रकम दोगुना करने का लालच: फर्जी बीमा कर निवेशकों के हड़प लिए 38 लाख रुपये, इस तरह हुआ खुलासा
फर्जी कंपनी बनाकर ठगी का खेल किया गया। खुद को एमडी और पत्नी, बहन, बहनोई सहित अन्य रिश्तेदारों को अन्य जिम्मेदारियां दे रखीं थीं।
विस्तार
आगरा में अच्छे ब्याज का झांसा देकर निवेशकों के करीब 38 लाख रुपये हड़प लिए गए। कंपनी में 10 साल से काम कर रहे कर्मचारी ने पॉलिसी परिपक्व (मेच्योर) होने पर निवेशकों को राशि न मिलने पर नाराजगी जताई। इसके बाद आईसीए इंडिया पशुपालन एवं कृषि विकास लिमिटेड के प्रबंधक सहित आठ लोगों के खिलाफ थाना शाहगंज में धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया।
ये है मामला
बरवाली गली, शाहगंज निवासी हबीब खान का आरोप है कि वर्ष 2013 में उसकी नेमीचंद कुशवाह से मुलाकात हुई। उसने बताया कि वह बीमा कंपनी चलाते हैं, जिसका प्रबंधन वह देखते हैं, जबकि अन्य आठ एमडी हैं। लोगों के निवेश धन पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की शर्तों के मुताबिक पॉलिसी के परिपक्व होने पर दोगुनी राशि का भुगतान किया जाता है। कंपनी का कार्यालय शास्त्रीपुरम स्थित कमल कांप्लेक्स के द्वितीय तल पर था। उसने परिचितों व पड़ोसियों से पॉलिसी करवाईं। 100 से 130 लोगों ने कंपनी में निवेश किया।
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नहीं किया भुगतान
पॉलिसी परिपक्व होने लगीं तो उसने धनराशि का भुगतान करने को कहा, लेकिन कंपनी के प्रबंधक व अन्य पदाधिकारियों ने टालमटोल की। प्रबंधक ने कंपनी में अपनी पत्नी, बहन, बहनोई सहित अन्य रिश्तेदारों को एमडी आदि बना रखा है। अब निवेशक चक्कर काटने को मजबूर हैं। आरोप है कि कंपनी ने करीब 38 लाख रुपये हड़प लिए हैं। इसके अलावा 80 से अधिक लोगों से धनराशि लेकर उनकी पॉलिसी भी नहीं की हैं। काफी प्रयास के बाद भी निवेशकों की धनराशि वापस नहीं मिलने पर पीड़ित ने थाना शाहगंज में धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है।
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इनके नाम दर्ज हुआ मुकदमा
दर्ज कराए मुकदमे में प्रबंधक नेमीचंद कुशवाह, रघुवीर, विमलेश पत्नी रघुवीर, अशोक, जगन्नाथ, महेंद्र, मंजू पुत्री जगन्नाथ व संजय को नामजद किया गया है। पीड़ित ने एसटीएफ से मामले की जांच कराने की मांग की है।
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फर्जी पॉलिसी करते हैं
आरोप है कि कंपनी के लोग फर्जी पॉ़लिसी निवेशक को थमा देते हैं, जिसका कोई रिकाॅर्ड नहीं मिलता है। कंपनी के विरुद्ध पूर्व में भी कई शिकायतें हो चुकी हैं मगर कार्रवाई नहीं हो सकी है।