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Agra News: महापौर ने नगर आयुक्त को दिए कमेटी गठित कर जांच के आदेश
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आगरा। हेमा पेट्रोल पंप से पश्चिमपुरी चौराहे तक सड़क चौड़ीकरण व डामरीकरण एवं इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाने के कार्य में हुई गड़बड़ी की जांच के लिए महापौर हेमलता दिवाकर हरकत में आ गई हैं। महापौर ने नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल को पत्र लिखकर कमेटी गठित कर प्रकरण की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
अमर उजाला ने रविवार को घोटाला... 53 लाख में बननी थी सड़क, खर्च किये एक करोड़ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर निगम में हुए काम में हुई घपले को उजागर किया था। 15वें वित्त आयोग के फंड से हुए इस काम में 53 लाख रुपये की स्वीकृति वित्त आयोग की कमेटी ने दी थी। वहीं, नगर निगम ने इस एक कार्य को दो में बांटकर करीब 1.50 करोड़ के टेंडर जारी कर दिए। निविदाएं आमंत्रित करने के बाद करीब एक करोड़ रुपये से ज्यादा में कामों को मैसर्स अक्षत कंस्ट्रक्शन और मैसर्स एसके विरानी फर्म को आवंटित कर पूरा करा लिया और भुगतान कर दिया। खबर प्रकाशित होने के बाद महापौर ने खबर का संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने के लिए तत्काल कमेटी बनाकर जांच आख्या भेजने को कहा है। खास बात यह है कि महापौर ने इस पत्र के नगर आयुक्त को पूर्व में भेजे गए दो और पत्रों के रिफरेंस भेजे हैं। कहा गया है कि उन्होंने खुद भी 15वें वित्त आयोग की सक्षम कमेटी की स्वीकृति के बाद अपने स्तर से स्वीकृत आगणनों को फिर से रिवाइज कराकर बिना सक्षम कमेटी के पास भेजने पर सवाल उठाए थे।
कार्य का भौतिक सत्यापन करेंगी महापौर
पत्र के साथ ही महापौर ने सवालों के घेरे में आए दोनों कार्यों की भौतिक जांच का फैसला किया है। उन्होंने नगर आयुक्त को खुद इस निरीक्षण के दौरान उनके साथ मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अब तक बिना कमेटी की मंजूरी के अपने स्तर से संशोधित आगणन वाले कार्यों की पूरी सूची मांगी है।
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अमर उजाला ने रविवार को घोटाला... 53 लाख में बननी थी सड़क, खर्च किये एक करोड़ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर निगम में हुए काम में हुई घपले को उजागर किया था। 15वें वित्त आयोग के फंड से हुए इस काम में 53 लाख रुपये की स्वीकृति वित्त आयोग की कमेटी ने दी थी। वहीं, नगर निगम ने इस एक कार्य को दो में बांटकर करीब 1.50 करोड़ के टेंडर जारी कर दिए। निविदाएं आमंत्रित करने के बाद करीब एक करोड़ रुपये से ज्यादा में कामों को मैसर्स अक्षत कंस्ट्रक्शन और मैसर्स एसके विरानी फर्म को आवंटित कर पूरा करा लिया और भुगतान कर दिया। खबर प्रकाशित होने के बाद महापौर ने खबर का संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने के लिए तत्काल कमेटी बनाकर जांच आख्या भेजने को कहा है। खास बात यह है कि महापौर ने इस पत्र के नगर आयुक्त को पूर्व में भेजे गए दो और पत्रों के रिफरेंस भेजे हैं। कहा गया है कि उन्होंने खुद भी 15वें वित्त आयोग की सक्षम कमेटी की स्वीकृति के बाद अपने स्तर से स्वीकृत आगणनों को फिर से रिवाइज कराकर बिना सक्षम कमेटी के पास भेजने पर सवाल उठाए थे।
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कार्य का भौतिक सत्यापन करेंगी महापौर
पत्र के साथ ही महापौर ने सवालों के घेरे में आए दोनों कार्यों की भौतिक जांच का फैसला किया है। उन्होंने नगर आयुक्त को खुद इस निरीक्षण के दौरान उनके साथ मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अब तक बिना कमेटी की मंजूरी के अपने स्तर से संशोधित आगणन वाले कार्यों की पूरी सूची मांगी है।
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