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पार्सल बोगी से 27 लाख रुपये का मॉल उड़ाने वाले बदमाश पकड़े गए
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आगरा। ट्रेन की एसएलआर बोगी से माल पार करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के छह सदस्यों को आरपीएफ -जीआरपी संयुक्त की टीम ने पकड़ा है। इनके पास से 27 लाख रुपये की मोबाइल एसेसरीज बरामद की गई है। गिरोह के सदस्य चलती ट्रेनों की पार्सल बोगियों से माल चोरी करते हैं। इनके खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
ट्रेन संख्या (02615) जीटी एक्सप्रेस चेन्नई से नई दिल्ली जाती है। 30 जुलाई को ट्रेन की पार्सल बोगी से मोबाइल की डिस्प्ले दिल्ली भेजी जा रही थीं। जब ट्रेन नई दिल्ली पहुंची तो उसमें मोबाइल डिस्प्ले और अन्य एसेसरीज के कार्टून नहीं थे।
आरपीएफ ने जब इसकी जांच की तो पता चला कि आगरा के बिल्लोचपुरा स्टेशन पर रात साढे़ तीन से चार बजे के बीच चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकी गई थी। ऐसे में यहीं चोरी हुई होगी। इसके बाद आरपीएफ आगरा कैंट की डिटेक्टिव विंग को मामले की जांच सौंपी गई।
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आरपीएफ के कमांडेंट पीके पंडा ने बताया कि आरपीएफ की टीम ने रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग चेक की। इसमें राजा की मंडी रेलवे स्टेशन से ट्रेन में सवार होने वालों में तीन संदिग्ध दिखे। बदमाशों की दूसरी टीम बिल्लोचपुरा पर पहले से तैयार थी। जैसे ही ट्रेन बिल्लोचपुरा पर पहुंची। उन्होंने चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोक दिया और मोबाइल डिस्प्ले के 18 कार्टून चोरी कर लिए।
कमांडेंट ने बताया कि इनकी दो टीमें काम करती हैं। एक टीम ट्रेन में चलती है, जबकि दूसरी टीम चोरी के माल को ले जाने के लिए पहले से तैयार रहती है। पहले से तय जगह पर ये चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोकते हैं या फिर चलती ट्रेन से माल को बाहर फेंक देते हैं। इसके बाद इनकी दूसरी टीम माल को ले जाती है।
दिल्ली से पकडे़ गैंग के छह सदस्य
फुटेज मिलने के बाद आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने इन चोरों के बारे में दूसरे थानों से जानकारी जुटाई। सर्विलांस टीम की मदद से इनकी लोकेशन नई दिल्ली के गुर्जर चौक के आसपास मिली। आरपीएफ की टीम ने माल उड़ाने वाले छह अभियुक्तों को पकड़ा। पकड़े गए आरोपियों में मोहम्मद अकबर, पूरन सलाउद्दीन शाहिद, मोहम्मद इमरान निवासीगण नई दिल्ली व वकील खां निवासी साहिबाबाद, गाजियाबाद हैं। कमांडेंट ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई में आरपीएफ कैंट इंस्पेक्टर सुरेेंद्र सिंह व जीआरपी इंस्पेक्टर संजय खरवार का भी सहयोग रहा।
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ट्रेन संख्या (02615) जीटी एक्सप्रेस चेन्नई से नई दिल्ली जाती है। 30 जुलाई को ट्रेन की पार्सल बोगी से मोबाइल की डिस्प्ले दिल्ली भेजी जा रही थीं। जब ट्रेन नई दिल्ली पहुंची तो उसमें मोबाइल डिस्प्ले और अन्य एसेसरीज के कार्टून नहीं थे।
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आरपीएफ ने जब इसकी जांच की तो पता चला कि आगरा के बिल्लोचपुरा स्टेशन पर रात साढे़ तीन से चार बजे के बीच चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकी गई थी। ऐसे में यहीं चोरी हुई होगी। इसके बाद आरपीएफ आगरा कैंट की डिटेक्टिव विंग को मामले की जांच सौंपी गई।
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आरपीएफ के कमांडेंट पीके पंडा ने बताया कि आरपीएफ की टीम ने रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग चेक की। इसमें राजा की मंडी रेलवे स्टेशन से ट्रेन में सवार होने वालों में तीन संदिग्ध दिखे। बदमाशों की दूसरी टीम बिल्लोचपुरा पर पहले से तैयार थी। जैसे ही ट्रेन बिल्लोचपुरा पर पहुंची। उन्होंने चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोक दिया और मोबाइल डिस्प्ले के 18 कार्टून चोरी कर लिए।
कमांडेंट ने बताया कि इनकी दो टीमें काम करती हैं। एक टीम ट्रेन में चलती है, जबकि दूसरी टीम चोरी के माल को ले जाने के लिए पहले से तैयार रहती है। पहले से तय जगह पर ये चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोकते हैं या फिर चलती ट्रेन से माल को बाहर फेंक देते हैं। इसके बाद इनकी दूसरी टीम माल को ले जाती है।
दिल्ली से पकडे़ गैंग के छह सदस्य
फुटेज मिलने के बाद आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने इन चोरों के बारे में दूसरे थानों से जानकारी जुटाई। सर्विलांस टीम की मदद से इनकी लोकेशन नई दिल्ली के गुर्जर चौक के आसपास मिली। आरपीएफ की टीम ने माल उड़ाने वाले छह अभियुक्तों को पकड़ा। पकड़े गए आरोपियों में मोहम्मद अकबर, पूरन सलाउद्दीन शाहिद, मोहम्मद इमरान निवासीगण नई दिल्ली व वकील खां निवासी साहिबाबाद, गाजियाबाद हैं। कमांडेंट ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई में आरपीएफ कैंट इंस्पेक्टर सुरेेंद्र सिंह व जीआरपी इंस्पेक्टर संजय खरवार का भी सहयोग रहा।