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Agra News: महिला की हड्डी तोड़ने के दोषी को तीन साल की सजा
Tue, 27 Feb 2024 05:15 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Tue, 27 Feb 2024 05:15 PM IST
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महिला की हड्डी तोड़ने के दोषी को तीन साल की सजा
सीजेएम ने 18 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। थाना करहल के गांव रेढ़ापुर में 15 साल पहले एक महिला की हड्डी तोड़कर जान से मारने की धमकी देने के आरोपी को सीजेएम नम्रता सिंह ने तीन साल की सजा सुनाई है। मुकदमे की सुनवाई के बाद उसको दोषी पाकर 18 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। मुकदमे की पैरवी वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी विजय कुमार श्रीवास्तव ने की।
थाना करहल के गांव रेढ़ापुर की रहने वाली गीतादेवी 7 सितंबर 2008 को अपने मकान के बाहर भैंस का दूध निकाल रही थी। तभी गांव के रहने वाले धर्मसिंह, जयवीर, संजीत उसके घर पर पहुंच गए। तीनों ने गीतादेवी को गालियां देना शुरू कर दिया। उसने विरोध किया तो धारदार हथियार से हमला करके उसकी हड्डी तोड़ दी। शोरगुल सुनकर मां को बचाने आई पुत्री रीता को भी पीटा। लोगों को आते देख हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद चार्जशीट न्यायालय में भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई सीजेएम नम्रता सिंह की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर धर्मसिंह को महिला की हड्डी तोड़ने का दोषी पाया गया। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी विजय कुमार श्रीवास्तव ने धर्मसिंह को कड़ी सजा देने की दलील दी। सीजेएम नम्रता सिंह ने धर्मसिंह को तीन साल की सजा सुनाई है। उस पर 18 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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दो आरोपियों की हो चुकी मौत
पीड़िता पर हमला करके हड्डी तोड़ने, जान से मारने की धमकी देने वाले तीनों आरोपी संजीत, धर्मसिंह, जयवीर के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट भेजी थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान संजीत और जयवीर की मौत हो गई। उनकी मौत होने के बाद उनके खिलाफ चल रही मुकदमे की सुनवाई में उनकी फाइल बंद कर दी गई।
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सीजेएम ने 18 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। थाना करहल के गांव रेढ़ापुर में 15 साल पहले एक महिला की हड्डी तोड़कर जान से मारने की धमकी देने के आरोपी को सीजेएम नम्रता सिंह ने तीन साल की सजा सुनाई है। मुकदमे की सुनवाई के बाद उसको दोषी पाकर 18 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। मुकदमे की पैरवी वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी विजय कुमार श्रीवास्तव ने की।
थाना करहल के गांव रेढ़ापुर की रहने वाली गीतादेवी 7 सितंबर 2008 को अपने मकान के बाहर भैंस का दूध निकाल रही थी। तभी गांव के रहने वाले धर्मसिंह, जयवीर, संजीत उसके घर पर पहुंच गए। तीनों ने गीतादेवी को गालियां देना शुरू कर दिया। उसने विरोध किया तो धारदार हथियार से हमला करके उसकी हड्डी तोड़ दी। शोरगुल सुनकर मां को बचाने आई पुत्री रीता को भी पीटा। लोगों को आते देख हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद चार्जशीट न्यायालय में भेज दी।
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मुकदमे की सुनवाई सीजेएम नम्रता सिंह की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर धर्मसिंह को महिला की हड्डी तोड़ने का दोषी पाया गया। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी विजय कुमार श्रीवास्तव ने धर्मसिंह को कड़ी सजा देने की दलील दी। सीजेएम नम्रता सिंह ने धर्मसिंह को तीन साल की सजा सुनाई है। उस पर 18 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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दो आरोपियों की हो चुकी मौत
पीड़िता पर हमला करके हड्डी तोड़ने, जान से मारने की धमकी देने वाले तीनों आरोपी संजीत, धर्मसिंह, जयवीर के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट भेजी थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान संजीत और जयवीर की मौत हो गई। उनकी मौत होने के बाद उनके खिलाफ चल रही मुकदमे की सुनवाई में उनकी फाइल बंद कर दी गई।