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विदेशी नागरिक हुआ ठगी का शिकार, इस लापरवाही पर एजेंसी को चुकानी पड़ी पूरी रकम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Updated Thu, 28 Jun 2018 12:18 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
आगरा में रशियन पर्यटक के क्रेडिट कार्ड का क्लोन बनाकर 40 हजार रुपये निकाल लिए गए। पुलिस ने जिस बैंक के एटीएम से रुपये निकले, उसके सीसीटीवी फुटेज मांगे।
मगर, एटीएम का संचालन करने वाली बैंक से अनुबंधित एजेंसी फुटेज नहीं दे सकी। एजेंसी की लापरवाही का यह मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया गया।
इस पर एजेंसी से रकम वापस कराई गई। वहीं क्लोन बनाने वालों का पता नहीं चल सका है। दो और मामलों में रेंज की साइबर सेल ने रकम वापस करा दी।
रूस के रहने वाले इगोर मई में दिल्ली से आगरा ताजमहल देखने आए थे। 12 मई को उनके क्रेडिट कार्ड के खाते से 40 हजार रुपये निकाल लिए गए। उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
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मगर, एटीएम का संचालन करने वाली बैंक से अनुबंधित एजेंसी फुटेज नहीं दे सकी। एजेंसी की लापरवाही का यह मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया गया।
इस पर एजेंसी से रकम वापस कराई गई। वहीं क्लोन बनाने वालों का पता नहीं चल सका है। दो और मामलों में रेंज की साइबर सेल ने रकम वापस करा दी।
रूस के रहने वाले इगोर मई में दिल्ली से आगरा ताजमहल देखने आए थे। 12 मई को उनके क्रेडिट कार्ड के खाते से 40 हजार रुपये निकाल लिए गए। उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
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इस मामले में रेंज की साइबर सेल ने जांच की। इसमें सामने आया कि खाते से रकम ग्रेटर नोएडा में एक निजी बैंक के एटीएम से निकाली गई। इसके लिए क्रेडिट कार्ड के क्लोन कार्ड का इस्तेमाल किया गया।
साइबर सेल ने बैंक से संपर्क किया। सेल के मुताबिक, आरोपी की पहचान के लिए एटीएम केबिन में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज मांगे। एटीएम के संचालन की जिम्मेदारी एक एजेंसी पर थी।
पुलिस ने एजेंसी से संपर्क किया। मगर, एजेंसी फुटेज नहीं दे सकी। पुलिस ने उच्चाधिकारियों से संपर्क किया। एजेंसी की लापरवाही सामने आई।
इस पर एजेंसी से पर्यटक के खाते में रकम जमा कर दी। तब से पर्यटक आगरा में ही रह रहा था। पिछले दिनों खाते में रकम आने पर वह वापस चला गया।
साइबर सेल ने बैंक से संपर्क किया। सेल के मुताबिक, आरोपी की पहचान के लिए एटीएम केबिन में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज मांगे। एटीएम के संचालन की जिम्मेदारी एक एजेंसी पर थी।
पुलिस ने एजेंसी से संपर्क किया। मगर, एजेंसी फुटेज नहीं दे सकी। पुलिस ने उच्चाधिकारियों से संपर्क किया। एजेंसी की लापरवाही सामने आई।
इस पर एजेंसी से पर्यटक के खाते में रकम जमा कर दी। तब से पर्यटक आगरा में ही रह रहा था। पिछले दिनों खाते में रकम आने पर वह वापस चला गया।