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15 अगस्तः कश्मीर प्रकरण के बाद गांधी आश्रमों में उमड़ रही भीड़, शहर में तिरंगे झंडे की बढ़ी मांग
Tue, 13 Aug 2019 02:14 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 13 Aug 2019 02:14 AM IST
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गांधी आश्रम में तिरंगा झंडा खरीदते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद देशभर में लोगों में इस बार के स्वतंत्रता दिवस में जबरदस्त जोश दिख रहा है। श्रीगांधी आश्रमों पर राष्ट्र ध्वज लेने वालों की संख्या में इस बार 25 फीसदी की बढ़ोतरी अब तक नजर आई है।
प्लास्टिक पर प्रतिबंध और जागरूकता के कारण गांधी आश्रम के खादी के बने राष्ट्र ध्वज के खरीदारों की संख्या में इजाफा हुआ है। सबसे ज्यादा 3×2 फुट साइज के तिरंगे की मांग है, जिसे स्कूल और आम लोग खरीद रहे हैं। सोमवार तक 1200 से ज्यादा ध्वज बिक चुके थे। पिछले साल इस समय तक 900 ही बिके थे।
श्रीगांधी आश्रम खादी भवन के राजा की मंडी महात्मा गांधी मार्ग स्थित शोरूम को सोमवार की बंदी के बाद भी खोला गया। इसकी वजह तिरंगे की मांग रही।
आश्रम के व्यवस्थापक प्रेम चंद ने बताया कि सरकारी विभागों के प्रतिनिधि 6×4 फुट और 3×4.5 फुट साइज के राष्ट्र ध्वज मांग रहे हैं, जबकि 3×2 फुट साइज की मांग आम लोगों और स्कूल संचालकों में है।
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300 रुपये से लेकर यह 930 रुपये में उपलब्ध हैं, जबकि इससे बड़े साइज क्रमश: 1650 और 2750 रुपये में गुल्ली के साथ मिल रहे हैं। अनुच्छेद 370 पर लोगों की भावनाओं को भांपकर ही इस बार ज्यादा ध्वज मंगवाए गए हैं।
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प्लास्टिक पर प्रतिबंध और जागरूकता के कारण गांधी आश्रम के खादी के बने राष्ट्र ध्वज के खरीदारों की संख्या में इजाफा हुआ है। सबसे ज्यादा 3×2 फुट साइज के तिरंगे की मांग है, जिसे स्कूल और आम लोग खरीद रहे हैं। सोमवार तक 1200 से ज्यादा ध्वज बिक चुके थे। पिछले साल इस समय तक 900 ही बिके थे।
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श्रीगांधी आश्रम खादी भवन के राजा की मंडी महात्मा गांधी मार्ग स्थित शोरूम को सोमवार की बंदी के बाद भी खोला गया। इसकी वजह तिरंगे की मांग रही।
आश्रम के व्यवस्थापक प्रेम चंद ने बताया कि सरकारी विभागों के प्रतिनिधि 6×4 फुट और 3×4.5 फुट साइज के राष्ट्र ध्वज मांग रहे हैं, जबकि 3×2 फुट साइज की मांग आम लोगों और स्कूल संचालकों में है।
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300 रुपये से लेकर यह 930 रुपये में उपलब्ध हैं, जबकि इससे बड़े साइज क्रमश: 1650 और 2750 रुपये में गुल्ली के साथ मिल रहे हैं। अनुच्छेद 370 पर लोगों की भावनाओं को भांपकर ही इस बार ज्यादा ध्वज मंगवाए गए हैं।
पॉलीथीन के तिरंगे पर है प्रतिबंध
प्रदेश सरकार ने बीते साल ही पॉलीथीन और प्लास्टिक पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। ऐसे में पालीथीन के तीन रंगों की पट्टियों और तिरंगे झंडे की बिक्री पूरी तरह से अवैध है।
ज्यादातर स्कूल संचालकों और सामाजिक संगठनों ने ध्वजारोहण के लिए खादी आश्रम के ही झंडे की खरीद की है। यह भी बिक्री में इजाफे का एक कारण है। अगले दो दिनों में ध्वज की बिक्री में खासा इजाफा होने के आसार हैं।
प्रदेश सरकार ने बीते साल ही पॉलीथीन और प्लास्टिक पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। ऐसे में पालीथीन के तीन रंगों की पट्टियों और तिरंगे झंडे की बिक्री पूरी तरह से अवैध है।
ज्यादातर स्कूल संचालकों और सामाजिक संगठनों ने ध्वजारोहण के लिए खादी आश्रम के ही झंडे की खरीद की है। यह भी बिक्री में इजाफे का एक कारण है। अगले दो दिनों में ध्वज की बिक्री में खासा इजाफा होने के आसार हैं।