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UP News: एक मिनट में लौटा सकते किसी की टूटती सांसें, अपनाएं विशेषज्ञों का बताया यह तरीका; आपको नहीं कोई खतरा

Sun, 04 Aug 2024 12:04 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sun, 04 Aug 2024 12:04 AM IST
सार

आप भी एक मिनट में किसी को उसकी टूटती सांसें लौटा सकते हैं। बस विशेषज्ञों का बताया यह तरीका अपनाएं। इससे आपको कोई खतरा नहीं है। 

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Training given in Agra on how to save peoples breath by giving CPR
किसी को सीपीआर देने का तरीका - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के आगरा में भारत विकास परिषद (भाविप) निकुंज और आगरा आर्थोपेडिक सोसाइटी (एओएस) ने कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें लोगों को सीपीआर देने का प्रशिक्षण दिया। सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) वह तरीका है, जिससे टूटती सांसें लौट सकती हैं। 

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इसके लिए चिकित्सक कॉलेज, पार्क, सामाजिक संगठन, कार्यालय में लोगों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। बताया कि गुब्बारे में जैसे हवा भरते हैं, वैसे मरीज को एक मिनट तक सांस दें। मुख से सांस देने पर किसी तरह का संक्रमण नहीं होता।

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पंपिंग करने का सिखाया तरीका

एओएस ने पुलिस लाइन सभागार में 50 पुलिसकर्मी और अफसरों को सीपीआर का तरीका बताया। अध्यक्ष डॉ. एके गुप्ता और सचिव डॉ. राजेंद्र कुमार ने कहा कि सीपीआर में एईडी (स्वचालित बाह्य डिफिब्रिलेटर) की महती भूमिका है। पुलिस लाइन, थाने और चौकी पर एईडी की व्यवस्था की जाए। डॉ. संजय चतुर्वेदी ने पुलिसकर्मियों को दोनों हाथों की हथेली से सीने पर पंपिंग के बारे में प्रशिक्षण दिया।

एक मिनट की देरी होती खतरनाक

अतिथि वन वाटरवर्क्स में हुए भाविप निकुंज के कार्यक्रम में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील अग्रवाल ने बताया कि मरीज को सीपीआर तत्काल शुरू कर दें, एक मिनट की देरी पर बचने के 17 फीसदी मौके कम हो जाते हैं। मुख्य अतिथि सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने संस्था की पहल को सराहा। 

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डॉ. तरुणेश शर्मा, डॉ. शुभम गुप्ता, डॉ. रविंद्र गुप्ता ने सीपीआर का तरीका बताया। क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. तरुण शर्मा, क्षेत्रीय सचिव प्रमोद सिंघल, डीजीसी अपराध बसंत गुप्ता, डॉ. रचना गुप्ता, विनय सिंघल, सुभाष वर्मा, अंजू सिंघल, पूनम सिंघल मौजूद रहे।

ये है तरीका:

  • एक मिनट में 100-120 बार दोनों हाथों से 5 सेंटीमीटर तक छाती दबाएं।
  • 15-18 सेकंड में 30 बार पंपिंग के बाद मुंह से दो बार मरीज को सांस दें।
  • दो-दो मिनट तक ये करें, थकने के बाद दूसरा व्यक्ति यही प्रक्रिया करें।
  • सांस देते वक्त मरीज की नाक को बंद कर दें जिससे ये बाहर न निकले।
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