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गैर इरादतन हत्या में तीन दोषी करार
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मैनपुरी।
थाना किशनी क्षेत्र में छह साल पहले युवक की लाठी डंडे से पीटकर हत्या करने वाले पिता पुत्र सहित तीन को अपर जिला जज प्रथम वंशबहादुर यादव ने दोषी पाया है। उनको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है। सजा सुनाने के लिए 15 नवंबर की तारीख तय की गई है।
थाना किशनी के इंदरपुर निवासी प्रमोद कुमार की बकरी मार्च 2016 में गांव के दुर्विजय के खेत में चली गई थी। इसे लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। गांव के कुछ लोगों ने उनमें समझौता करा दिया। 29 अप्रैल 2016 को प्रमोद घर से बाजार जा रहा था। गांव के रास्ते में दुर्विजय, उसके भाई प्रदीप, उसके पुत्र सुरजीत तथा गांव के ही शिवकुमार ने घेरकर लाठी डंडे से मारापीटा। बीच बचाव करने पहुंचे प्रमोद के भतीजे वेदप्रकाश को भी लाठी डंडों से मारापीटा। इलाज के दौरान सैफई में वेदप्रकाश की मौत हो गई। प्रमोद ने गांव के रास्ते में दुर्विजय, प्रदीप, सुरजीत, शिवकुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
जांच में पुलिस ने प्रदीप को दोषी नहीं पाकर उसका नाम निकाल दिया। दुर्विजय, सुरजीत तथा शिवकुमार के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज प्रथम वंशबहादुर यादव की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने दुष्कर्मी केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही तथा एडीजीसी पुष्पेंद्र दुबे, रोहित शुक्ला की दलीलों के आधार पर तीनों को गैर इरादतन हत्या करने का का दोषी पाया गया। उनको हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। सजा सुनाने के लिए 15 नवंबर की तारीख तय कर दी है।
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थाना किशनी क्षेत्र में छह साल पहले युवक की लाठी डंडे से पीटकर हत्या करने वाले पिता पुत्र सहित तीन को अपर जिला जज प्रथम वंशबहादुर यादव ने दोषी पाया है। उनको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है। सजा सुनाने के लिए 15 नवंबर की तारीख तय की गई है।
थाना किशनी के इंदरपुर निवासी प्रमोद कुमार की बकरी मार्च 2016 में गांव के दुर्विजय के खेत में चली गई थी। इसे लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। गांव के कुछ लोगों ने उनमें समझौता करा दिया। 29 अप्रैल 2016 को प्रमोद घर से बाजार जा रहा था। गांव के रास्ते में दुर्विजय, उसके भाई प्रदीप, उसके पुत्र सुरजीत तथा गांव के ही शिवकुमार ने घेरकर लाठी डंडे से मारापीटा। बीच बचाव करने पहुंचे प्रमोद के भतीजे वेदप्रकाश को भी लाठी डंडों से मारापीटा। इलाज के दौरान सैफई में वेदप्रकाश की मौत हो गई। प्रमोद ने गांव के रास्ते में दुर्विजय, प्रदीप, सुरजीत, शिवकुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
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जांच में पुलिस ने प्रदीप को दोषी नहीं पाकर उसका नाम निकाल दिया। दुर्विजय, सुरजीत तथा शिवकुमार के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज प्रथम वंशबहादुर यादव की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने दुष्कर्मी केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही तथा एडीजीसी पुष्पेंद्र दुबे, रोहित शुक्ला की दलीलों के आधार पर तीनों को गैर इरादतन हत्या करने का का दोषी पाया गया। उनको हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। सजा सुनाने के लिए 15 नवंबर की तारीख तय कर दी है।
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