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एक घंटे में धुलेंगे 200 किलो कपड़े: आगरा में बना 1.90 करोड़ की लागत से हाईटेक धोबीघाट, जानें इसकी विशेषताएं

Wed, 28 Oct 2026 12:22 PM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Wed, 28 Oct 2026 12:22 PM IST
सार

आगरा के छलेसर में नगर निगम ने 1.90 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक मशीनीकृत धोबीघाट तैयार किया है, जहां तीन बड़ी मशीनों से एक घंटे में 200 किलो कपड़े धोए जा सकेंगे। धुलाई के पानी को ट्रीट करने और कपड़े सुखाने के लिए ड्रायर की सुविधा भी होगी। फिलहाल ट्रायल चल रहा है और दिवाली के आसपास संचालन शुरू करने की योजना है।
 

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High-Tech Mechanised Laundry Facility Dhobighat Can Wash 200 Kg of Clothes Per Hour
हाईटेक धोबीघाट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार
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यमुना के किनारे देग में पानी गर्म कर कपड़े धोने के दिन गए। नगर निगम ने 1.90 करोड़ रुपये की लागत से छलेसर में मशीनीकृत धोबीघाट शुरू किया है, जिसमें एक घंटे में 200 किलो कपड़े धोने की सुविधा दी गई है। इसका ट्रायल शुरू कर दिया गया है। तीन बड़ी मशीनों के जरिये यहां कपड़ों की धुलाई की जा सकती है। इसके लिए नगर निगम नो प्रॉफिट-नो लॉस की नीति पर मामूली शुल्क रखेगा, जिसे नगर निगम की समिति तय करेगी। ट्रायल में आ रही दिक्कतों को दूर कर दिवाली पर इसे शुरू करने की योजना है।
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यमुना नदी में कपड़ों की धुलाई और रंगाई का अपशिष्ट जाने से प्रदूषण बढ़ने को देखते हुए नगर निगम ने धोबीघाट बनाया है। छलेसर में करीब 800 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनाया गया धोबीघाट पूरी तरह से स्वचालित है। इस पर 1.90 करोड़ रुपये की लागत आई है। धुलाई की अत्याधुनिक मशीनों के साथ यहां ड्रायर भी रखे गए हैं, जिनसे यमुना किनारे रेत पर कपड़े सुखाने के झंझट से भी मुक्ति मिल जाएगी।
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इसके प्रभारी डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि धुलाई में डिटरजेंट का जो पानी इस्तेमाल के बाद मशीनों से निकलेगा, उसे ट्रीट करके छोड़ा जाएगा ताकि वह यमुना नदी को प्रदूषित न कर सके। यहां तीन बड़ी वॉशिंग मशीनें लगाई गई हैं, जिनमें एक घंटे में 200 किलो कपड़े धोए जा सकते हैं।
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कपड़ों की धुलाई का समय होगा तय
डॉ. अजय कुमार के मुताबिक समाज के लोग यहां कपड़े धोने के लिए आएंगे तो उन्हें बेहद मामूली शुल्क ही देना होगा। बिजली का जितना खर्च होगा, उतना ही उनसे लिया जाएगा। धुलाई के घंटे तय किए जाएंगे, जिससे इसका संचालनकर्ता व्यावसायिक इस्तेमाल भी कर सकेगा। इस धोबीघाट में 30 किलो क्षमता का हाइड्रो एक्सट्रेक्टर है। 60 किलो क्षमता का टंबल ड्रायर है, जबकि दो सेट वैक्यूम आयरनिंग टेबल के होंगे। इलेक्ट्रिकल स्टीम बॉयलर के साथ दो मैनुअल आयरनिंग टेबल भी होंगी। नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने बताया कि पांच बार टेंडर के बाद धोबी घाट का संचालन तय हो पाया है। फिलहाल ट्रायल चल रहा है। इसमें जो कपड़े धोने के लिए जाएगा, उससे नो प्रॉफिट, नो लॉस के आधार पर भुगतान लिया जाएगा। दिवाली के आसपास धोबीघाट का संचालन शुरू हो जाएगा। 
 
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