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Agra News: बंदी की मौत के मामले की होगी न्यायिक जांच
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कासगंज। पचलाना की जिला जेल में बंद गैंगस्टर में निरुद्ध बंदी की सोमवार की देर रात्रि खून की उल्टी होने के कारण मौत हो गई। गैंगस्टर एक्ट में थाना गंजडुंडवारा पुलिस ने बंदी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जिसमें पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेजा था। अब बंदी की मौत के मामले में न्यायिक जांच होगी।
जिला जेल में बंद गैंगस्टर में निरुद्ध बंदी इंद्रपाल (55) निवासी काशीपुर दिहारी की पिछले दो दिनों से तबीयत खराब थी। जेल के चिकित्सालय में बंदी का इलाज चल रहा था, लेकिन दो दिन पूर्व बंदी की हालत खून की उल्टी होने पर ज्यादा खराब हो गई। जेल के चिकित्सक ने उच्च चिकित्सा के लिए बंदी को रेफर किया। जेलकर्मी अभिरक्षा में सोमवार रात्रि से जिला चिकित्सालय लेकर आए। जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों ने रात नौ बजे बंदी को मृत घोषित कर दिया। बंदी की मौत होने पर जिला प्रशासन ने रात्रि में ही बंदी के परिजन को सूचना दी। प्रशासनिक अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। बंदी की मौत की जानकारी होने पर परिवार में कोहराम मच गया। सूचना के बाद परिजन भी जिला चिकित्सालय पहुंच गए। पुलिस ने बंदी के शव का पंचनामा की कार्रवाई करके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बंदी इंद्रपाल अपने साथी पोखपाल के पुत्र भोले उर्फ साहब सिंह की हत्या में शामिल रहा था। पोखपाल ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर पुत्र की हत्या कराई थी। इस मामले में गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई इंद्रपाल के अलावा वीरेंद्र निवासी नगला चीटा, गनेश निवासी मजरा दिहारी और पोखपाल निवासी मजरा दिहारी के खिलाफ हुई थी। 29 अगस्त को जिलाधिकारी ने कार्रवाई की संस्तुति की थी।
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जिला जेल में बंदी की बीमारी के चलते मौत हुई है। अब इस मामले की नियमानुसार न्यायिक जांच होगी। - हर्षिता माथुर, डीएम
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जिला जेल में बंद गैंगस्टर में निरुद्ध बंदी इंद्रपाल (55) निवासी काशीपुर दिहारी की पिछले दो दिनों से तबीयत खराब थी। जेल के चिकित्सालय में बंदी का इलाज चल रहा था, लेकिन दो दिन पूर्व बंदी की हालत खून की उल्टी होने पर ज्यादा खराब हो गई। जेल के चिकित्सक ने उच्च चिकित्सा के लिए बंदी को रेफर किया। जेलकर्मी अभिरक्षा में सोमवार रात्रि से जिला चिकित्सालय लेकर आए। जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों ने रात नौ बजे बंदी को मृत घोषित कर दिया। बंदी की मौत होने पर जिला प्रशासन ने रात्रि में ही बंदी के परिजन को सूचना दी। प्रशासनिक अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। बंदी की मौत की जानकारी होने पर परिवार में कोहराम मच गया। सूचना के बाद परिजन भी जिला चिकित्सालय पहुंच गए। पुलिस ने बंदी के शव का पंचनामा की कार्रवाई करके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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बंदी इंद्रपाल अपने साथी पोखपाल के पुत्र भोले उर्फ साहब सिंह की हत्या में शामिल रहा था। पोखपाल ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर पुत्र की हत्या कराई थी। इस मामले में गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई इंद्रपाल के अलावा वीरेंद्र निवासी नगला चीटा, गनेश निवासी मजरा दिहारी और पोखपाल निवासी मजरा दिहारी के खिलाफ हुई थी। 29 अगस्त को जिलाधिकारी ने कार्रवाई की संस्तुति की थी।
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जिला जेल में बंदी की बीमारी के चलते मौत हुई है। अब इस मामले की नियमानुसार न्यायिक जांच होगी। - हर्षिता माथुर, डीएम