फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Three accused arrested 39 years later in connection with murder of five people in  agra

UP: पांच हत्याओं से दहल गया था धरैरा...कुल्हाड़ी से काट डाले थे बच्चे और महिलाएं, 39 साल बाद तीन गिरफ्तार

Sun, 14 Dec 2025 03:12 AM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: अरुन पाराशर Updated Sun, 14 Dec 2025 03:12 AM IST
सार

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के गांव धरैरा में 42 साल पहले हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। कुल्हाड़ी से हमलाकर दो बच्चों समेत पांच लोगों की बेरहमी से जान ली गई थी। मामले में 39 साल बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

विज्ञापन
Three accused arrested 39 years later in connection with murder of five people in  agra
गिरफ्तार आरोपी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

आगरा के एत्मादपुर का गांव धरैरा 42 साल पहले पांच लोगों की हत्या से दहल गया था। घर में कुल्हाड़ी से किसान, उनकी मां, पत्नी और दो बच्चों को मौत के घाट उतार दिया गया था। दो और लोगों को मरणासन्न कर दिया था। प्राथमिकी दर्ज करवाने वाला कोई नहीं बचा था। इस पर पुलिस खुद वादी बनी थी।
विज्ञापन


पुलिस जांच के दौरान आठ आरोपियों के नाम सामने लाई थी। उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। दो साल बाद सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। मगर हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान उन्हें डेढ़ साल बाद जमानत मिल गई। इनमें से पांच की मृत्यु हो गई। तीन लापता हो गए। तीनों को तकरीबन 39 साल बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर शनिवार को कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। सभी आरोपियों की उम्र 60 वर्ष से अधिक है।
विज्ञापन


घटना 3 अगस्त 1983 की है। एत्मादपुर के धरैरा गांव निवासी सुख स्वरूप (25), उनकी मां कटोरी देवी (50) वर्षीय, पत्नी राजवती (23), बेटे श्याम (7) और बेटी कल्लो (2) की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या हुई थी। उनके नौकर और बाबा को मरणासन्न कर दिया गया था। सुख स्वरूप किसान थे। पिता नंद सिंह ठाकुर की पूर्व में मृत्यु हो चुकी थी। सुख स्वरूप का अपने चाचा कुंवरपाल सिंह से पुश्तैनी जमीन के बंटवारे का विवाद चल रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, घटना वाली साल प्रधानी के चुनाव भी होने वाले थे। चुनाव के लिए कुंवर पाल सिंह पक्ष ने तैयारी कर रखी थी। चुनाव प्रचार में लगे हुए थे। उधर, सुख स्वरूप ने भी अपनी मां कटोरी देवी को चुनाव में खड़ा करने का एलान कर दिया। इससे दोनों परिवारों के बीच रंजिश बढ़ गई थी।

 

इस घटना ने सभी को झकझोर दिया था। प्राथमिकी दर्ज करने वाला कोई नहीं मिलने से एत्मादपुर थाने के सिपाही रामपाल सिंह वादी बने। उनकी तहरीर पर हत्या की धारा में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने अपनी जांच की। अज्ञात में प्राथमिक की थी। साक्ष्य संकलन किया गया तो आरोपियों के नाम सामने आ गए।

 

विवेचना में आठ नाम उजागर
थाना प्रभारी ने बताया कि सुख स्वरूप के चाचा कुंवर पाल सिंह के छह लड़के थे। इनमें मंजू सिंह पाल, अजय पाल, रामपाल, कैश, राजपाल, सज्जन पाल, गज सिंह का बेटा सुमरपाल और नौकर मानिकचंद बघेल ने हत्या की साजिश रची थी। सभी ने मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिया था पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 4 सितंबर 1983 को आरोपपत्र दाखिल किया गया। सभी आरोपियों को 28 मार्च 1985 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

 

हाईकोर्ट में सुनवाई के बीच मंजू सिंह पाल, अजय पाल, रामपाल, कैशपाल और सुगर पाल की मृत्यु हो गई। जमानत पर बाहर आने के बाद राजपाल, सज्जन पाल और मानिकचंद लापता हो गए। कोर्ट ने तीनों के खिलाफ वारंट जारी किए। उनके हाजिर नहीं होने पर कुर्की की भी कार्रवाई की गई। हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया और आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए। पिछले 1 साल से पुलिस उनकी तलाश में लगी हुई थी।

ये भी पढ़ें-UP: कलयुगी मां की मर गई ममता! एक माह की मासूम को सड़क पर फेंक गई वो...आवारा कुत्तों से राहगीरों ने बचाई जान
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed