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ट्रैफिक सिस्टम फेल, कैसे चलेगी नियमों की रेल

Mon, 09 Sep 2019 10:39 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 09 Sep 2019 10:39 PM IST
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Trefic signal in mainpuri
करहल चौराहा पर नहीं नजर आते ट्रैफिककर्मी। - फोटो : MAINPURI
मैनपुरी। जिले में मोटरयान संशोधित अधिनियम 2019 को लेकर सख्ती शुरू हो गई है। अफसरों का ध्यान सिर्फ चालान पर ही है। व्यवस्थाओं की किसी को भी फिक्र नहीं है। चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था की अनदेखी साफ दिखाई देती है। शायद ही कोई ऐसा चौराहा हो, जहां ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए इंतजाम मानक के अनुसार हो।
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किसी चौराहा पर ट्रैफिक सिपाही नहीं मिलते हैं तो वहीं अधिकतर चौराहों पर सिग्नल खराब रहते हैं। लोगों का साफ शब्दों में कहना है कि जब ट्रैफिक सिस्टम ही फेल है तो भला नियमों की रेल कैसे चलेगी।
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खराब पड़े हैं यातायात सिग्नल
शहर के करहल चौराहा, भांवत चौराहा, ईशन नदी पुल, कुरावली तिराहा और जेल चौराहा पर सिग्नल लगे हुए हैं। लेकिन, यातायात को नियंत्रित करने के लिए लगे सिग्नल खराब ही रहते हैं। सप्ताह में एक-दो दिन सिग्नल चालू नजर आ जाएं तो ठीक है।
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ट्रैफिक सिपाही भी नहीं आते नजर
शहर के भांवत चौराहा और ईशन नदी पुल को छोड़ दिया जाए तो किसी भी प्रमुख चौराहों पर यातायात नियंत्रित करने के लिए सिपाही नजर नहीं आते हैं। कुछ चौराहों पर यातायात नियंत्रण का जिम्मा होमगार्ड को दिया जा रहा है, लेकिन वह एक कोने में बैठे रहते हैं।
कैसे नियंत्रित होगी रफ्तार
नए नियम के तहत ओवर स्पीड में पहली बार एक हजार और दूसरी बार में दो हजार का जुर्माना हल्के वाहनों पर होगा। भारी वाहनों पर दो हजार और चार हजार का जुर्माना करने का प्रावधान है। जिले में रफ्तार रखने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। एक्सप्रेस वे के अलावा कोई भी ऐसा मार्ग नहीं है, जहां रफ्तार पर नजर रखने की व्यवस्था हो। सिर्फ एआरटीओ के पास ही रफ्तार जांच की व्यवस्था है।
यातायात सिपाहियों की है कमी
जिले में यातायात सिपाहियों के पद खाली पड़े हुए हैं। यातायात निरीक्षक (टीआई) के दो पदों के सापेक्ष सिर्फ एक पद पर तैनाती है। इसी तरह टीएसआई के दो पद की जगह एक पद पर तैनाती है। हेड कांस्टेबल के 12 पदों की तुलना में सिर्फ आठ पद पर तैनाती है। इसी तरह सिपाही के 15 पदों के सापेक्ष सिर्फ छह पदों पर ही तैनाती है।

ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जहां तक सिग्नल खराब होने की बात है तो संबंधितों से बात करके उन्हें ठीक कराया जाएगा। ट्रैफिक सिपाहियों की कमी के संबंध में शासन को मांगपत्र भेजा गया है।
-ओमप्रकाश सिंह, एएसपी
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