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Agra News: 100 करोड़ की आतिश से झिलमिलाएगा आसमान
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ताज कॉरीडोर के पास लगी अतिशबाजी की दुकानों पर अतिशबाजी की खरदारी करते हुए लोग। संवाद
आगरा। दिवाली की रात आसमान आतिश से सतरंगी होगा। सितारों की तरह समा झिलमिलाएगा। तीन दिन में शहर में करीब 100 करोड़ रुपये की आतिशबाजी का अनुमान है। आठ जगह अस्थायी पटाखा बाजार सजे हैं। जहां शनिवार सुबह से इन दुकानों पर पटाखों की खरीदारी के लिए हुजूम उमड़ता रहा।
कोठी मीना बाजार, जीआईसी मैदान, अबुलउलाह की दरगाह से लेकर आवास विकास कॉलोनी स्थित सेक्टर-11 में सजे अस्थायी बाजार में जमकर पटाखों की बिक्री हो रही है। धनतेरस से शुरू हुई बिक्री अन्नकूट तक चलेगी। बाजारों में उमड़ी भीड़ के बीच पटाखों के असुरक्षित भंडारण, गाड़ियों में अवैध परिवहन और बच्चों की अनदेखी से किसी बड़े हादसे की आशंका भी बढ़ गई है। मुख्य बाजार के अलावा कई स्थानों पर लोग नियमों को दरकिनार कर स्कूटी की डिकी और कारों में पटाखे रखकर बेच और ले जा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इंजन और साइलेंसर की गर्मी से डिकी में रखे विस्फोटकों में अचानक आग लगा सकती है।
अग्निशमन विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने केवल चिह्नित आठ स्थलों पर ही बिक्री की अनुमति दी है। बावजूद इसके रिहायशी इलाकों में असुरक्षित खरीद-बिक्री जारी है, जो सुरक्षा मानकों का सीधा उल्लंघन है। इसके अलावा ऑनलाइन भी पटाखों की बिक्री हो रही है। नकली पटाखों से भी हादसे की आशंका बनी रहती है। आतिशबाजी त्योहार की खुशियां में खलल न डालें इसके लिए संभालकर पटाखे चलाएं।
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सावधानी ही बचाव
- असुरक्षित परिवहन से बचें: पटाखों को स्कूटी की डिकी या बंद वाहन में न रखें।
- बच्चों की निगरानी: बड़ों की उपस्थिति में ही बच्चों को आतिशबाजी करने दे।
- कपड़ों व पानी का ध्यान रखें: ढीले व सिंथेटिक कपड़े पहनने से बचें, पास में पानी या रेत की बाल्टी जरूर रखें।
- ग्रीन पटाखे: केवल लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं से प्रमाणित पटाखे ही खरीदें।
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कोठी मीना बाजार, जीआईसी मैदान, अबुलउलाह की दरगाह से लेकर आवास विकास कॉलोनी स्थित सेक्टर-11 में सजे अस्थायी बाजार में जमकर पटाखों की बिक्री हो रही है। धनतेरस से शुरू हुई बिक्री अन्नकूट तक चलेगी। बाजारों में उमड़ी भीड़ के बीच पटाखों के असुरक्षित भंडारण, गाड़ियों में अवैध परिवहन और बच्चों की अनदेखी से किसी बड़े हादसे की आशंका भी बढ़ गई है। मुख्य बाजार के अलावा कई स्थानों पर लोग नियमों को दरकिनार कर स्कूटी की डिकी और कारों में पटाखे रखकर बेच और ले जा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इंजन और साइलेंसर की गर्मी से डिकी में रखे विस्फोटकों में अचानक आग लगा सकती है।
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अग्निशमन विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने केवल चिह्नित आठ स्थलों पर ही बिक्री की अनुमति दी है। बावजूद इसके रिहायशी इलाकों में असुरक्षित खरीद-बिक्री जारी है, जो सुरक्षा मानकों का सीधा उल्लंघन है। इसके अलावा ऑनलाइन भी पटाखों की बिक्री हो रही है। नकली पटाखों से भी हादसे की आशंका बनी रहती है। आतिशबाजी त्योहार की खुशियां में खलल न डालें इसके लिए संभालकर पटाखे चलाएं।
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सावधानी ही बचाव
- असुरक्षित परिवहन से बचें: पटाखों को स्कूटी की डिकी या बंद वाहन में न रखें।
- बच्चों की निगरानी: बड़ों की उपस्थिति में ही बच्चों को आतिशबाजी करने दे।
- कपड़ों व पानी का ध्यान रखें: ढीले व सिंथेटिक कपड़े पहनने से बचें, पास में पानी या रेत की बाल्टी जरूर रखें।
- ग्रीन पटाखे: केवल लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं से प्रमाणित पटाखे ही खरीदें।