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मंडी समिति में ठहराए ढाई हजार मजदूर
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मथुरा। कोसीकलां में मजदूरों को नाश्ता वितरित करते सेवाभावी लोग।
- फोटो : KOSI
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कोसीकलां (मथुरा)। लॉकडाउन के दौरान हरियाणा की ओर से आ रहे मजदूरों के जत्थे को जनपद की सीमा में प्रवेश करने की जानकारी होते ही जिले के आला अधिकारी वहां पहुंच गए। अधिकारियों ने करीब ढाई हजार मजदूरों को मंडी समिति परिसर में ठहराकर उनके गंतव्य तक जाने की लिए बसों की व्यवस्था की। इतना ही मजदूरों के लिए भोजन की व्यवस्था करने के लिए सेवाभावी लोग आगे आ गए।
डीएम सर्वज्ञराम, एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर, चेयरमैन नरेंद्र गुर्जर, एसडीएम डॉ. सुरेश कुमार फोर्स सहित वहां पहुंच गए। अधिकारियों ने करमन-कोटवन बॉर्डर पर जाकर मजदूरों को देखा तो उनके जत्थे के जत्थे जनपद की सीमा में प्रवेश कर रहे थे। रात्रि में चेयरमैन नरेंद्र गुर्जर ने मजदूरों के लिए खाने एवं पानी की व्यवस्था कराई। अधिकारियों ने रोडवेज अधिकारियों से वार्ता कर 12 बस कोसी मंगवाईं, जिनमें से दो बसों से मजदूर रात्रि में आगरा एवं इटावा के लिए रवाना कर दिए। शुक्रवार की सुबह जब नगरवासियों को परेशान मजदूरों को मंडी में रुके होने की जानकारी मिली तो पहुंच गए।
आरएसएस, भाजपा कार्यकर्ता व अन्य ने खिचड़ी तैयार कर सभी को वितरित की। बाद में स्वास्थ्य विभाग की टीम मजदूरों की जांच में जुट गई और जांच के बाद बाकी को रवाना करने की कार्रवाई की जा रही थी। तरुण सेठ, केके अग्रवाल, धर्मवीर शर्मा, अजय गोयंका, रामवीर चौधरी, राकेश शर्मा, हरीमोहन सैनी, राजीव अग्रवाल, हरीश अग्रवाल, कमल किशोर वार्ष्णेय थे।
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किराए को लेकर कहासुनी
मंडी समिति परिसर में रुके मजदूरों को अपने गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रोडवेज बसों में किराया कौन अदा करे इसको लेकर भ्रम की स्थिति बनी रही। यात्रियों और परिचालक के मध्य कहासुनी भी हुई।
- सभी मजदूरों को वाहन की व्यवस्था कर गंतव्य तक पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन हर संभव मदद को तैयार है।
-सर्वज्ञराम मिश्र, जिलाधिकारी
- राजमार्ग से गुजरने वाले ऐसे लोगों की मदद के लिए अधीनस्थों को निर्देशित किया जा चुका है। पुलिस उनकी मदद करे। इसके लिए उन्होंने राजमार्ग पर स्थित चौकी, थानों की व्यवस्थाओं को परखा।
-डॉ. गौरव ग्रोवर, एसएसपी
मंडी में एकत्रित मजदूरों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए प्रशासन ने 12 बसों की मांग की थी, रात्रि में बस मंडी समिति परिसर पहुंच गईं। ज्यादातर बसों को झांसी जाना था, इसलिए मध्यप्रदेश, राजस्थान होकर झांसी जाना संभव नहीं था। इटावा होकर बस झांसी जाएंगी, इसलिए यात्रियों को किराया ज्यादा देना होगा। - विनोद शुक्ला, एआरएम, मथुरा डिपो
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डीएम सर्वज्ञराम, एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर, चेयरमैन नरेंद्र गुर्जर, एसडीएम डॉ. सुरेश कुमार फोर्स सहित वहां पहुंच गए। अधिकारियों ने करमन-कोटवन बॉर्डर पर जाकर मजदूरों को देखा तो उनके जत्थे के जत्थे जनपद की सीमा में प्रवेश कर रहे थे। रात्रि में चेयरमैन नरेंद्र गुर्जर ने मजदूरों के लिए खाने एवं पानी की व्यवस्था कराई। अधिकारियों ने रोडवेज अधिकारियों से वार्ता कर 12 बस कोसी मंगवाईं, जिनमें से दो बसों से मजदूर रात्रि में आगरा एवं इटावा के लिए रवाना कर दिए। शुक्रवार की सुबह जब नगरवासियों को परेशान मजदूरों को मंडी में रुके होने की जानकारी मिली तो पहुंच गए।
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आरएसएस, भाजपा कार्यकर्ता व अन्य ने खिचड़ी तैयार कर सभी को वितरित की। बाद में स्वास्थ्य विभाग की टीम मजदूरों की जांच में जुट गई और जांच के बाद बाकी को रवाना करने की कार्रवाई की जा रही थी। तरुण सेठ, केके अग्रवाल, धर्मवीर शर्मा, अजय गोयंका, रामवीर चौधरी, राकेश शर्मा, हरीमोहन सैनी, राजीव अग्रवाल, हरीश अग्रवाल, कमल किशोर वार्ष्णेय थे।
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किराए को लेकर कहासुनी
मंडी समिति परिसर में रुके मजदूरों को अपने गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रोडवेज बसों में किराया कौन अदा करे इसको लेकर भ्रम की स्थिति बनी रही। यात्रियों और परिचालक के मध्य कहासुनी भी हुई।
- सभी मजदूरों को वाहन की व्यवस्था कर गंतव्य तक पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन हर संभव मदद को तैयार है।
-सर्वज्ञराम मिश्र, जिलाधिकारी
- राजमार्ग से गुजरने वाले ऐसे लोगों की मदद के लिए अधीनस्थों को निर्देशित किया जा चुका है। पुलिस उनकी मदद करे। इसके लिए उन्होंने राजमार्ग पर स्थित चौकी, थानों की व्यवस्थाओं को परखा।
-डॉ. गौरव ग्रोवर, एसएसपी
मंडी में एकत्रित मजदूरों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए प्रशासन ने 12 बसों की मांग की थी, रात्रि में बस मंडी समिति परिसर पहुंच गईं। ज्यादातर बसों को झांसी जाना था, इसलिए मध्यप्रदेश, राजस्थान होकर झांसी जाना संभव नहीं था। इटावा होकर बस झांसी जाएंगी, इसलिए यात्रियों को किराया ज्यादा देना होगा। - विनोद शुक्ला, एआरएम, मथुरा डिपो