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बीमारी से तंग युवक ने गोली मारकर की खुदकुशी
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बेवर। गांव बड़ाहार निवासी एक युवक ने लंबी बीमारी से तंग आकर बुधवार को सीने में गोली मारकर खुदकुशी कर ली। जानकारी होने पर घर में कोहराम मच गया। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया गया।
थाना क्षेत्र के गांव बड़ाहार निवासी 38 वर्षीय अवधेश शाक्य मुर्गी पालन का व्यवसाय कर रहे थे। काफी समय से उनकी दिल की बीमारी का इलाज चल रहा था। चिकित्सकों ने अब बॉल्व बदलने के लिए ऑपरेशन की सलाह दी थी। इसमें करीब चार लाख रुपये का खर्च भी बताया था।
रुपयों का इंतजाम न होने के चलते अवधेश परेशान रहने लगे थे। बुधवार को अवधेश ने सीने में गोली मारकर खुदकुशी कर ली। गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन जब कमरे में पहुंचे तो लहूलुहान शव पड़ा हुआ था। परिजनों की ओर से पोस्टमार्टम कराने से मना कर अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी गईं थीं।
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पत्नी व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
बीमारी से तंग होकर अवधेश ने तो खुदकुशी कर ली। लेकिन उसकी मौत के बाद पत्नी व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। अवधेश के दो पुत्रियां व एक पुत्र है, पिता का साया सिर से उठने के बाद बच्चों के आंसू भी नहीं थम रहे हैं।
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थाना क्षेत्र के गांव बड़ाहार निवासी 38 वर्षीय अवधेश शाक्य मुर्गी पालन का व्यवसाय कर रहे थे। काफी समय से उनकी दिल की बीमारी का इलाज चल रहा था। चिकित्सकों ने अब बॉल्व बदलने के लिए ऑपरेशन की सलाह दी थी। इसमें करीब चार लाख रुपये का खर्च भी बताया था।
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रुपयों का इंतजाम न होने के चलते अवधेश परेशान रहने लगे थे। बुधवार को अवधेश ने सीने में गोली मारकर खुदकुशी कर ली। गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन जब कमरे में पहुंचे तो लहूलुहान शव पड़ा हुआ था। परिजनों की ओर से पोस्टमार्टम कराने से मना कर अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी गईं थीं।
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पत्नी व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
बीमारी से तंग होकर अवधेश ने तो खुदकुशी कर ली। लेकिन उसकी मौत के बाद पत्नी व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। अवधेश के दो पुत्रियां व एक पुत्र है, पिता का साया सिर से उठने के बाद बच्चों के आंसू भी नहीं थम रहे हैं।