Agra: महामारी अधिनियम केस में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सहित तीन नेता बरी, पुलिस से हुई थी झड़प
आगरा में दर्ज महामारी अधिनियम केस में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सहित तीन नेता बरी कर दिए गए। कोरोना संक्रमण के दौरान प्रवासी मजदूरों को लेने बस लेकर कांग्रेसी नेता राजस्थान सीमा पर गए थे। इस दौरान पुलिस से झड़प भी हुई थी।
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उत्तर प्रदेश के आगरा में महामारी अधिनियम और धारा 188 (निषेधाज्ञा के उल्लंघन) में आरोपी उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, कांग्रेस विधानमंडल के पूर्व नेता प्रदीप माथुर (पूर्व विधायक) और पूर्व एमएलसी विवेक बंसल को कोर्ट ने बरी कर दिया। स्पेशल जज (एमपी एमएलए) अर्जुन की कोर्ट ने ठोस साक्ष्य के अभाव में तीनों नेताओं को दोषमुक्त किया है। अभियोजन की ओर से प्रस्तुत गवाहों के बयानों में विरोधाभास था। पुलिस ने चार्जशीट में स्वतंत्र गवाह तक नहीं बनाया।
मामला 19 मई 2020 का है। फतेहपुर सीकरी थाना के दरोगा जितेंद्र कुमार गौतम ने मामला दर्ज कराया था। इसमें प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, कांग्रेस विधानमंडल के पूर्व नेता प्रदीप माथुर और विधान परिषद के पूर्व सदस्य विवेक बंसल को नामजद किया।
कांग्रेसी नेता मास्क नहीं लगाए थे
कोरोना संक्रमण के दौरान कांग्रेसी नेता राजस्थान सीमा पर प्रवासी मजदूरों को लेने बस लेकर गए थे। जानकारी पर पुलिस भी पहुंच गई थी। पुलिस से झड़प होने पर केस दर्ज किया गया। आरोप लगाया गया कि कांग्रेसी नेता मास्क नहीं लगाए थे और उचित दूरी का पालन नहीं कर रहे थे।
पुलिस ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और विवेक बंसल को गिरफ्तार किया। प्रदीप माथुर का नाम बाद में संज्ञान में आया। दोनों नेताओं को 20 मई 2020 को कोर्ट में पेश किया गया। उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई। प्रदीप माथुर बाद में कोर्ट में हाजिर हुए थे। तीनों नेताओं ने अपनी जमानत कराई थी।
हाजिरी माफी का प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया
कोर्ट ने कहा कि कांग्रेस नेता अजय कुमार लल्लू, विवेक बंसल और प्रदीप माथुर धारा 188, 269 (लापरवाही से जीवन के लिए खतरनाक बीमारी का संक्रमण फैलाने की संभावना वाला कार्य करना) एवं महामारी अधिनियम के अंतर्गत दोषमुक्त किए जाने योग्य हैं। कोर्ट ने तीनों को बरी करने का निर्णय सुनाया। शनिवार को कांग्रेस नेता अजय कुमार लल्लू कोर्ट में हाजिर हुए थे। प्रदीप माथुर और विवेक बंसल कर्नाटक में चल रहे चुनावों में व्यस्त होने के कारण कोर्ट में हाजिर नहीं हो सके। उन्होंने हाजिरी माफी का प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया था।
तीनों के खिलाफ लगी थी चार्जशीट
पुलिस की एफआईआर में नेताओं सहित 67 अज्ञात लोग भी आरोपी बनाए थे। मगर, चार्जशीट में अजय कुमार लल्लू, प्रदीप माथुर और विवेक बंसल के नाम थे। ग्रामीण न्यायालय, किरावली में धारा 188, 269 और महामारी अधिनियम में चार्जशीट पेश की गई। सीजेएम के आदेश पर 2 फरवरी 2021 को पत्रावली तलब कर सुनवाई के लिए स्पेशल कोर्ट एमपी एमएलए अर्जुन की कोर्ट में भेज दी गई।
अभियोजन ने 5 गवाह वादी जितेंद्र कुमार गौतम, विवेचक सत्येंद्र सिंह चौहान, मौके के गवाह सिपाही जितेंद्र कुमार, कौशल कुमार और एफआईआर लेखक वीरेश कुमार को प्रस्तुत किया। तीनों नेताओं की तरफ से पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता राम दत्त दिवाकर और रमाशंकर शर्मा ने की।
कोर्ट ने कहा-
- अभियोजन अपने कथानक को साबित करने में असफल रहा है।
- स्वतंत्र जनता का गवाह परीक्षित नहीं कराया। चार्जशीट में नामित नहीं।
- पांचों गवाहों के बयानों में विरोधाभास था।
- अभियोजन अभियुक्तगण के खिलाफ आरोपों को साबित करने में असफल रहा।
कांग्रेसी नेताओं को झूठे मुकदमों में फंसा रही सरकार : अजय कुमार लल्लू
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि सरकार कांग्रेसी नेताओं को झूठे मुकदमों में फंसाने और जेल भिजवाने का द्वेषपूर्ण कार्य कर रही है। पर, यह सिद्ध हो गया कि जनसेवा व समाजसेवा कांग्रेस का कार्य है। आज शासन-प्रशासन हार गया, सच्चाई जीत गई। कांग्रेस इस तरह के झूठे मुकदमों से कभी घबराने वाली नहीं है। इस दौरान अधिवक्ता आरएस मौर्य, बीएस फौजदार, अमित सिंह, बिलाल अहमद आदि मौजूद रहे।