{"_id":"65685ec7970d32693b00f5a5","slug":"thoracic-surgery-saves-patient-s-life-in-sn-medical-college-agra-2023-11-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"SN Medical College: दुर्घटना में फेफड़ों में धंस गई थीं पसली, भर गया था खून, डॉक्टरों ने ऐसे बचाई युवक की जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
SN Medical College: दुर्घटना में फेफड़ों में धंस गई थीं पसली, भर गया था खून, डॉक्टरों ने ऐसे बचाई युवक की जान
Thu, 30 Nov 2023 03:37 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 30 Nov 2023 03:37 PM IST
सार
सड़क हादसे में घायल युवक की दायीं ओर की सात मुख्य पसली समेत नौ पसलियां टूट गई थीं। उसकी जान बचाने के लिए प्लेट (कृत्रिम हड्डियां) लगाकर छाती का नया ढांचा तैयार किया गया।
विज्ञापन
डॉक्टरों ने ऐसे बचाई युवक की जान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में जटिल ऑपरेशन कर दुर्घटना में घायल युवक की जिंदगी बचाई गई। युवक के दायीं ओर की नौ पसलियां टूट गई थीं। प्लेट के जरिये सीने का नया ढांचा तैयार किया गया। ठीक होने पर 12वें दिन डिस्चार्ज किया गया है।
सुपर स्पेशियलिटी सेंटर के कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) के डॉ. सुशील सिंघल ने बताया कि अवागढ़ निवासी अजित कुमार (25) की 18 नवंबर को सड़क हादसे में हालत गंभीर हो गई थी। एटा से उसी रात एसएन इमरजेंसी भेजा गया था। इमरजेंसी में सीटी स्कैन कराने पर पता चला कि दायीं ओर की सात मुख्य पसली समेत नौ टूट गई हैं। ये फेफड़ों में धंस गईं और खून भी भर गया था। मरीज को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। असहनीय दर्द भी हो रहा था। इलाज शुरू करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. प्रशांत लवानियां के सहयोग से ऑपरेशन के लिए टीम बनाई। इसमें प्लेट (कृत्रिम हड्डियां) लगाकर छाती का नया ढांचा तैयार किया गया।
इसे चिकित्सकीय भाषा में रिब फिक्सेशन कहते हैं। ऑपरेशन के बाद इसमें तेजी से सुधार हुआ और फेफड़ों का भी इलाज किया। अब मरीज को दर्द समेत अन्य परेशानी नहीं हो रही है। बुधवार को डिस्चार्ज कर दिया है। ऑपरेशन चार घंटे तक चला। इस तरह की आगरा में पहली बार सर्जरी हुई है। इसमें डॉ. प्रिया श्रीवास्तव, डॉ. यशवर्धन शर्मा, डॉ. अर्चना अग्रवाल का सहयोग रहा। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि इस तरह के ऑपरेशन आगरा और आसपास के क्षेत्र में पहली बार हुआ है। दिल्ली में इसके लिए तीन से 3.5 लाख रुपये खर्च हो जाते हैं। ऐसे मरीज एसएन के विशेषज्ञों का फायदा उठा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुपर स्पेशियलिटी सेंटर के कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) के डॉ. सुशील सिंघल ने बताया कि अवागढ़ निवासी अजित कुमार (25) की 18 नवंबर को सड़क हादसे में हालत गंभीर हो गई थी। एटा से उसी रात एसएन इमरजेंसी भेजा गया था। इमरजेंसी में सीटी स्कैन कराने पर पता चला कि दायीं ओर की सात मुख्य पसली समेत नौ टूट गई हैं। ये फेफड़ों में धंस गईं और खून भी भर गया था। मरीज को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। असहनीय दर्द भी हो रहा था। इलाज शुरू करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. प्रशांत लवानियां के सहयोग से ऑपरेशन के लिए टीम बनाई। इसमें प्लेट (कृत्रिम हड्डियां) लगाकर छाती का नया ढांचा तैयार किया गया।
विज्ञापन
इसे चिकित्सकीय भाषा में रिब फिक्सेशन कहते हैं। ऑपरेशन के बाद इसमें तेजी से सुधार हुआ और फेफड़ों का भी इलाज किया। अब मरीज को दर्द समेत अन्य परेशानी नहीं हो रही है। बुधवार को डिस्चार्ज कर दिया है। ऑपरेशन चार घंटे तक चला। इस तरह की आगरा में पहली बार सर्जरी हुई है। इसमें डॉ. प्रिया श्रीवास्तव, डॉ. यशवर्धन शर्मा, डॉ. अर्चना अग्रवाल का सहयोग रहा। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि इस तरह के ऑपरेशन आगरा और आसपास के क्षेत्र में पहली बार हुआ है। दिल्ली में इसके लिए तीन से 3.5 लाख रुपये खर्च हो जाते हैं। ऐसे मरीज एसएन के विशेषज्ञों का फायदा उठा सकते हैं।
विज्ञापन