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Agra News: दो साल के सभी टेंडरों की जांच कराएगा नगर निगम
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आगरा। टेंडरों की दरों में हेरफेर करने के मामले में नगर निगम ने दो साल में जारी किए गए सभी टेंडरों की जांच के आदेश दिए हैं। अपर नगर आयुक्त की अध्यक्षता में बनी कमेटी इन दो सालों में जारी टेंडरों की फाइलों को खंगालेगी। ब्लैकलिस्ट की गई फर्म डीके कंस्ट्रक्शन के सभी कामों का ब्योरा भी यह कमेटी जांचेगी।
नगर आयुक्त ने अपर नगर आयुक्त को दो साल के सभी टेंडर जांचने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस मामले के बाद एहतियात बरतते हुए सात कंप्यूटर ऑपरेटरों के पटल और विभाग बदल दिए हैं। इस मामले की जद में अभी और कर्मचारी आ सकते हैं।
फर्म डीके कंस्ट्रक्शन द्वारा कर्मचारियों से गठजोड़ कर टेंडर की दरों में बदलाव का मामला खुला तो इसकी जांच शुरू हुई है। नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने बताया कि ठेकेदार और कर्मचारी ने अब तक किन फाइलों में ऐसी गड़बड़ी की है, इसकी जांच के लिए उन्होंने दो साल के सभी टेंडरों को जांचने के निर्देश दिए हैं।
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सोमवार को पूरे दिन इंजीनियरिंग और अन्य विभागों में इस मामले की चर्चाएं होती रहीं। हेरफेर का यह मामला करोड़ों तक पहुंच सकता है। गोपनीय जांच में हुए खुलासे के बाद नगर आयुक्त ने जोनल लिपिक करन को निलंबित किया है और इस मामले की तह तक जाने के लिए अपर नगर आयुक्त की कमेटी से जांच का दायरा बढ़ाने को कहा है।
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लग्जरी गाड़ियां और आलीशान रहन-सहन
कानपुर की तरह ही आगरा नगर निगम में भी ठेकेदारों और कर्मचारियों का यह गठजोड़ सामने आया है। निगम के कर्मचारियों पर पूर्व में भी लग्जरी कारों से चलने, आलीशान रहन-सहन के आरोप लगे हैं। 15 से 20 हजार रुपये का वेतन पाने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों की जीवनशैली पर पुराने कर्मचारियों ने सवाल भी खड़े किए।
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सात कंप्यूटर ऑपरेटरों की बदली तैनाती
आगरा। नगर निगम में टेंडर घोटाले के बाद नगर आयुक्त ने पूरी व्यवस्था में बदलाव किया है। लंबे समय से एक ही जगह तैनात आउटसोर्स कंप्यूटर ऑपरेटरों की तैनाती में फेरबदल किया गया है। इनके वर्तमान पटल और विभागों में फेरबदल करते हुए नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य के आदेश पर अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने सातों कंप्यूटर ऑपरेटरों के तबादले की सूची जारी की। अपर नगर आयुक्त ने बताया कि विभागीय कार्यव्यवस्था के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इनमें सुरेंद्र जयंत को लोहामंडी जोन के अभियंत्रण विभाग से गृहकर लोहामंडी जोनल कार्यालय, अमित द्विवेदी को गृहकर लोहामंडी जोनल कार्यालय से मुख्य अभियंता कार्यालय भेजा है।
अतेंद्र यादव को ई-टेंडरिंग कार्यालय से गृहकर ताजगंज जोनल कार्यालय में तैनात किया गया है। हर्षपाल को हरीपर्वत जोन के अभियंत्रण विभाग से ई-टेंडरिंग कार्यालय, मुकुल शर्मा को मुख्य अभियंता कार्यालय से जन्म-मृत्यु पंजीकरण कार्यालय, छत्ता जोन और ध्रुव चौहान को ताजगंज जोनल कार्यालय के गृहकर विभाग से हरीपर्वत जोन के अभियंत्रण विभाग में नई तैनाती दी गई है।
दिलीप कुशवाह को छत्ता जोन के जन्म-मृत्यु पंजीकरण कार्यालय से लोहामंडी जोन के अभियंत्रण विभाग में स्थानांतरित किया गया है। ब्यूरो
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नगर आयुक्त ने अपर नगर आयुक्त को दो साल के सभी टेंडर जांचने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस मामले के बाद एहतियात बरतते हुए सात कंप्यूटर ऑपरेटरों के पटल और विभाग बदल दिए हैं। इस मामले की जद में अभी और कर्मचारी आ सकते हैं।
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फर्म डीके कंस्ट्रक्शन द्वारा कर्मचारियों से गठजोड़ कर टेंडर की दरों में बदलाव का मामला खुला तो इसकी जांच शुरू हुई है। नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने बताया कि ठेकेदार और कर्मचारी ने अब तक किन फाइलों में ऐसी गड़बड़ी की है, इसकी जांच के लिए उन्होंने दो साल के सभी टेंडरों को जांचने के निर्देश दिए हैं।
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सोमवार को पूरे दिन इंजीनियरिंग और अन्य विभागों में इस मामले की चर्चाएं होती रहीं। हेरफेर का यह मामला करोड़ों तक पहुंच सकता है। गोपनीय जांच में हुए खुलासे के बाद नगर आयुक्त ने जोनल लिपिक करन को निलंबित किया है और इस मामले की तह तक जाने के लिए अपर नगर आयुक्त की कमेटी से जांच का दायरा बढ़ाने को कहा है।
लग्जरी गाड़ियां और आलीशान रहन-सहन
कानपुर की तरह ही आगरा नगर निगम में भी ठेकेदारों और कर्मचारियों का यह गठजोड़ सामने आया है। निगम के कर्मचारियों पर पूर्व में भी लग्जरी कारों से चलने, आलीशान रहन-सहन के आरोप लगे हैं। 15 से 20 हजार रुपये का वेतन पाने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों की जीवनशैली पर पुराने कर्मचारियों ने सवाल भी खड़े किए।
सात कंप्यूटर ऑपरेटरों की बदली तैनाती
आगरा। नगर निगम में टेंडर घोटाले के बाद नगर आयुक्त ने पूरी व्यवस्था में बदलाव किया है। लंबे समय से एक ही जगह तैनात आउटसोर्स कंप्यूटर ऑपरेटरों की तैनाती में फेरबदल किया गया है। इनके वर्तमान पटल और विभागों में फेरबदल करते हुए नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य के आदेश पर अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने सातों कंप्यूटर ऑपरेटरों के तबादले की सूची जारी की। अपर नगर आयुक्त ने बताया कि विभागीय कार्यव्यवस्था के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इनमें सुरेंद्र जयंत को लोहामंडी जोन के अभियंत्रण विभाग से गृहकर लोहामंडी जोनल कार्यालय, अमित द्विवेदी को गृहकर लोहामंडी जोनल कार्यालय से मुख्य अभियंता कार्यालय भेजा है।
अतेंद्र यादव को ई-टेंडरिंग कार्यालय से गृहकर ताजगंज जोनल कार्यालय में तैनात किया गया है। हर्षपाल को हरीपर्वत जोन के अभियंत्रण विभाग से ई-टेंडरिंग कार्यालय, मुकुल शर्मा को मुख्य अभियंता कार्यालय से जन्म-मृत्यु पंजीकरण कार्यालय, छत्ता जोन और ध्रुव चौहान को ताजगंज जोनल कार्यालय के गृहकर विभाग से हरीपर्वत जोन के अभियंत्रण विभाग में नई तैनाती दी गई है।
दिलीप कुशवाह को छत्ता जोन के जन्म-मृत्यु पंजीकरण कार्यालय से लोहामंडी जोन के अभियंत्रण विभाग में स्थानांतरित किया गया है। ब्यूरो