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Agra News: जख्म अभी भरे नहीं, फिर बुना मौत का जाल
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खटीक पाड़ा क्षेत्र में गंदी नाली में पड़ी पानी की पाइप लाइन। संवाद
Iआगरा। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में जल त्रासदी की चर्चाएं हैं, लेकिन आगरा 1993 में ही खटीकपाड़ा में इससे बड़ी त्रासदी झेल चुका है। तब 21 लोगों की मौत गंदा पानी पीने से हो गई थी और 200 से ज्यादा लोग बीमार हो गए थे। इन 33 सालों में और इंदौर की घटना से आगरा में कोई सबक नहीं सीखा गया। I
Iआगरा स्मार्ट सिटी ने ताजमहल के पास सीवर लाइन के अंदर पानी की लाइन बिछा दी, वहीं, जल निगम ने नालियों के अंदर से होकर पानी की लाइनें बिछाई हैं, जिनमें लीकेज के कारण लोगों के घरों में आपूर्ति के दौरान पहले आधे घंटे तक पीला-बदबूदार गंदा पानी पहुंचता है। I
ताजमहल के पास ताजगंज के नवादा बाजार में सीवर लाइन के मैनहोल से होकर पानी की लाइनें बिछा दी गई हैं। ऐसा एक नहीं, बल्कि कई सीवर मैनहोल में किया गया। लीकेज होने पर इंदौर जैसा हादसा हो सकता है। यह अंधेरगर्दी स्मार्ट सिटी के 143 करोड़ रुपये की लागत से किए गए काम में की गई है।
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ताजगंज के नवादा और नंदा बाजार इलाके से स्मार्ट सिटी कंपनी ने पानी की 350 मिमी व्यास की पाइपलाइन बिछाई। पांच साल तक लाइन बिछाने वाली कंपनी को ही संचालन और मरम्मत करनी है। नवादा में जब सीवर उफना तब सफाई के दौरान यह पता चला। केवल नवादा और नंदा बाजार नहीं, बल्कि पूरे ताजगंज में पानी की और सीवर लाइन बिछाने के काम में इतना घालमेल है कि जलकल विभाग ने आगरा स्मार्ट सिटी से हैंडओवर लेने से ही इन्कार कर दिया है।
एक ही कंपनी ने बिछाई दोनों लाइनें
आगरा स्मार्ट सिटी के इस प्रोजेक्ट में एक ही कंपनी ने ताजमहल के पास पानी और सीवर की लाइनें बिछाई हैं। अलाइनमेंट बचाने और जल्दबाजी के कारण नवादा और नंदा बाजार में यह गड़बड़ी की गईं, जिसका खामियाजा ताजगंज के लोगों को उठाना पड़ रहा है।
पहले खामियों को दूर कराएं
- ताजगंज में पानी की आपूर्ति के काम में कई गड़बड़ियां हैं। इनमें सीवर लाइन के अंदर पानी की लाइन बिछाई गई है। जब तक इन कमियों को दूर नहीं किया जाता, तब तक हैंडओवर नहीं किया जा सकता। पहले खामियों को दूर किया जाए- अरुणेंद्र राजपूत, महाप्रबंधक, जलकल
सख्त कार्रवाई की जाए
- ये कैसा स्मार्ट काम है कि सीवर लाइन में पानी की लाइन बिछा दी। यह मौत का जाल जिसने भी बनाया, उसने इंदौर और खटीकपाड़ा से सबक नहीं सीखा। हमने खुद सीवर मैनहोल खुलवाकर देखे हैं। मुख्यमंत्री से दोषी कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने, सख्त कार्रवाई की मांग की है।- बालयोगी, गरीब सेना
लीकेज हुआ तो पहुंचेगा गंदा पानी
- सीवर लाइन में पाइप जहरीली गैसों के कारण जल्द क्षतिग्रस्त हो जाएंगे, फिर भी मैनहोल के अंदर क्यों लाइन डाली गई। लीकेज हुआ तो सीवर घुला पानी लोगों तक पहुंचेगा। दोषियों पर ऐसी कार्रवाई हो कि नजीर बने। - बंटी माहौर, पार्षद एवं कार्यकारिणी सदस्य
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Iआगरा स्मार्ट सिटी ने ताजमहल के पास सीवर लाइन के अंदर पानी की लाइन बिछा दी, वहीं, जल निगम ने नालियों के अंदर से होकर पानी की लाइनें बिछाई हैं, जिनमें लीकेज के कारण लोगों के घरों में आपूर्ति के दौरान पहले आधे घंटे तक पीला-बदबूदार गंदा पानी पहुंचता है। I
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ताजमहल के पास ताजगंज के नवादा बाजार में सीवर लाइन के मैनहोल से होकर पानी की लाइनें बिछा दी गई हैं। ऐसा एक नहीं, बल्कि कई सीवर मैनहोल में किया गया। लीकेज होने पर इंदौर जैसा हादसा हो सकता है। यह अंधेरगर्दी स्मार्ट सिटी के 143 करोड़ रुपये की लागत से किए गए काम में की गई है।
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ताजगंज के नवादा और नंदा बाजार इलाके से स्मार्ट सिटी कंपनी ने पानी की 350 मिमी व्यास की पाइपलाइन बिछाई। पांच साल तक लाइन बिछाने वाली कंपनी को ही संचालन और मरम्मत करनी है। नवादा में जब सीवर उफना तब सफाई के दौरान यह पता चला। केवल नवादा और नंदा बाजार नहीं, बल्कि पूरे ताजगंज में पानी की और सीवर लाइन बिछाने के काम में इतना घालमेल है कि जलकल विभाग ने आगरा स्मार्ट सिटी से हैंडओवर लेने से ही इन्कार कर दिया है।
एक ही कंपनी ने बिछाई दोनों लाइनें
आगरा स्मार्ट सिटी के इस प्रोजेक्ट में एक ही कंपनी ने ताजमहल के पास पानी और सीवर की लाइनें बिछाई हैं। अलाइनमेंट बचाने और जल्दबाजी के कारण नवादा और नंदा बाजार में यह गड़बड़ी की गईं, जिसका खामियाजा ताजगंज के लोगों को उठाना पड़ रहा है।
पहले खामियों को दूर कराएं
- ताजगंज में पानी की आपूर्ति के काम में कई गड़बड़ियां हैं। इनमें सीवर लाइन के अंदर पानी की लाइन बिछाई गई है। जब तक इन कमियों को दूर नहीं किया जाता, तब तक हैंडओवर नहीं किया जा सकता। पहले खामियों को दूर किया जाए- अरुणेंद्र राजपूत, महाप्रबंधक, जलकल
सख्त कार्रवाई की जाए
- ये कैसा स्मार्ट काम है कि सीवर लाइन में पानी की लाइन बिछा दी। यह मौत का जाल जिसने भी बनाया, उसने इंदौर और खटीकपाड़ा से सबक नहीं सीखा। हमने खुद सीवर मैनहोल खुलवाकर देखे हैं। मुख्यमंत्री से दोषी कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने, सख्त कार्रवाई की मांग की है।- बालयोगी, गरीब सेना
लीकेज हुआ तो पहुंचेगा गंदा पानी
- सीवर लाइन में पाइप जहरीली गैसों के कारण जल्द क्षतिग्रस्त हो जाएंगे, फिर भी मैनहोल के अंदर क्यों लाइन डाली गई। लीकेज हुआ तो सीवर घुला पानी लोगों तक पहुंचेगा। दोषियों पर ऐसी कार्रवाई हो कि नजीर बने। - बंटी माहौर, पार्षद एवं कार्यकारिणी सदस्य