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सिपाही का शव आते ही घर में मचा कोहराम
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किरावली (आगरा)। मुरैना में हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले थाना कागारौल के गांव नगला बल्देव खेड़िया प्रथम निवासी सिपाही पवन कुमार (35) का शव आते ही घर में कोहराम मच गया। देर रात पुलिस गारद की सलामी के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह ने भी पहुंचकर मृत सिपाही पवन कुमार के परिजनों को ढांढस बंधाया।
परिजनों के मुताबिक पवन कुमार तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। मृतक के एक बेटी हिना (13) और एक बेटा सक्षम (6) हैं। हादसे की खबर लगते ही पत्नी सुरेश देवी और मां संता देवी की रो-रोकर हालत खराब है।
पवन कुमार 2011 में झांसी में पुलिस में भर्ती हुए थे। इस समय वह बेसवां पुलिस चौकी, थाना इगलास, जिला अलीगढ़ में तैनात थे। वहीं से वह उप निरीक्षक मनीष कुमार हेड कांस्टेबल सुनील कुमार व राम कुमार के साथ दबिश देने गए थे।
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बुधवार की शाम पवन कुमार के शव को मुरैना से पहले आगरा पुलिस लाइन लाया गया। वहां से नगला बल्देव खेड़िया प्रथम गांव लाया गया। देर शाम पूर्व सांसद चौधरी बाबूलाल ने भी घर पहुंचकर मृतक के भाई धर्मेंद्र सिंह, लोकेंद्र सिंह, पिता रामवीर सिंह को ढांढस बंधाया।
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परिजनों के मुताबिक पवन कुमार तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। मृतक के एक बेटी हिना (13) और एक बेटा सक्षम (6) हैं। हादसे की खबर लगते ही पत्नी सुरेश देवी और मां संता देवी की रो-रोकर हालत खराब है।
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पवन कुमार 2011 में झांसी में पुलिस में भर्ती हुए थे। इस समय वह बेसवां पुलिस चौकी, थाना इगलास, जिला अलीगढ़ में तैनात थे। वहीं से वह उप निरीक्षक मनीष कुमार हेड कांस्टेबल सुनील कुमार व राम कुमार के साथ दबिश देने गए थे।
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बुधवार की शाम पवन कुमार के शव को मुरैना से पहले आगरा पुलिस लाइन लाया गया। वहां से नगला बल्देव खेड़िया प्रथम गांव लाया गया। देर शाम पूर्व सांसद चौधरी बाबूलाल ने भी घर पहुंचकर मृतक के भाई धर्मेंद्र सिंह, लोकेंद्र सिंह, पिता रामवीर सिंह को ढांढस बंधाया।