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अगर रात में खोला जाए ताज तो पर्यटन उद्योग भरेगा परवाज, आगरा के उद्यमियों ने उठाई मांग
Mon, 26 Oct 2020 09:46 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 26 Oct 2020 09:46 AM IST
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चांदनी रात में ताजमहल का खूबसूरत नजारा (फाइल)
- फोटो : Amar Ujala
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आगरा के पर्यटन उद्यमियों ने मांग की है कि ताजमहल पर एलईडी लाइटिंग कर रात 11 बजे तक खोला जाए, जिससे देश और दुनियाभर के सैलानियों के लिए एक नया आकर्षण बढ़े और लोग ताजमहल को दूधिया रोशनी में देखने के लिए खिंचे चले आएं। इसकी जरूरत इसलिए है, क्योंकि 118 दिन बंद रखने के बाद खोले गए ताज को देखने के लिए सैलानी कम आ रहे हैं।
ताजमहल का नाइट व्यू
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना के कारण देश और दुनियाभर के सैलानी ताजमहल से दूर हैं। ताजमहल पर कोरोना से पहले जितने पर्यटक महज दो दिन में आया करते थे, उतने एक महीने में भी नहीं आए हैं। इसका असर पर्यटन उद्योग से जुड़े चार लाख लोगों पर पड़ रहा है। ताज को रात में खोले जाने की मांग सांसद एसपी सिंह बघेल ने भी उठाई है।
ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
एएसआई से सेवानिवृत्त वरिष्ठ संरक्षक डॉ. आरके दीक्षित ने बताया कि ताजमहल पर 1996 में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री अर्जुन सिंह के सामने डेमो किया गया था। यह ताज को रात में खोले जाने के लिए था। इसके बाद वर्ष 1997 में यान्नी के शो में लाइट से कीड़े आने के बाद एक्सपर्ट की रिपोर्ट आई और उसके बाद लाइटिंग की कोशिश बंद हो गई। तब से लेकर अब तक कई सरकारों के केंद्रीय और राज्य सरकार के मंत्रियों ने लाइटिंग के धूल फांकते प्रस्तावों को निकलवाया लेकिन उसे अमल में नहीं ला सके।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
चार स्मारकों को रात में जगमगाने का प्रस्ताव
संस्कृति मंत्रालय ने एनबीसीसी और वाप्कोस कंपनियों को देश के 25 स्मारकों पर रोशनी करने, इंटरप्रिटेशन सेंटर बनाने का प्रस्ताव दिया था। इसमें आगरा के चार स्मारक ताजमहल, आगरा किला, फतेहपुर सीकरी और अकबर का मकबरा शामिल हैं। ताजमहल को रात में एलईडी की रोशनी में जगमगाने के प्रस्ताव पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने आपत्ति लगाई है।
संस्कृति मंत्रालय ने एनबीसीसी और वाप्कोस कंपनियों को देश के 25 स्मारकों पर रोशनी करने, इंटरप्रिटेशन सेंटर बनाने का प्रस्ताव दिया था। इसमें आगरा के चार स्मारक ताजमहल, आगरा किला, फतेहपुर सीकरी और अकबर का मकबरा शामिल हैं। ताजमहल को रात में एलईडी की रोशनी में जगमगाने के प्रस्ताव पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने आपत्ति लगाई है।
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सुनहरा ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
1945 में अमेरिकी फौज ने ताज पर डाली थी फ्लड लाइट
दूसरे विश्व युद्ध के दौरान 1945 में अमेरिकी फौज के जवानों ने ताज में वीई डे (विक्टरी इन यूरोप) मनाया था, उस दौरान ताजमहल पर फ्लड लाइटों से रोशनी डाली गई थी। आजादी से पहले उत्तर भारत के सर्किल सुपरिटेंडेंट रहे एमएस वत्स ने अपनी रिपोर्ट में ताजमहल पर लाइटिंग के बारे में जानकारी दी है। उनकी रिपोर्ट में ताज पर विश्व युद्ध के दौरान मुख्य गुंबद पर बंधीं बल्लियों की पाड़ और ताज पर अमेरिकी फौज के रोशनी करने की तस्वीरें भी दी गई थीं।
दूसरे विश्व युद्ध के दौरान 1945 में अमेरिकी फौज के जवानों ने ताज में वीई डे (विक्टरी इन यूरोप) मनाया था, उस दौरान ताजमहल पर फ्लड लाइटों से रोशनी डाली गई थी। आजादी से पहले उत्तर भारत के सर्किल सुपरिटेंडेंट रहे एमएस वत्स ने अपनी रिपोर्ट में ताजमहल पर लाइटिंग के बारे में जानकारी दी है। उनकी रिपोर्ट में ताज पर विश्व युद्ध के दौरान मुख्य गुंबद पर बंधीं बल्लियों की पाड़ और ताज पर अमेरिकी फौज के रोशनी करने की तस्वीरें भी दी गई थीं।