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निमोनिया और हृदयघात से तीन मरीजों की मौत
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मैनपुरी। पिछले कुछ दिनों से मौसम में हुए परिवर्तन के कारण बच्चों और बुजुर्गों की दिक्कतें बढ़ रही हैं। जिला अस्पताल में पिछले 24 घंटे में पहुंचे निमोनिया से पीड़ित एक बच्ची सहित तीन मरीजों की मौत हो गई। वहीं, 300 से अधिक बुखार के मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया।
पिछले कुछ दिनों से निमोनिया, सांस और हृदयाघात के मरीजों की दिक्कतें बढ़ रही हैं। बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में सुबह से ही मरीजों की भीड़ रही। यहां 924 मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया। सबसे अधिक भीड़ फिजीशियन और बाल रोग विभाग में रही। यहां 400 से अधिक मरीजों को उपचार दिया गया। भोगांव थाना क्षेत्र के गांव नगला पति निवासी रामवीर सिंह की एक माह की पुत्री निशा को पिछले कुछ दिनों से निमोनिया की दिक्कत थी। परिजन उसका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर बुधवार की सुबह परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। औंछा थाना क्षेत्र के गांव अकबरपुर निवासी जयवीर सिंह की 60 वर्षीय पत्नी रश्मी देवी को मंगलवार की रात अचानक हृदयाघात पड़ा परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कोतवाली थाना क्षेत्र में राजीव गांधी नगर निवासी 80 वर्षीय जयवीर सिंह अपने घर पर बुधवार की सुबह टहल रहे थे अचानक हार्ट अटैक पड़ा और वे गिर गए। परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बच्चों के उपचार में न करें लापरवाही
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके शाक्य ने कहा कि इस मौसम में बच्चों का विशेष ख्याल रखा जाए। बच्चों को सर्दी से बचाव के लिए पूरा ध्यान रखा जाए। यदि बच्चे सर्दी, जुकाम, खांसी आदि की दिक्कत महसूस कर रहे हैं तो उनको तुरंत उपचार दिलाया जाए। बच्चों के उपचार में लापरवाही उनके जीवन के लिए संकट पैदा कर सकती है।
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बच्ची सहित सभी तीन मरीज मृत अवस्था में लाए गए थे। उनकी जांच नहीं हो सकी। परिजन के अनुसार बच्ची को कुछ दिनों से निमोनिया की दिक्कत थी वहीं बुजुर्गों को हृदयाघात पड़ा।
- डॉ. मदनलाल, सीएमएस
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पिछले कुछ दिनों से निमोनिया, सांस और हृदयाघात के मरीजों की दिक्कतें बढ़ रही हैं। बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में सुबह से ही मरीजों की भीड़ रही। यहां 924 मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया। सबसे अधिक भीड़ फिजीशियन और बाल रोग विभाग में रही। यहां 400 से अधिक मरीजों को उपचार दिया गया। भोगांव थाना क्षेत्र के गांव नगला पति निवासी रामवीर सिंह की एक माह की पुत्री निशा को पिछले कुछ दिनों से निमोनिया की दिक्कत थी। परिजन उसका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर बुधवार की सुबह परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। औंछा थाना क्षेत्र के गांव अकबरपुर निवासी जयवीर सिंह की 60 वर्षीय पत्नी रश्मी देवी को मंगलवार की रात अचानक हृदयाघात पड़ा परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कोतवाली थाना क्षेत्र में राजीव गांधी नगर निवासी 80 वर्षीय जयवीर सिंह अपने घर पर बुधवार की सुबह टहल रहे थे अचानक हार्ट अटैक पड़ा और वे गिर गए। परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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बच्चों के उपचार में न करें लापरवाही
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके शाक्य ने कहा कि इस मौसम में बच्चों का विशेष ख्याल रखा जाए। बच्चों को सर्दी से बचाव के लिए पूरा ध्यान रखा जाए। यदि बच्चे सर्दी, जुकाम, खांसी आदि की दिक्कत महसूस कर रहे हैं तो उनको तुरंत उपचार दिलाया जाए। बच्चों के उपचार में लापरवाही उनके जीवन के लिए संकट पैदा कर सकती है।
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बच्ची सहित सभी तीन मरीज मृत अवस्था में लाए गए थे। उनकी जांच नहीं हो सकी। परिजन के अनुसार बच्ची को कुछ दिनों से निमोनिया की दिक्कत थी वहीं बुजुर्गों को हृदयाघात पड़ा।
- डॉ. मदनलाल, सीएमएस