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मैनपुरी के बरनाहल में 84 नए तालाब बुझाएंगे धरती की प्यास
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मैनपुरी। बरनाहल में लगातार गिर रहे जलस्तर को सुधारने के लिए प्रशासन ने पहल की है। डार्क जोन में शामिल बरनाहल ब्लॉक में इसके लिए 84 नए तालाब खोदे गए हैं। जल्द ही इन तालाबों में बारिश का पानी हिलोरें लेगा।
जिले में जल संरक्षण के लिए लगातार पहल की जा रही है। इसी के तहत बरनाहल विकास खंड को डार्क जोन से बाहर निकालने के लिए अब प्रयास शुरू हो गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया की पहल पर ग्राम सभा की भूमि का चिह्नांकन कर नए 84 तालाबों की खोदाई कराई गई। इसके तहत कुल 89.76 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मनरेगा के तहत काम करवाया गया।
बारिश में इन तालाबों में पानी की हिलारें उठने लगेंगी। इससे एक ओर वर्षा जल संचयन में मदद मिलेगी। दूसरी ओर भूगर्भ जल का स्तर भी सुधरेगा। इन तालाबों को रजबहा और माइनर से भी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इससे यहां पूरे वर्ष भर पानी उपलब्ध रहेगा और लोगों को फायदा होगा।
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जल के दोहन पर भी लगेगी रोक
तालाबों की खोदाई से जल के दोहन पर भी रोक लगेगी। प्रशासन का मानना है कि जब लोगों को फसलों की सिंचाई व अन्य कार्यों के लिए सतह पर ही जल उपलब्ध रहेगा तो वे जल का दोहन कम करेंगे। इससे जल स्तर में और ज्यादा सुधार होगा।
30 हजार मानव दिवस का हुआ सृजन
तालाब की खोदाई में जल संरक्षण का कार्य तो हुआ ही इसके साथ ही लोगों को रोजगार भी मिला। खंड विकास अधिकारी बरनाहल धीरेंद्र कुमार ने बताया तालाब की खोदाई मनरेगा के तहत कराई गई। इससे लगभग 30 हजार मानव दिवस सृजित हुआ और ग्रामीणों को रोजगार मिला।
वर्जन
बरनाहल में जल स्तर को सुधारने के लिए नए तालाबों की खोदाई कराई गई है। लगातार प्रयास है कि वर्षा जल संचय और भूगर्भ जल की खपत रोकते हुए जल स्तर को सुधार जाए। इसके लिए आगे भी कार्य जारी रहेगा।
ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी।
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जिले में जल संरक्षण के लिए लगातार पहल की जा रही है। इसी के तहत बरनाहल विकास खंड को डार्क जोन से बाहर निकालने के लिए अब प्रयास शुरू हो गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया की पहल पर ग्राम सभा की भूमि का चिह्नांकन कर नए 84 तालाबों की खोदाई कराई गई। इसके तहत कुल 89.76 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मनरेगा के तहत काम करवाया गया।
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बारिश में इन तालाबों में पानी की हिलारें उठने लगेंगी। इससे एक ओर वर्षा जल संचयन में मदद मिलेगी। दूसरी ओर भूगर्भ जल का स्तर भी सुधरेगा। इन तालाबों को रजबहा और माइनर से भी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इससे यहां पूरे वर्ष भर पानी उपलब्ध रहेगा और लोगों को फायदा होगा।
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जल के दोहन पर भी लगेगी रोक
तालाबों की खोदाई से जल के दोहन पर भी रोक लगेगी। प्रशासन का मानना है कि जब लोगों को फसलों की सिंचाई व अन्य कार्यों के लिए सतह पर ही जल उपलब्ध रहेगा तो वे जल का दोहन कम करेंगे। इससे जल स्तर में और ज्यादा सुधार होगा।
30 हजार मानव दिवस का हुआ सृजन
तालाब की खोदाई में जल संरक्षण का कार्य तो हुआ ही इसके साथ ही लोगों को रोजगार भी मिला। खंड विकास अधिकारी बरनाहल धीरेंद्र कुमार ने बताया तालाब की खोदाई मनरेगा के तहत कराई गई। इससे लगभग 30 हजार मानव दिवस सृजित हुआ और ग्रामीणों को रोजगार मिला।
वर्जन
बरनाहल में जल स्तर को सुधारने के लिए नए तालाबों की खोदाई कराई गई है। लगातार प्रयास है कि वर्षा जल संचय और भूगर्भ जल की खपत रोकते हुए जल स्तर को सुधार जाए। इसके लिए आगे भी कार्य जारी रहेगा।
ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी।