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यहां भी कई जवाहरबाग, सोए हुए हैं साहब

Sat, 04 Jun 2016 01:28 AM IST
अमर उजाला आगरा
अमर उजाला आगरा Updated Sat, 04 Jun 2016 01:28 AM IST
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There are also many Jwahrbag, officers in sleep
यहां भी कई जवाहरबाग, सोए हुए हैं साहब - फोटो : Amar Ujala
मथुरा की तरह शहर में भी कई ऐसे जवाहरबाग हैं, जहां लोग कब्जा जमाए हुए हैं। स्थिति यह है कि कई भूखंडों पर तो दशकों से कब्जा है, लेकिन प्रशासन नींद में है। जबकि पूर्व में कई बार नजूल, राजस्व और राजकीय आस्थान की सैकड़ों बीघा भूमि खाली कराने में पुलिस और कब्जाधारियों में टकराव की स्थिति बन चुकी है। इसके बाद भी कब्जाधारियों को खदेड़ने के लिए कोई फुलप्रूफ प्लान नहीं बन सका। अकेले नगर निगम की ही करीब 200 करोड़ रुपये की संपत्ति को प्रशासन अवैध कब्जों से मुक्त नहीं करा पाया है। 
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नगर निगम की संपत्तियों की बात करें तो विभाग के पास सभी आंकडे़ हैं। पेच ऐसा फंसा है कि चाहकर भी भूखंडों को खाली नहीं करा पा रहे हैं। राधानगर खसरा नंबर 501 में करीब पांच विस्वा, मऊ मुस्तकिल में खसरा नंबर 631, 927, 1032 और अन्य नंबरों में करीब 13 बीघा बेशकीमती भूखंडों पर अवैध कब्जे हैं। लेन गऊशाला चारागाह में खसरा नंबर 317/21 में लगभग 10 बीघा, फाउंड्रीनगर में करीब 12 विस्वा, कालिंदी विहार में एक बीघा भूमि पर कब्जा है। इसके अलावा राजकीय आस्थान के सैकड़ों एकड़ भूमि पर कब्जे हैं। 
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पार्क, कब्रिस्तान, तालाब भी नहीं छोड़े

अवैध कब्जों का आलम यह है कि लोगों ने पार्क, कब्रिस्तान, शमशान घाट और तालाब भी नहीं छोड़े हैं। संयुक्त सचिव जेपी सिंह ने 27 मई को ही जिलाधिकारी पंकज कुमार को चार तालाब, पोखर और कब्रिस्तान से कब्जा हटाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश भर में अवैध कब्जे हैं। फरवरी 2016 में हुई समीक्षा बैठक में सरकारी भूखंडों पर अवैध कब्जों की करीब 13,047 शिकायतें दर्ज कराई गईं। इनमें से 12,861 मामलों में कार्रवाई की गई है।
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यहां हो चुके हैं बवाल

शहर में अवैध कब्जों को हटाने में कई बार बवाल हो चुके हैं। बिजलीघर पर बौद्ध विहार स्टेशन के पास रक्षा संपदा विभाग के भूखंड को खाली कराने के लिए अधिकारियों ने लगातार 2011 और 2014-15 में कार्यवाही की। यमुनापार में महताब बाग के पास राजकीय आस्थान के भूखंड को खाली कराने के लिए 2015 में पुलिस प्रशासन को सख्ती बरतनी पड़ी थी। उखर्रा रोड पर भूखंड खाली कराने के लिए पुलिस, प्रशासन को काफी पापड़ बेलने पड़े। 2004 में आगरा विकास प्राधिकरण को शास्त्रीपुरम में भूखंड का कब्जा लेने में ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा था। यहां उपद्रवियों ने एडीए की जेसीबी सहित कई वाहन जला दिए थे। टीपी नगर में कई बार टकराव के हालात बने। 


आगरा में मथुरा जैसा पेंच नहीं है, लेकिन जिन सरकारी भूखंडों पर अवैध कब्जे हैं, उन्हेें खाली कराने के लिए राजस्व विभाग की टीम प्रयासरत है। पिछले दिनों तमाम बेशकीमती भूखंड खाली कराए गए हैं। इनमें टीपीनगर में नहर विभाग और एडीए के कई भूखंड खाली हुए हैं। पोखर, तालाब, कब्रिस्तान और श्मशान को खाली कराने का अभियान लगातार जारी रहता है। 
- राजकुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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