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अधिकारियों ने गुपचुप किया सचिव का स्थानांतरण
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मैनपुरी। पंचायत राज विभाग में गुपचुप एक सचिव का स्थानांतरण कर दिया गया। विभागीय अधिकारी मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं।
जिला पंचायत राज अधिकारी ने ग्राम पंचायत अधिकारी उमेश यादव का स्थानांतरण किया है। उन्हें पूर्व तैनाती के ब्लॉक करहल से स्थानांतरित कर बेवर भेजा गया है। स्थानांतरण आदेश में उन्हें जनहित में स्थानांतरित दिखाया गया है।
सवाल ये है कि आखिर गुपचुप तरीके से ऐसी क्या जरूरत पड़ गई जो रातों-रात एक सचिव का स्थानांतरण किया गया। ग्राम पंचायत अधिकारी उमेश यादव का कहना है कि अब तक न तो उन पर कोई आरोप लगा है और न ही उन्हें स्थानांतरण का कारण बताया गया है। जब इस मामले में जिला पंचायत राज अधिकारी स्वामीदीन से बात की गई तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
चहेतों को देने के लिए खाली कराई पंचायतें
एक ओर जहां सचिव के स्थानांतरण पर पंचायत राज विभाग ने चुप्पी साध ली है तो वहीं दूसरी ओर कई अन्य गंभीर आरोप भी विभाग पर लग रहे हैं। सूत्रों के अनुसार करहल में ही तैनात एक चहेते सचिव के लिए ये ग्राम पंचायतेें खाली कराई गई हैं। जल्द ही ये ग्राम पंचायतें उसे सौंप दी जाएंगी।
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नियमों का नहीं हुआ पालन
पंचायत सचिव उमेश यादव के स्थानांतरण में नियमों ध्यान नहीं रखा गया है। दरअसल उमेश यादव 2017 में ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के अध्यक्ष चुने गए थे। शासनादेश के अनुसार किसी संगठन के जिला स्तरीय पदाधिकारी का दो वर्ष तक स्थानांतरण नहीं किया जा सकता है।
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जिला पंचायत राज अधिकारी ने ग्राम पंचायत अधिकारी उमेश यादव का स्थानांतरण किया है। उन्हें पूर्व तैनाती के ब्लॉक करहल से स्थानांतरित कर बेवर भेजा गया है। स्थानांतरण आदेश में उन्हें जनहित में स्थानांतरित दिखाया गया है।
सवाल ये है कि आखिर गुपचुप तरीके से ऐसी क्या जरूरत पड़ गई जो रातों-रात एक सचिव का स्थानांतरण किया गया। ग्राम पंचायत अधिकारी उमेश यादव का कहना है कि अब तक न तो उन पर कोई आरोप लगा है और न ही उन्हें स्थानांतरण का कारण बताया गया है। जब इस मामले में जिला पंचायत राज अधिकारी स्वामीदीन से बात की गई तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
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चहेतों को देने के लिए खाली कराई पंचायतें
एक ओर जहां सचिव के स्थानांतरण पर पंचायत राज विभाग ने चुप्पी साध ली है तो वहीं दूसरी ओर कई अन्य गंभीर आरोप भी विभाग पर लग रहे हैं। सूत्रों के अनुसार करहल में ही तैनात एक चहेते सचिव के लिए ये ग्राम पंचायतेें खाली कराई गई हैं। जल्द ही ये ग्राम पंचायतें उसे सौंप दी जाएंगी।
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नियमों का नहीं हुआ पालन
पंचायत सचिव उमेश यादव के स्थानांतरण में नियमों ध्यान नहीं रखा गया है। दरअसल उमेश यादव 2017 में ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के अध्यक्ष चुने गए थे। शासनादेश के अनुसार किसी संगठन के जिला स्तरीय पदाधिकारी का दो वर्ष तक स्थानांतरण नहीं किया जा सकता है।