{"_id":"5d3065828ebc3e6cb9088f17","slug":"three-year-old-boy-found-unconscious-near-raya-hathras-rail-line","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मासूम के हाथ-पांव बांधकर रेलवे लाइन किनारे फेंका, सारी रात बारिश में भीगता रहा बच्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मासूम के हाथ-पांव बांधकर रेलवे लाइन किनारे फेंका, सारी रात बारिश में भीगता रहा बच्चा
Fri, 19 Jul 2019 12:15 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 19 Jul 2019 12:15 AM IST
विज्ञापन
रेलवे लाइन के किनारे मिला तीन साल का मासूम
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक तीन साल के बच्चे को हाथ-पांव बांधकर रेलवे लाइन किनारे फेंक दिया गया। गुरुवार की तड़के वह राया-हाथरस रेल मार्ग के किनारे नगला मिश्रिया गांव के पास पड़ा मिला। उसका शरीर फुलसाइज शर्ट से बंधा हुआ था।
इस तरह से बांधा गया था कि वह हाथ-पांव हिला नहीं सकता था। मुंह पर कपड़ा था। माना जा रहा है कि जो इस बालक को फेंक गया होगा वह शर्ट भी उसी की होगी। जिला अस्पताल में भर्ती बच्चे की हालत में सुधार बताया जा रहा है।
राया-हाथरस रेल मार्ग पर मिश्रिपुर गांव के पास रेलवे लाइन किनारे तड़के करीब छह बजे आसपास के लोगों का जमघट लग गया। देहरा गांव के मनीष रावत सुबह को टहलने के लिए घर से निकले थे। रास्ते के किनारे रेल लाइन के पास उन्हें एक बालक पड़ा दिखाई दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस तरह से बांधा गया था कि वह हाथ-पांव हिला नहीं सकता था। मुंह पर कपड़ा था। माना जा रहा है कि जो इस बालक को फेंक गया होगा वह शर्ट भी उसी की होगी। जिला अस्पताल में भर्ती बच्चे की हालत में सुधार बताया जा रहा है।
विज्ञापन
राया-हाथरस रेल मार्ग पर मिश्रिपुर गांव के पास रेलवे लाइन किनारे तड़के करीब छह बजे आसपास के लोगों का जमघट लग गया। देहरा गांव के मनीष रावत सुबह को टहलने के लिए घर से निकले थे। रास्ते के किनारे रेल लाइन के पास उन्हें एक बालक पड़ा दिखाई दिया।
विज्ञापन
वह मौके पर पहुंचे तो देखा कि बालक के हाथ-पांव एक शर्ट से बंधे हैं। यह फुलसाइज की शर्ट थी। गले में भी शर्ट बंधी हुई थी। मनीष ने शोर-मचाया तो आसपास के लोग पहुंच गए। क्योंकि पूरी रात बालक बारिश में भीगा था लिहाजा ठंड से कंपकंपा रहा था।
राया कोतवाली के दरोगा विक्रांत कुमार का कहना है कि जब वह मौके पर पहुंचे तो बालक बेहोश था। पहले राया के अस्पताल में ले गए बाद में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वह बेहद डरा हुआ है। पुलिस पहचान कराने की कोशिश कर रही है।
वह कौन है किसका बेटा है कोई नहीं जानता
वह कौन है। किसका बेटा है। उसके घर वाले कहां रहते हैं इन सवालों का जवाब कोई नहीं जानता है। पुलिस मान रही है कि आसपास के किसी गांव का भी हो सकता है। या फिर कहीं से लाकर यहां फेंका गया होगा। बच्चे को एक शर्ट से बांधा गया है। शर्ट के बाजू से उसके हाथ से लेकर पांव तक बंधे थे।
राया कोतवाली के दरोगा विक्रांत कुमार का कहना है कि जब वह मौके पर पहुंचे तो बालक बेहोश था। पहले राया के अस्पताल में ले गए बाद में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वह बेहद डरा हुआ है। पुलिस पहचान कराने की कोशिश कर रही है।
वह कौन है किसका बेटा है कोई नहीं जानता
वह कौन है। किसका बेटा है। उसके घर वाले कहां रहते हैं इन सवालों का जवाब कोई नहीं जानता है। पुलिस मान रही है कि आसपास के किसी गांव का भी हो सकता है। या फिर कहीं से लाकर यहां फेंका गया होगा। बच्चे को एक शर्ट से बांधा गया है। शर्ट के बाजू से उसके हाथ से लेकर पांव तक बंधे थे।
माना जा रहा है कि रात को किसी वक्त उसे यहां डाला गया है। क्योंकि नगला मिश्रिया गांव के लोगों का कहना है कि रात को नौ बजे तक आना जाना लगा रहता है उस समय तक वहां कुछ नहीं था।