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निर्माण कार्य को लेकर सचिव और लेखपाल आए आमने-सामने
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टूंडला (फिरोजाबाद)। शनिवार को गांव अलीनगर कैंजरा में सरकारी कर्मचारी ही आपस में भिड़ गए। ग्राम सभा की एक विवादित जमीन पर निर्माण कार्य रुकवाने पहुंचे लेखपाल का सचिव ने विरोध कर दिया। जब लेखपाल ने सचिव की एसडीएम से बात कराई तो सचिव ने निर्माण कार्य रुकवाने में असमर्थता व्यक्त कर दी। सचिव ने एसडीएम पर अभद्रता का आरोप लगाया है। वहीं ग्रामीणों ने प्रधान के नेतृत्व में एसडीएम के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की।
थाना टूंडला के गांव अलीनगर कैंजरा का मामला है। गांव में ग्राम सभा की जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। गांव के कुछ लोग उस जमीन पर अपना पट्टा बता रहे हैं। इस पर तहसील प्रशासन जांच करा रहा है। ग्राम प्रधान आशादेवी ने सचिव मानवेंद्र प्रताप के साथ शनिवार शाम करीब चार बजे उक्त जमीन पर पंचायत भवन का निर्माण शुरू करा दिया। इसका ग्रामीणों ने विरोध किया लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में ग्रामीणों ने एसडीएम सदर से जब शिकायत की तो उन्होंने लेखपाल प्रेमपाल को निर्माण कार्य रुकवाने के लिए भेज दिया।
लेखपाल ने जमीन पर विवाद की जांच चलने की बात कहते हुए जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य रुकवाने को कहा तथा एसडीएम से सचिव की बात कराई। इस पर सचिव ने निर्माण कार्य रुकवाने में असमर्थता जताते हुए प्रधान द्वारा निर्माण कराने की बात कही। इस पर एसडीएम से सचिव की बहस हो गई। तब लेखपाल ने पुलिस बुला ली। सचिव ने एसडीएम पर अभद्र भाषा प्रयोग करने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि मामले में मुख्यमंत्री एवं डीएम से शिकायत करेंगे। इस बीच सचिव के समर्थन में ग्राम प्रधान के नेतृत्व में ग्रामीणों ने एसडीएम के विरोध में भी नारेबाजी कर दी।
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मामले में सचिव को एक सरकारी कर्मचारी होने के नाते सिर्फ उसका काम याद दिलाया था। सचिव से सिर्फ बगैर जांच के काम कैसे हो रहा है की जानकारी ली थी। साथ ही उससे सचिव की जिम्मेदारी क्या होती है पूछा था।
राजेश कुमार वर्मा, एसडीएम, सदर, फिरोजाबाद
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थाना टूंडला के गांव अलीनगर कैंजरा का मामला है। गांव में ग्राम सभा की जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। गांव के कुछ लोग उस जमीन पर अपना पट्टा बता रहे हैं। इस पर तहसील प्रशासन जांच करा रहा है। ग्राम प्रधान आशादेवी ने सचिव मानवेंद्र प्रताप के साथ शनिवार शाम करीब चार बजे उक्त जमीन पर पंचायत भवन का निर्माण शुरू करा दिया। इसका ग्रामीणों ने विरोध किया लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में ग्रामीणों ने एसडीएम सदर से जब शिकायत की तो उन्होंने लेखपाल प्रेमपाल को निर्माण कार्य रुकवाने के लिए भेज दिया।
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लेखपाल ने जमीन पर विवाद की जांच चलने की बात कहते हुए जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य रुकवाने को कहा तथा एसडीएम से सचिव की बात कराई। इस पर सचिव ने निर्माण कार्य रुकवाने में असमर्थता जताते हुए प्रधान द्वारा निर्माण कराने की बात कही। इस पर एसडीएम से सचिव की बहस हो गई। तब लेखपाल ने पुलिस बुला ली। सचिव ने एसडीएम पर अभद्र भाषा प्रयोग करने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि मामले में मुख्यमंत्री एवं डीएम से शिकायत करेंगे। इस बीच सचिव के समर्थन में ग्राम प्रधान के नेतृत्व में ग्रामीणों ने एसडीएम के विरोध में भी नारेबाजी कर दी।
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मामले में सचिव को एक सरकारी कर्मचारी होने के नाते सिर्फ उसका काम याद दिलाया था। सचिव से सिर्फ बगैर जांच के काम कैसे हो रहा है की जानकारी ली थी। साथ ही उससे सचिव की जिम्मेदारी क्या होती है पूछा था।
राजेश कुमार वर्मा, एसडीएम, सदर, फिरोजाबाद