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Agra News: मुद्दई की मौत के बाद मुकदमे का फैसला, आरोपी बरी
Sat, 19 Jul 2025 01:16 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sat, 19 Jul 2025 01:16 AM IST
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मैनपुरी। दस साल पुराने दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट से दुष्कर्म का मुकदमा छूट गया। आरोपी मोहम्मद सगीर कुरैशी को कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। यह फैसला तब आया जब मुकदमे की सुनवाई के दौरान पीड़िता की बीमारी के कारण दो साल पूर्व मौत हो गई। इसके कारण अभियोजन पक्ष अपने आरोपों को साबित नहीं कर सका।मामला 25 अक्टूबर 2015 का है। कोतवाली क्षेत्र की एक कॉलोनी निवासी एक विधवा महिला ने मोहम्मद सगीर कुरैशी के खिलाफ दुष्कर्म करने और विरोध करने पर मारपीट करने का केस दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच के बाद मोहम्मद सगीर कुरैशी निवासी गोलाबाजार, थाना कोतवाली, के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। सगीर के साथ रहती थी महिलापुलिस की जांच में सामने आया था कि मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला के पति की मृत्यु वर्ष 2008 में हो गई थी। पति के निधन के बाद वह अपने दो दिव्यांग बच्चों के साथ मोहम्मद सगीर कुरैशी के साथ रहने लगी थी, और सगीर ही उनका खर्चा उठाता था। आरोप था कि 2013 में उनके बीच विवाद शुरू हो गया और सगीर कथित तौर पर आए दिन उसे पीटने लगा। 25 अक्टूबर 2015 को आरोप लगाया गया था कि सगीर ने उसके साथ दुष्कर्म किया, विरोध करने पर उसे पीटा और जान से मारने की धमकी भी दी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान पीड़िता की मृत्यु हो जाने के कारण अभियोजन पक्ष गवाही के आधार पर अपनी कहानी साबित नहीं कर सका। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से नबाब सिंह पाल द्वारा प्रस्तुत तथ्यों को भी अभियोजन पक्ष गलत साबित नहीं कर पाया। इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने मोहम्मद सगीर कुरैशी को दुष्कर्म के आरोप से बरी कर दिया।
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