{"_id":"669785c155fc1c6fca07d38b","slug":"tradition-of-dal-bati-in-month-of-sawan-very-old-in-agra-used-to-be-lot-of-celebration-in-garden-here-2024-07-17","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Sawan 2024: आगरा में पुरानी है दाल-बाटी की परंपरा, बगीचियों में आयोजनों की रहती थी धूम; अब दुकानों तक सीमित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sawan 2024: आगरा में पुरानी है दाल-बाटी की परंपरा, बगीचियों में आयोजनों की रहती थी धूम; अब दुकानों तक सीमित
Wed, 17 Jul 2024 04:06 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Wed, 17 Jul 2024 04:06 PM IST
सार
आगरा में सावन में दाल-बाटी की परंपरा पुरानी है। बगीचियों में दाल-बाटी आयोजनों की धूम रहती थी। अब यह दुकानों तक सीमित रह गई है।
विज्ञापन
दाल-बाटी, चूरमा
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा में श्रावम मास में दाल-बाटी की परंपरा पुरानी है। यहां बगीचियों में दालबाटी आयोजनों की धूम रहती थी। अब यह शहर की कुछ दुकानों तक ही सीमित रह गई है। श्रावण मास में शिव मेलों, झूला समारोहों की धूम मच जाती है। तीन दशक पूर्व श्रावण मास में दाल-बाटियों की भी बहार आ जाती थी। शहर की बगीचियों में दाल-बाटी के बड़े आयोजन होते थे।
विज्ञापन
आवास विकास निवासी राजेश अग्रवाल ने बताया कि उस समय मैं 21 वर्ष का था, सावन शुरू होते ही दाल-बाटी के आयोजन होते थे। यह आयोजन जन्माष्टमी तक होते थे। बगीचियों में बाटी बनाने के बर्तन, भांग, ठंडाई रहती थी। दाल-बाटी बनाने वाले हलवाई होते थे। सुबह पकौड़े और ठंडाई और शाम को दाल-बाटी के आयोजन शुरू हो जाते थे।
विज्ञापन
Trending Videos
बगीचियों में होते थे आयोजन
आगरा में दाल बाटी का आयोजन मुंबई की बगीची, सूरज भान की बगीची, हलवाई की बगीची इत्यादि जगह बड़े स्तर होते थे। घर के पुरुष ही इस आयोजन में जाते थे। - राहुल गौतम, दयालबाग
विज्ञापन