बोले, जिले में जलनिगम ने 653 टीटीएसपी की स्थापना की। इनके संचालन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को सौंप दी गई है। सुधारने की जिम्मेदारी पंचायतों की है। निगम को 2017 से हैंडपंपों, टीटीएसपी के साथ बड़ी टंकी के सुधार का कोई बजट नहीं मिला। इनकी देखभाल पंचायतीराज विभाग को ही करनी है।
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गर्मी में पानी के लिए भटक रहे लोग, 653 टैंक टाइप स्टैंड पोस्ट में अधिकांश खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। जिले के सभी नौ ब्लॉकों मेें 2007 में 653 टीटीएसपी (टैंक टाइप स्टैंड पोस्ट) 35 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किए गए थे। जिससे लोगों को खासकर गर्मी में पानी की दिक्कत न हों। इसमें से कुछ स्थापित होने के बाद तो कइयों ने धीरे-धीरे काम करना बंद कर दिया। नतीजतन जिन गांवों में पानी का स्तर गर्मी में नीचे चला गया है और हैंडपंपों ने काम करना बंद कर दिया है, वहां के लोग पानी के लिए भटक रहे हैं। सूत्रों और ग्राम पंचायत से जुड़े जनप्रतिनिधियों की मानें तो जिले में स्थापित 653 टीटीएसपी में आधे से अधिक विभिन्न वजहों से काम नहीं कर रही हैं। जल निगम हो या फिर ग्राम पंचायत किसी भी स्तर से सुधार करने की ओर ध्यान ही नहीं दिया। पंचायती राज विभाग को सूची का इंतजार है तो जल निगम 2017 से बजट न मिलने का रोना रो रहा है। जो भी हो गांवों के लोग तो पानी के लिए परेशान हैं।
जिले में कुल टीटीएसपी -653
एक टीटीएसपी की लागत- छह से सात लाख रुपये
टीटीएसपी के टैंक की क्षमता - 3000 लीटर
केस नं. एक...
नारखी ब्लाक का राजपुर कोटला की आबादी करीब ढाई हजार है। डोरसा मोहम्मदपुर एवं राजपुर में टीटीएसपी की स्थापना की गई। लाखों की लागत से इस टंकी की स्थापना होने के बाद सुधार की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया गया। जलनिगम टीटीएसपी की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की होने का जवाब देकर चुप्पी साध ली है। ग्रामीण जनता पीने के पानी की तलाश में भटक रही है।
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केस नं. दो...
हाथवंत ब्लाक के अन्तर्गत आने वाले गांव कोंडर के ग्रामीणों को टीटीएसपी के स्थापित होने पर खुशी हुई थी। वर्तमान में यह ग्रामीणों के लिए शोपीस बनी हुइ है। कारण कि खराब होने के बाद सुधारने की किसी ने सुध नहीं ली। तीन हजार आबादी वाले इस गांव के लोग पानी की तलाश में भटकते हैं। ग्रामीणों की मानें तो हैंडपंप खराब हैं। न इन्हें सुधारा जा रहा है न टीटीएसपी को।
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केस नं. तीन..
हाथवंत ग्राम पंचायत के पोहपगढ़ में पानी खारा होने के कारण हैंडपंप काम नहीं करते। डेढ़ हजार आबादी वाले गांव में टीटीएसपी की स्थापना की गई। दो सबमर्सिबल पंप लगाए गए। इसके बाद भी टंकी चालू नहीं रह सकी। वर्तमान में टंकी बंद है। टोटियां गायब हो गईं है। ग्रामीण प्राइवेट सबमर्सिबल पंप के संचालकों से पानी खरीदने को खरीदने को विवश हैं। शिकायत तो कई बार की गई लेकिन सुधार की ओर ध्यान नहीं दिया गया।
ब्लॉकवार स्थापित टीटीएसपी
ब्लॉक कुल टीटीएसपी
फिरोजाबाद -81
टूंडला -150
जसराना -33
एका -42
नारखी -141
मदनपुर -66
अरांव -13
हाथवंत -59
शिकोहाबाद -68
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कुल -653
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शिकायत के बाद भी नहीं हो रही सुनवाई
- गांव में चार टीटीएसपी स्थापित की गई थी। चार में से तीन खराब हैं। इनको ठीक कराने के लिए जिलाधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधियों तक से शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पानी की तलाश में भटकने के लिए हम लोग मजबूर हैं।
- मोरध्वज, कनवार नारखी
टीटीएसपी की स्थापना तो कराई गई, लेकिन वर्तमान पानी नहीं आ रहा है। जनता पानी की तलाश में भटकने को मजबूर है। जिला प्रशासन के अफसरों को चाहिए कि हर घर जल योजना से जोड़कर गांव को शुद्ध जल की आपूर्ति दी जाए।
- रामनरेश धनगर, चिलासनी नारखी।
बोले प्रधान.....फोटो....
टोंटी तो कहीं मोटर खराब
जिला प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष रामनिवास यादव बोले, ग्रामीण अंचल में स्थापित की गई 653 टीटीएसपी में आधे से अधिक वर्तमान में खराब हैं। जलनिगम द्वारा पंचायतीराज विभाग को कोई सूची मुहैया नहीं कराई गई। जिससे सुधार कराया जा सके। ग्रामीण जनता पानी के लिए तरस रही है। किसी की टोंटी गायब है तो किसी की मोटर खराब हो गई है।
....बोले अफसर..........
टीटीएसपी की सूची जलनिगम ने नहीं कराई मुहैया : डीपीआरओ
जिला पंचायत राज अधिकारी नीरज कुमार सिन्हा ने कहा कि जल निगम द्वारा जिन टीटीएसपी का हस्तांतरण ग्राम पंचायतों को किया है। उनकी सूची विभाग ने जलनिगम को पत्र भेजकर मांगी है। इसके बाद भी जलनिगम द्वारा कोई सूची मुहैया नहीं कराई गई। जिससे स्पष्ट हो सके कि किन टीटीएसपी की देखभाल ग्राम पंचायतों को करनी है और किसकी जल निगम को। जिससे खराब टीटीएसपी में सुधार कराया जा सके।
जलनिगम को 2017 के बाद सुधार के लिए नहीं मिला बजट
अधिशाषी अभियंता जलनिगम ओमवीर दीक्षित बोले, जिले में जलनिगम ने 653 टीटीएसपी की स्थापना की। इनके संचालन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को सौंप दी गई है। सुधारने की जिम्मेदारी पंचायतों की है। निगम को 2017 से हैंडपंपों, टीटीएसपी के साथ बड़ी टंकी के सुधार का कोई बजट नहीं मिला। इनकी देखभाल पंचायतीराज विभाग को ही करनी है।