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भारत सरकार के लेटर पैड पर नौकरी का ऑफर लेटर देकर ठग लिए हजारों रुपए

Tue, 21 Aug 2018 02:16 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Updated Tue, 21 Aug 2018 02:16 PM IST
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Thousands of rupees for slogan by giving a job offer letter to the Indian government's Letter Pad
रिप्पल फर्जावाड़ा

एक तरफ शिक्षित बेरोजगारों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, वहीं दूसरी ओर इन्हें नौकरी देने के नाम पर ठगों के नए-नए फ्राड उद्योग जमकर फलफूल रहे हैं। ये ठग नौकरी दिलाने के नाम पर भारत सरकार के लेटर हेड की हूबहू कापी बनाकर झांसा देने में गुरेज नहीं कर रहे हैं। इसके शिकार हर दिन कोई न कोई बेरोजगार हो रहा है। ऐसे ही ऑफर लेटर का शिकार लायर्स कालोनी निवासी धर्मवीर सिंह हो गया। जब तक वह समझ पाता, तब तक उससे नौकरी के नाम पर हजारों रुपए ठग लिए गए थे। 

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धर्मवीर सिंह मूलरूप से हाथरस का रहने वाला है। वह आगरा के लायर्स कालोनी में किराए पर रहता है और एक शू कंपनी में अकाउंटेंट के पद पर काम करता है। उसके पास नौ अगस्त को डाक विभाग की रजिस्ट्री से दो लेटर आए। इसमें नौकरी दिलाने के नाम पर भारत सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से वन विभाग के लेटर पैड का इस्तेमाल किया गया। एक में नियुक्ति पत्र और दूसरे में प्रशिक्षण पत्र का लेटर आया। इसमें बताया गया कि 30 नवंबर 2016 में आवेदन हुए थे। उसमें  गृह मंत्रालय ने पहले 50 आवेदकों का चयन किया है।
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इनको लिखित परीक्षा का सामना नहीं करना पड़ेगा और सीधी भर्ती के माध्यम से नौकरी दी जा रही है। धर्मवीर का चयन गार्ड के पद पर हुआ है। इस लेटर में प्रशिक्षण वेतनमान का जिक्र भी किया गया और इस दौरान मेस खर्च 24 घंटे के भीतर जमा करने को कहा गया। मेस की अनिवार्य जमानत राशि 15700 रुपए बताई गई। इतने रूपए जमा करने के बाद ही ट्रेनिंग में भेजने की बात कही गई। लेटर में लिखे कांटेक्ट नंबर पर धर्मवीर ने फोन किया, तो तत्काल रुपए जमा करने का जोर दिया गया। धर्मवीर ने पड़ोसी से रुपए लेकर बताए गए अकाउंट नंबर पर एनएफटी किए। 

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शातिरों ने रुपए ठगने के लिए दोबारा फोन किया और पहले गलत अकाउंट नंबर होने की बात कहकर एक अन्य अकाउंट नंबर पर रुपए डालने की बात कही। धर्मवीर ने मना किया, तो उस पर दबाव बनाने लगे और धमकाने लगे। इसके बाद धर्मवीर को पूरा मामला समझ में आया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। उसने डीआईजी रेंज से पूरे मामले की शिकायत की है। 

ऐसा लेटर बनाया कि असली भी खा जाए धोखा

जालसाजों ने नौकरी का झांसा देने के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय से लेकर वन विभाग का इस्तेमाल किया। इसमें विभाग के लेटर की हर बारीकियों को लेकर लिखा गया। इसे देखकर असली विभाग भी एक बार धोखा खा जाए। अपाइंटमेंट लेटर में लेटर नंबर, पद, पे-बैज, ग्रेड-पे सभी का उल्लेख किया गया। वहीं नियुक्ति पत्र में नौकरी को लेकर पूरा उल्लेख किया गया कि किस पोस्ट के लिए आवेदन किया गया था। कैसे चयन हुआ।   

गृह मंत्रालय का दिया गया हवाला

लेटर हेड को भारत सरकार के वन विभाग का दिखाया गया। इसके लिए लेटर हेड के सबसे ऊपर नीले कैपिटल अक्षरों में फारेस्ट डिपार्टमेंट, उसके नीचे मिनिस्टरी ऑफ होम अफेयर लिखा गया। कोष्ठक में काले अक्षरों में गवर्मेंट ऑफ इंडिया लिखा गया। इसके नीचे आर्य विकास भवन, 73 नेहरू रोड, देहरादून, उत्तराखंड पूरा पता दिया गया।  वन गृह मंत्रालय की नोटिस पर आपने 30 नवंबर 2016 को 

बरते सावधानी
 

- सरकारी नौकरी में मेस या अन्य किसी भी खर्च के नाम पर रुपए जमा नहीं कराए जाते।
- नौकरी के लेटर में दिए गए पते और कांटेक्ट नंबर को गूगल से चेक करें। वहां के स्थायी लैंड लाइन नंबर पर फोन
करके नौकरी के बारे में जानकारी लें।
- नौकरी में कभी कोई तत्काल फोन करके रुपए जमा कराने की बात नहीं करता है। ऐसा करने वालों से सजग रहें।
- न्यूज पेपर में भी नौकरी के ऑफर पर पहले पूरी पड़ताल करें।

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