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Agra: फतेहपुर सीकरी में पर्यटकों की पहुंच से दूर है हाणा महल, लाल पत्थर पर है उत्कृष्ट कारीगरी

Thu, 17 Nov 2022 04:09 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 17 Nov 2022 04:09 PM IST
सार

लाल पत्थर से हाणा महल अष्टकोणीय बना हुआ है। लाल पत्थर पर उत्कृष्ट कारीगरी भी की गई, जिससे देखकर लोग अचंभित हो जाते हैं। 

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tourists can not reach Hana Mahal due to poor condition road in fatehpur sikri
हाणा महल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वर्ल्ड हेरिटेज स्मारकों की नगरी फतेहपुर सीकरी में कई ऐतिहासिक स्थल व इमारतें ऐसी हैं, मुख्य स्मारकों से दूरदराज स्थित होने के कारण पर्यटकों की पहुंच से दूर हैं। ऐसा ही एक इमारत है हाणा महल स्मारक, जो मुख्य स्मारक से दो किलोमीटर दूर पतसाल मार्ग पर है। जिसकी भव्य संरचना देखकर हर कोई अचंभित रह जाता है।

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सीकरी सुरक्षा प्राचीर के अजमेरी गेट के निकट स्थित हाणा महल को कुश महल भी कहा जाता है। यह महल बूंदी के राजा सुरजन मल एवं मुगल शासक अकबर के बीच चले युद्ध के बाद हुई संधि के तहत बनवाया गया था। जब हाणा राजा सीकरी आए तो उन्होंने स्वयं अपने लिए नगर के एक कोने पर अपना महल बनवाया था। आज अनदेखी का आलम यह है कि यहां जाने के लिए रास्ता तक नहीं है। लोग उबड़खाबड़ रास्ते पर दो किलोमीटर पैदल चलकर वहां पहुंचते हैं। 

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लाल पत्थर पर है उत्कृष्ट कारीगरी 

लाल पत्थर से हाणा महल अष्टकोणीय बना हुआ है। लाल पत्थर पर उत्कृष्ट कारीगरी भी की गई। इसके ऊपरी भाग में बने कुंडों से लगता है कि इनमें होकर ऊपर से पानी गिरने पर इसकी भव्यता बढ़ती होगी। इससे कुछ दूरी पर हाणा रानी का महल भी बनाया गया था। 

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इन स्मारकों के समीप ही चौकोर पत्थर पर बना हुआ है नगर का मानचित्र भी उत्खनन में मिला था। जो सीकरी म्यूजियम में रखा हुआ है। हाणा महल का संरक्षण कार्य 2014 में और हाणा रानी के महल का संरक्षण कार्य कुछ दिन पहले भारतीय पुरातत्व विभाग ने 24 लाख रुपये की लागत से कराया है। 

इतिहासकार डॉ. अमरनाथ पाराशर का कहना है कि इसको वाटर पवेलियन भी कहा जाता है। इतिहासकार प्रो. अटारिया ने इस इमारत का जिक्र अपनी किताब में किया है। बताया कि खूबसूरत इमारत नगर के कोने पर स्थित होने के चलते पर्यटकों की पहुंच से दूर है। इसके लिए एएसआई को मार्ग बनवाना चाहिए। 

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