आगरा: फौजी और उसके भाई की गोली मारकर हत्या, वृद्धा की भी मौत, गांव में तनाव
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घटना की जांच के लिए खुद एसएसपी मौके पर पहुंचे। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। फायरिंग करने वाले लोग परिवार सहित गांव से भाग निकले हैं। मामले में पूर्व प्रधान की तहरीर पर आठ लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है।
जाजऊ गांव निवासी पूर्व प्रधान थान सिंह के अनुसार 17 नवंबर को उनके भाई रामबाबू के यहां दावत थी। इसमें परिवार के लोग शामिल नहीं हुए। इसे लेकर आरोपी पक्ष के होमगार्ड महेंद्र सिंह के लोगों ने फब्तियां कसते हुए गाली गलौज की। उस समय हुए झगड़े को लोगों ने शांत करा दिया था।
होमगार्ड महेंद्र सिंह ने अपनी लाइसेंसी रायफल से अनिल व ललित को गोली मार दी। अनिल के पेट में व ललित के सीने में गोली लगी। बीचबचाव करने आए पड़ोसी गंगा सिंह भी घायल हो गए। अस्पताल ले जाते समय अनिल और ललित की मौत हो गई।
हमलावर महेंद्र सिंह की मां अतरी देवी (80) की भी लाठी-डंडे के हमले में मौत हुई है। उधर, आरोपी होमगार्ड महेंद्र सिंह का परिवार घरों पर ताले लगाकर भाग निकला, गांव में तीन मौतों के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है।
गली में बिखरा खून ही खून
घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर एसएसपी अमित पाठक, एसपीआरए अखिलेश नारायण, क्षेत्राधिकारी नम्रता श्रीवास्तव फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस अफसरों ने घटनास्थल पर जांच पड़ताल कर ग्रामीणों से जानकारी जुटाई।
शुक्रवार को ही छुट्टी आया था ललित
मामूली से विवाद के बाद फायरिंग में मारे गए फौजी ललित सिंह वर्तमान में दिल्ली में तैनात था। वो शुक्रवार को ही अवकाश लेकर घर आया था। दोनों भाइयों की हत्या के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था।
फायरिंग कर दोनों भाइयों को मौत के घाट उतारने वाला आरोपी होमगार्ड महेंद्र थाना सीकरी में ही तैनात है। ग्रामीणों ने बताया कि महेंद्र की मां अतरी देवी की मौत भी झगड़े के दौरान चले लाठी लगने से हुई है, वहीं परिवार की कुछ युवतियां भी घायल बताई गई हैं।